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नई तकनीक से बनी पनवड़िया रोड दो माह में उखड़ी
Updated Sun, 23 Sep 2018 01:13 AM IST
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रामपुर। नई तकनीक से बनी पनवड़िया रोड दो माह में ही उधड़ गई। रोग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस रोड की मरम्मत करीब पंद्रह लाख रुपये की लागत से की गई थी लेकिन गुणवत्ता की कमी के कारण यह सड़क अब पूरी तरह से खस्ताहाल हो गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया गया था। लेकिन रामपुर में यह अभियान दम तोड़ गया। करीब दो माह पूर्व सड़क को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू किया गया। इस बार सड़क ज्यादा खराब न हो और गड्ढों से निजात भी मिल जाए इसके लिए नई तकनीक सीमेंट स्टेबलाइजेशन का प्रयोग किया गया। इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। जिससे सड़क में गड्ढे न पड़े। लेकिन इसके बाद भी यह रोड दो महीन भी नहीं चल सकी। बरसात में सड़क उधड़कर फिर पहले जैसी हो गई है। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। गहरे-गहरे गड्ढों के बीच वाहन चालकों को खासा परेशानी होती है।
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सड़क को गड्ढामुक्त अभियान के तहत मरम्मत कराने का काम किया गया था। इस बार रामपुर में पहली बार सीमेंट स्टेबलाइजेशन के तहत काम किया गया है, लेकिन यह काम पूरी तरह से नहीं हुआ था। एक प्रयोग के तौर पर काम करके देखा गया था। बरसात नहीं होती या जलनिकासी की व्यवस्था होती तो सड़क में गड्ढे नहीं पड़ते। सड़क का दोबारा इस्टीमेट तैयार कर भेज दिया गया है।
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-एसके वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, रामपुर।
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प्रदेश सरकार की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया गया था। लेकिन रामपुर में यह अभियान दम तोड़ गया। करीब दो माह पूर्व सड़क को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू किया गया। इस बार सड़क ज्यादा खराब न हो और गड्ढों से निजात भी मिल जाए इसके लिए नई तकनीक सीमेंट स्टेबलाइजेशन का प्रयोग किया गया। इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। जिससे सड़क में गड्ढे न पड़े। लेकिन इसके बाद भी यह रोड दो महीन भी नहीं चल सकी। बरसात में सड़क उधड़कर फिर पहले जैसी हो गई है। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। गहरे-गहरे गड्ढों के बीच वाहन चालकों को खासा परेशानी होती है।
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सड़क को गड्ढामुक्त अभियान के तहत मरम्मत कराने का काम किया गया था। इस बार रामपुर में पहली बार सीमेंट स्टेबलाइजेशन के तहत काम किया गया है, लेकिन यह काम पूरी तरह से नहीं हुआ था। एक प्रयोग के तौर पर काम करके देखा गया था। बरसात नहीं होती या जलनिकासी की व्यवस्था होती तो सड़क में गड्ढे नहीं पड़ते। सड़क का दोबारा इस्टीमेट तैयार कर भेज दिया गया है।
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-एसके वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, रामपुर।