{"_id":"5a47f0a34f1c1bf61b8b5de7","slug":"40-farmers-notice","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनन माफिया को बचा रहा प्रशासन, 40 किसानों को थमा दिया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खनन माफिया को बचा रहा प्रशासन, 40 किसानों को थमा दिया नोटिस
ब्यूरो अमर उजाला / रामपुर
Updated Sun, 31 Dec 2017 02:41 AM IST
विज्ञापन
रामपुर के भोट के पेमपुर में परमिट से अधिक गहराई से किया गया खनन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोसी नदी में अवैध खनन करने वाले माफिया को प्रशासन ने साफ बचा दिया। हाईकोर्ट की सख्ती के कारण अफसर खुद को बचाने के लिए नदी किनारे जमीन वाले किसानों को नोटिस थमा रहे हैं। 40 से अधिक किसानों को नोटिस थमाया गया है, इनमें बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं।
खनन के नोटिस मिलने के बाद इलाके में खलबली मची हुई है। यही किसान अवैध खनन का विरोध कर रहे थे अब उन्हें ही खनन का नोटिस थमाकर लाखों रुपये की रायल्टी जमा करने का नोटिस दिया है। उधर कोसी नदी में अवैध खनन अभी रातों रात चल रहा है।
कोसी नदी में अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट सख्त है। दढ़ियाल क्षेत्र में अवैध खनन मामले में जनहित याचिका जारी होने के बाद दो पूर्व जिलाधिकारियों को निलंबित करने के आदेश हो चुके हैं। वहीं 2015 से अब तक खनन से जुड़े रहे प्रशासन और पुलिस के अफसरों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
मंडलायुक्त मुरादाबाद जांच कर रहे हैं सभी को 4 जनवरी को तलब भी किया गया है। खास बात यह है कि प्रशासन ने स्वार और टांडा क्षेत्र में करीब चालीस से अधिक किसानों को अवैध खनन करने के आरोप में नोटिस जारी किए हैं। इनमें अधिकांश बुजुर्ग, महिलाएं किसानों के नाम है। इनकी कोसी नदी किनारे की जमीनों पर अवैध खनन करके माफिया रेता उठाकर ले गए।
यही किसान प्रशासन से शिकायत करते रहे, अब प्रशासन ने प्रभारी खनन अपर जिलाधिकारी रामभरत तिवारी की ओर से किसानों को नोटिस जारी किए हैं, इन पर अपनी जमीन में अवैध खनन का आरोप है, और इनसे लाखों रुपये की रायल्टी और जुर्माना वसूलने के आदेश किए गए हैं। किसानों में इससे खलबली मची हुई है।
विज्ञापन
खनन के नोटिस मिलने के बाद इलाके में खलबली मची हुई है। यही किसान अवैध खनन का विरोध कर रहे थे अब उन्हें ही खनन का नोटिस थमाकर लाखों रुपये की रायल्टी जमा करने का नोटिस दिया है। उधर कोसी नदी में अवैध खनन अभी रातों रात चल रहा है।
विज्ञापन
कोसी नदी में अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट सख्त है। दढ़ियाल क्षेत्र में अवैध खनन मामले में जनहित याचिका जारी होने के बाद दो पूर्व जिलाधिकारियों को निलंबित करने के आदेश हो चुके हैं। वहीं 2015 से अब तक खनन से जुड़े रहे प्रशासन और पुलिस के अफसरों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
मंडलायुक्त मुरादाबाद जांच कर रहे हैं सभी को 4 जनवरी को तलब भी किया गया है। खास बात यह है कि प्रशासन ने स्वार और टांडा क्षेत्र में करीब चालीस से अधिक किसानों को अवैध खनन करने के आरोप में नोटिस जारी किए हैं। इनमें अधिकांश बुजुर्ग, महिलाएं किसानों के नाम है। इनकी कोसी नदी किनारे की जमीनों पर अवैध खनन करके माफिया रेता उठाकर ले गए।
यही किसान प्रशासन से शिकायत करते रहे, अब प्रशासन ने प्रभारी खनन अपर जिलाधिकारी रामभरत तिवारी की ओर से किसानों को नोटिस जारी किए हैं, इन पर अपनी जमीन में अवैध खनन का आरोप है, और इनसे लाखों रुपये की रायल्टी और जुर्माना वसूलने के आदेश किए गए हैं। किसानों में इससे खलबली मची हुई है।