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पोलियो ड्राप पिलाने का विरोध, प्रधानपति को पीटा
Rampur
Updated Fri, 09 Nov 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। बहिष्कार के बावजूद दवा पिलवाने का समर्थन करना मिलक चिकना की प्रधान के पति को महंगा पड़ गया। ग्रामीणों ने पोलियो टीम की मौजूदगी में ही जमकर पिटाई कर डाली। मारपीट होते देख पोलियो टीम के साथ ही अन्य अफसर व कर्मचारी खिसक लिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शाहबाद रोड स्थित चिकना के मझरा मिलक विकास के मामले में फिसड्डी है। इससे नाराज लोगों ने रविवार को बूथ दिवस के मौके पर भी ग्रामीणों ने अभियान का विरोध करते हुए बहिष्कार कर दिया था। बूथ डे पर एक भी बच्चे को यहां दवा नहीं पिलाने दी गई थी। गांव में ही धरना प्रदर्शन और हंगामा किया था। लोगों ने स्वास्थ्य अधिकारी और यूनिसेफ अधिकारियों की एक नहीं सुनी। थी। बृहस्पतिवार को डोर टू डोर अभियान के तहत गांव में पोलियो की टीम पहुंची। ग्रामीणों ने फिर पोलियो टीम का विरोध किया। पोलियो टीम की सूचना पर गांव की प्रधान के पति रमेश चंद्र भी पहुंच गए। प्रधान पति ने दवा पिलवाने को कहा तो ग्रामीण भड़क गए। पहले नोकझोंक हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। मारपीट में रमेश चंद्र का पैर फ्रैक्चर हो गया। बवाल की सूचना पर पुलिस पहुंच गई और तब जाकर हंगामा शांत हुआ। प्रधानपति ने पुलिस में तहरीर दे दी है। घटना के बाद यहां से टीम भी खिसक ली।
क्यों है विरोध
मिलक मझरा के ग्रामीणों की मानें तो चिकना गांव की तरह मझरे का भी विकास नहीं हुआ है। सड़क, बिजली, पानी सभी की समस्या है। गांव में जो भी योजना आती है, ग्रामप्रधान की मिली भगत से उसका क्रियान्वयन नहीं किया जाता है। जिससे गांव का विकास रुक सा गया है। पोलियो अभियान का विरोध नहीं है, मुख्य मकसद विकास की पोल खोलना है।
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शाहबाद रोड स्थित चिकना के मझरा मिलक विकास के मामले में फिसड्डी है। इससे नाराज लोगों ने रविवार को बूथ दिवस के मौके पर भी ग्रामीणों ने अभियान का विरोध करते हुए बहिष्कार कर दिया था। बूथ डे पर एक भी बच्चे को यहां दवा नहीं पिलाने दी गई थी। गांव में ही धरना प्रदर्शन और हंगामा किया था। लोगों ने स्वास्थ्य अधिकारी और यूनिसेफ अधिकारियों की एक नहीं सुनी। थी। बृहस्पतिवार को डोर टू डोर अभियान के तहत गांव में पोलियो की टीम पहुंची। ग्रामीणों ने फिर पोलियो टीम का विरोध किया। पोलियो टीम की सूचना पर गांव की प्रधान के पति रमेश चंद्र भी पहुंच गए। प्रधान पति ने दवा पिलवाने को कहा तो ग्रामीण भड़क गए। पहले नोकझोंक हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। मारपीट में रमेश चंद्र का पैर फ्रैक्चर हो गया। बवाल की सूचना पर पुलिस पहुंच गई और तब जाकर हंगामा शांत हुआ। प्रधानपति ने पुलिस में तहरीर दे दी है। घटना के बाद यहां से टीम भी खिसक ली।
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क्यों है विरोध
मिलक मझरा के ग्रामीणों की मानें तो चिकना गांव की तरह मझरे का भी विकास नहीं हुआ है। सड़क, बिजली, पानी सभी की समस्या है। गांव में जो भी योजना आती है, ग्रामप्रधान की मिली भगत से उसका क्रियान्वयन नहीं किया जाता है। जिससे गांव का विकास रुक सा गया है। पोलियो अभियान का विरोध नहीं है, मुख्य मकसद विकास की पोल खोलना है।
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