{"_id":"5b9810f2867a557eab5ac36a","slug":"71536692466-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भता बंद तो आधे से भी कम रह गए बेरोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भता बंद तो आधे से भी कम रह गए बेरोजगार
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। रोजगार दफ्तर के माध्यम से सरकारी विभाग में नौकरी पाने की आस धूमिल होती नजर आ रही है। पांच साल पहले भत्ते की आस में 35 हजार बेरोजगार पंजीकृत हो गए,जबकि अब न तो भत्ता मिल रहा है और न ही सरकारी नौकरी। ऐसी हालत में रोजगार दफ्तर निजी कंपनियों से समन्वय बनाकर बेरोजगारों को रोजगार दिलाने की जद्दोजहद में लगा हुआ है।
बेरोजगारों को रोजगार दिलाने में सहयोग प्रदान करने के लिए जिला सेवायोजन विभाग की ओर से बेरोजगारों का पंजीकरण कराया जाता है और पंजीकृत अभ्यर्थी को सरकारी और निजी स्थानों पर नौकरी दिलाने के लिए भरपूर प्रयास करता है। इसके लिए अभ्यर्थियों को बकायदा गाइड भी किया जाता है। समाजवादी पार्टी की सरकार में चलाई गई बेरोजगारी भत्ता देने की योजना जब आई तब उस वक्त बेरोजगारों के पंजीकरण की होड़ लग गई। इस दौरान साल भर में 35 हजार बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया था,जिसमें करीब 12 हजार बेरोजगारों को रोजगार भत्ता भी दिया गया। मगर, बाद में इस योजना के खत्म होने के साथ ही बेरोजगारों का रोजगार दफ्तर में पंजीकरण के प्रति रूझान भी कम हो गया। जिला सेवा योजन विभाग में फिलहाल 14322 बेरोजगार ही पंजीकृत रह गए हैं। इन बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए निजी कंपनियों से समन्वय बनाने की कोशिश की गई है। निजी कंपनियों के भरोसे नौ माह में केवल 450 बेरोजगारों को निजी कंपनियों में नौकरी दिलवाई जा सकी है। अब सेवायोजन विभाग की ओर से सरकारी विभागों में नौकरी नहीं दिलाई जा रही है। यानि निजी कंपनियों में ही युवाओं को रोजगार दिलाने की कोशिश विभाग की ओर से जा रही है। कार्यवाहक जिला सेवायोजन अधिकारी राजीव गुप्ता का कहना है कि निजी कंपनियों के माध्यम से नौ माह के भीतर 450 युवाओं को रोजगार दिलाया गया है।
विज्ञापन
बेरोजगारों को रोजगार दिलाने में सहयोग प्रदान करने के लिए जिला सेवायोजन विभाग की ओर से बेरोजगारों का पंजीकरण कराया जाता है और पंजीकृत अभ्यर्थी को सरकारी और निजी स्थानों पर नौकरी दिलाने के लिए भरपूर प्रयास करता है। इसके लिए अभ्यर्थियों को बकायदा गाइड भी किया जाता है। समाजवादी पार्टी की सरकार में चलाई गई बेरोजगारी भत्ता देने की योजना जब आई तब उस वक्त बेरोजगारों के पंजीकरण की होड़ लग गई। इस दौरान साल भर में 35 हजार बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया था,जिसमें करीब 12 हजार बेरोजगारों को रोजगार भत्ता भी दिया गया। मगर, बाद में इस योजना के खत्म होने के साथ ही बेरोजगारों का रोजगार दफ्तर में पंजीकरण के प्रति रूझान भी कम हो गया। जिला सेवा योजन विभाग में फिलहाल 14322 बेरोजगार ही पंजीकृत रह गए हैं। इन बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए निजी कंपनियों से समन्वय बनाने की कोशिश की गई है। निजी कंपनियों के भरोसे नौ माह में केवल 450 बेरोजगारों को निजी कंपनियों में नौकरी दिलवाई जा सकी है। अब सेवायोजन विभाग की ओर से सरकारी विभागों में नौकरी नहीं दिलाई जा रही है। यानि निजी कंपनियों में ही युवाओं को रोजगार दिलाने की कोशिश विभाग की ओर से जा रही है। कार्यवाहक जिला सेवायोजन अधिकारी राजीव गुप्ता का कहना है कि निजी कंपनियों के माध्यम से नौ माह के भीतर 450 युवाओं को रोजगार दिलाया गया है।
विज्ञापन