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उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश जरूरी: डॉ. मुस्तफा
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रामपुर। नालसर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद के वाइस चांसलर डॉ. फैजान मुस्तफा ने कहा है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है। इसकी वजह यह है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हमारा बजट घटता जा रहा है। हम अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का मात्र तीन फीसदी हिस्सा उच्च शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को बांड और शेयर जारी करने की इजाजत मिलनी चाहिए, उनको कंपनी का दर्जा दिया जाना चाहिए।
डॉ. मुस्तफा रविवार को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए मोहम्मद आजम खां को बधाई दी। कहा कि सर सैय्यद ने जब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी तो ब्रिटिश हुकूमत ने सहयोग दिया था, लेकिन आजम खां ने बिना किसी सरकारी सहयोग के स्थापना की। डॉ. मुस्तफा ने कहा कि हमारे यहां निजी विश्वविद्यालयों को उतनी स्वतंत्रता नहीं है, जितनी अमेरिका में है। इस वजह से हमारे यहां विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों की कमी है। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी असली लड़ाई अब शुरू हुई है। इस डिग्री के बल पर समाज में अच्छा स्थान हासिल करें। उन्होंने मोहम्मद अली जौहर के जीवन पर भी प्रकाश डाला और उनसे जुड़ी कई घटनाओं का उल्लेख किया।
इस मौके पर 460 विद्यार्थियों को डिग्री और 36 को मेडल प्रदान किए गए। विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आजम खां ने प्रदान किया। आजम ने अपने संबो धन विश्वविद्यालय का नींव पत्थर रखे जाने से लेकर आज तक के संघर्ष के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और स्कूल बनाने की वजह से कई लोग उनका विरोध कर रहे हैं। विश्वविद्यालय की पानी की टंकियों का कनेक्शन भी काट दिया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वह डिग्री हासिल करने के बाद समाज में एक अच्छा मुकाम हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रौशन किया। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. मोहम्मद यूनुस, रजिस्ट्रार आरए कुरैशी, प्रो चांसलर डॉ. तजीन फात्मा, सीईओ अब्दुल्ला आजम, आरके जैन, सलीम कासिम, आबिद रजा, एचटी हसन, इरफान, शाहनवाज, अफाक और एकता सहित विश्वविद्यालय के सभी विभागों के प्रमुख मौजूद रहे।
डॉ. मुस्तफा रविवार को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए मोहम्मद आजम खां को बधाई दी। कहा कि सर सैय्यद ने जब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी तो ब्रिटिश हुकूमत ने सहयोग दिया था, लेकिन आजम खां ने बिना किसी सरकारी सहयोग के स्थापना की। डॉ. मुस्तफा ने कहा कि हमारे यहां निजी विश्वविद्यालयों को उतनी स्वतंत्रता नहीं है, जितनी अमेरिका में है। इस वजह से हमारे यहां विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों की कमी है। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी असली लड़ाई अब शुरू हुई है। इस डिग्री के बल पर समाज में अच्छा स्थान हासिल करें। उन्होंने मोहम्मद अली जौहर के जीवन पर भी प्रकाश डाला और उनसे जुड़ी कई घटनाओं का उल्लेख किया।
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इस मौके पर 460 विद्यार्थियों को डिग्री और 36 को मेडल प्रदान किए गए। विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आजम खां ने प्रदान किया। आजम ने अपने संबो धन विश्वविद्यालय का नींव पत्थर रखे जाने से लेकर आज तक के संघर्ष के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और स्कूल बनाने की वजह से कई लोग उनका विरोध कर रहे हैं। विश्वविद्यालय की पानी की टंकियों का कनेक्शन भी काट दिया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वह डिग्री हासिल करने के बाद समाज में एक अच्छा मुकाम हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रौशन किया। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. मोहम्मद यूनुस, रजिस्ट्रार आरए कुरैशी, प्रो चांसलर डॉ. तजीन फात्मा, सीईओ अब्दुल्ला आजम, आरके जैन, सलीम कासिम, आबिद रजा, एचटी हसन, इरफान, शाहनवाज, अफाक और एकता सहित विश्वविद्यालय के सभी विभागों के प्रमुख मौजूद रहे।
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