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रामपुर में प्रतिदिन लैब में 500 सैंपलों की जांच होगी
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रामपुर। जिला अस्पताल में बनाई गई बीएसएल-टू प्रयोगशाला में कोविड-19 की आरटीपीसीआर लैब में अब प्रतिदिन 500 जांच होंगी। जबकि, अब तक 200 जांच होती थीं और बाकी सैंपलों को नोएडा लैब भेजा जाता था। ऐसे में से रिपोर्ट आने में समय लगता था, लेकिन अब जांच रामपुर लैब में ही होंगी। 12 घंटे के भीतर लोगों की रिपोर्ट भी आ जाएगी।
कोरोना की दूसरी लहर में सैंपल की जांच रिपोर्ट की समस्या सामने आई थी। जिले में सैंपलों की एंटीजन जांच तो हो रही थी, लेकिन, आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल को बाहर भेजा जा रहा था। उस समय मेडिकल लैब में सैंपलों का लोड ज्यादा होने की वजह से रिपोर्ट आने में सप्ताहभर का समय लग रहा था, जिसका परिणाम यह हो रहा था कि जिसमें संक्रमण की पुष्टि हो रही थी, वो सप्ताह भर में कई और लोगों को संक्रमित कर रहा था। सरकार की मंशा के अनुरूप जिला चिकित्सालय में बीएसएल-टू लैब बनाई गई, ताकि समय से संक्रमण का पता चलने पर उसके फैलाव को रोका जा सके।
लैब संचालन के लिए एक नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, तीन लैब टेक्नीशियन एवं एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई। इसके बाद लैब में जांच शुरूआत की गई। शुरू में 20 सैंपल की जांच हो रही थी। इसके बाद इसे बढ़ाकर 94 किया गया था। लेकिन, कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने के बाद भी लैब में 200 सैंपलों की ही जांच हो पा रही थी। जबकि, संक्रमण की रफ्तार अधिक थी। ऐसे में बाकी सैंपलों को जांच के लिए नोएडा भेजा जाता था। जहां से रिपोर्ट आने में 24 घंटे का समय लगता था, किंतु, अब जिले में प्रतिदिन 500 सैंपलों की जांच हो जाएगी। इसके बाद नोएडा सैंपल भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, रिपोर्ट भी 12 घंटे के भीतर आ जाएगी।
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कोरोना की दूसरी लहर में सैंपल की जांच रिपोर्ट की समस्या सामने आई थी। जिले में सैंपलों की एंटीजन जांच तो हो रही थी, लेकिन, आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल को बाहर भेजा जा रहा था। उस समय मेडिकल लैब में सैंपलों का लोड ज्यादा होने की वजह से रिपोर्ट आने में सप्ताहभर का समय लग रहा था, जिसका परिणाम यह हो रहा था कि जिसमें संक्रमण की पुष्टि हो रही थी, वो सप्ताह भर में कई और लोगों को संक्रमित कर रहा था। सरकार की मंशा के अनुरूप जिला चिकित्सालय में बीएसएल-टू लैब बनाई गई, ताकि समय से संक्रमण का पता चलने पर उसके फैलाव को रोका जा सके।
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लैब संचालन के लिए एक नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, तीन लैब टेक्नीशियन एवं एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई। इसके बाद लैब में जांच शुरूआत की गई। शुरू में 20 सैंपल की जांच हो रही थी। इसके बाद इसे बढ़ाकर 94 किया गया था। लेकिन, कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने के बाद भी लैब में 200 सैंपलों की ही जांच हो पा रही थी। जबकि, संक्रमण की रफ्तार अधिक थी। ऐसे में बाकी सैंपलों को जांच के लिए नोएडा भेजा जाता था। जहां से रिपोर्ट आने में 24 घंटे का समय लगता था, किंतु, अब जिले में प्रतिदिन 500 सैंपलों की जांच हो जाएगी। इसके बाद नोएडा सैंपल भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, रिपोर्ट भी 12 घंटे के भीतर आ जाएगी।
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