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मनरेगा में मानव दिवस सृजन व भुगतान में लापरवाही पर कार्रवाई का डंडा
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:50 PM IST
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रामपुर। मिलक ब्लॉक में मनरेगा की खराब स्थिति पर कार्रवाई का डंडा चला है। लक्ष्य के सापेक्ष मानव दिवस सृजित न करने और श्रमिकों के भुगतान में लापरवाही पर श्रम रोजगार उपायुक्त ने एपीओ के वेतन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही तकनीकी सहायकों के मानदेय पर रोक लगाते हुए रोजगार सेवकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अमर उजाला में 2 नवंबर के अंक में मनरेगा में मानव दिवस सृजन और श्रमिकों को भुगतान की स्थिति पर खबर प्रकाशित की गई थी। जिसमें मिलक ब्लॉक की स्थिति काफी खराब थी। मनरेगा वेबसाइट पर 31 अक्तूबर तक के अपलोड भौतिक प्रगति के अनुसार मिलक ब्लॉक में 69.63 फीसदी मानव दिवस ही लक्ष्य के सापेक्ष सृजित हो सके। वहीं भुगतान में हालात इससे भी बुरे हैं, मनरेगा श्रमिकों में 58.56 फीसदी का भुगतान लंबित है। मिलक की 129 ग्राम पंचायतों में से मात्र 76 ग्राम पंचायतों में ही मनरेगा के तहत कार्य कराया गया। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद श्रम रोजगार उपायुक्त (डीसी-मनरेगा) प्रभुदयाल ने मामले को गंभीरता से लेतेहुए लापरवाही पर कार्रवाई का डंडा चलाया है। कार्रवाई में मिलक ब्लॉक के एपीओ अमित चौरसिया के वेतन और तकनीकी सहायकों के मानदेय पर रोक लगा दी है। साथ ही मिलक ब्लॉक के 53 रोजगार सेवकों को कारण बताओ नोटिस भी भेजे गए हैं। इस संबंध में कार्रवाई करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को भी अवगत करा दिया गया है।
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