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सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन धंसी
Updated Thu, 03 Aug 2017 09:54 PM IST
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रामपुर बुशहर।
रामपुर खंड की नरैण पंचायत में बरसात ने ग्रामीणों और सेब उत्पादकों को खासा नुकसान पहुंचाया है। बारिश के बाद भूस्खलन से मंगलवार रात को जहां 30 मीटर सड़क धंसने से कई मकानों को खतरा पैदा हो गया था, वहीं अब इसी पंचायत के तहत बन रही चाशनी-मडोग सड़क धंसने से सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि धंस गई है। क्षेत्र के कई ग्रामीणों के सेब और अन्य फलदार पौधे भी भूस्खलन की चपेट में आ गए।
ग्रामीण इस नुकसान का ठीकरा सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार पर फोड़ रहे हैं। चाशनी-मडोग सड़क की लंबाई तीन किलोमीटर है। ग्रामीणों ने कहा कि जब ठेकेदार ने इस सड़क को बनाने का काम शुरू किया था तो उसे पहले ही अवगत करवा दिया था कि इस क्षेत्र में भारी बरसात होती है। ऐसे में सड़क की जितनी कटिंग होती है, उतने में उसी समय डंगा लगना जरूरी है। लेकिन ठेकेदार ने ऐसा न कर एक साथ पूरी सड़क की कटिंग कर दी और अब बरसात में ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन धंस गई है। इस सड़क के धंसने से क्षेत्र के 18 ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। इनमें हीरा सिंह चौहान, वीर सैन मेहता, पप्पी, चुन्नी लाल, सतीश चौहान, राजा राम, जय गोपाल, तुला राम, धर्म दास, रामरतन, संत लाल आदि शामिल हैं। इन ग्रामीणों का कहना है कि जब इस सड़क को खोलने का प्रस्ताव था तो उन्होंने अपनी उपजाऊ जमीन का कुछ हिस्सा गिफ्ट डीड के तौर पर दिया था, ताकि लोगों को सड़क सुविधा मिल सके। अब पूरी उपजाऊ जमीन धंस गई है। यहां तक कि फलदार पौधे भी सड़क में आ गए हैं, जिन्हें फिर से खड़ा करना मुश्किल है। ऐसे में सड़क निर्माण से ग्रामीणों पर दोहरी मार पड़ी है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। विभाग ने भी इस पर गौर नहीं किया कि मौके पर कटिंग के बाद एकदम से डंगे लगाए जाएं। अब पूरे खेत और बागीचे सड़क के बीच में आ गए हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग तकलेच के एसडीओ सतीश कुमार ने कहा कि जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ है, वहां स्थिति पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। जिन स्थानों पर सड़क धंस रही है, वहां सुरक्षा दीवार लगाई जाएगी।
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रामपुर खंड की नरैण पंचायत में बरसात ने ग्रामीणों और सेब उत्पादकों को खासा नुकसान पहुंचाया है। बारिश के बाद भूस्खलन से मंगलवार रात को जहां 30 मीटर सड़क धंसने से कई मकानों को खतरा पैदा हो गया था, वहीं अब इसी पंचायत के तहत बन रही चाशनी-मडोग सड़क धंसने से सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि धंस गई है। क्षेत्र के कई ग्रामीणों के सेब और अन्य फलदार पौधे भी भूस्खलन की चपेट में आ गए।
ग्रामीण इस नुकसान का ठीकरा सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार पर फोड़ रहे हैं। चाशनी-मडोग सड़क की लंबाई तीन किलोमीटर है। ग्रामीणों ने कहा कि जब ठेकेदार ने इस सड़क को बनाने का काम शुरू किया था तो उसे पहले ही अवगत करवा दिया था कि इस क्षेत्र में भारी बरसात होती है। ऐसे में सड़क की जितनी कटिंग होती है, उतने में उसी समय डंगा लगना जरूरी है। लेकिन ठेकेदार ने ऐसा न कर एक साथ पूरी सड़क की कटिंग कर दी और अब बरसात में ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन धंस गई है। इस सड़क के धंसने से क्षेत्र के 18 ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। इनमें हीरा सिंह चौहान, वीर सैन मेहता, पप्पी, चुन्नी लाल, सतीश चौहान, राजा राम, जय गोपाल, तुला राम, धर्म दास, रामरतन, संत लाल आदि शामिल हैं। इन ग्रामीणों का कहना है कि जब इस सड़क को खोलने का प्रस्ताव था तो उन्होंने अपनी उपजाऊ जमीन का कुछ हिस्सा गिफ्ट डीड के तौर पर दिया था, ताकि लोगों को सड़क सुविधा मिल सके। अब पूरी उपजाऊ जमीन धंस गई है। यहां तक कि फलदार पौधे भी सड़क में आ गए हैं, जिन्हें फिर से खड़ा करना मुश्किल है। ऐसे में सड़क निर्माण से ग्रामीणों पर दोहरी मार पड़ी है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। विभाग ने भी इस पर गौर नहीं किया कि मौके पर कटिंग के बाद एकदम से डंगे लगाए जाएं। अब पूरे खेत और बागीचे सड़क के बीच में आ गए हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग तकलेच के एसडीओ सतीश कुमार ने कहा कि जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ है, वहां स्थिति पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। जिन स्थानों पर सड़क धंस रही है, वहां सुरक्षा दीवार लगाई जाएगी।
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