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पीडब्ल्यूडी ने दबाया पचास लाख का गबन
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:00 AM IST
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लोनिवी ने दबाया पचास लाख का गबन
रामपुर।
लोक निर्माण विभाग में अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ ने पटवाई घोसीपुरा मार्ग पर डबल स्वीकृति कराकर विभाग को पचास लाख का चूना लगा दिया। विभाग के सहायक अभियंता ने इस मामले में अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक से शिकायत की, लेकिन कोई अफसरों ने गबन को दबा दिया।
वर्ष 2014-15 में डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम में चयनित ग्राम घोसीपुरा उर्फ फकीरगंज के संपर्क मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से किया गया। तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग के लिए वर्ष 2014-15 में 110.69 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति हुई थी। लेकिन, अफसरों के संरक्षण में पूरी सड़क का निर्माण नहीं हो सका था, जबकि रोड निर्माण के लिए मिली धनराशि पूरी खर्च कर दी गई थी। घपलेबाजी के चलते करीब आधा किलोमीटर रोड अधूरी रह गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने वर्ष 2016-17 में इसी रोड पर दूसरी स्वीकृति कराई। ग्राम पटवाई में आबादी वाले भाग में मार्ग एवं नाली के नाम पर फिर से स्वीकृति करा ली। इसी साल मार्च में सड़क का निर्माण पूरा हो सका। गुमराह करने के लिए यह काम दो अलग-अलग ठेकेदारों से कराए गए थे। इस बाबत सहायक अभियंता महेन्द्र सिंह का आरोप है कि किसी भी मार्ग की तकनीकी स्वीकृति के बाद दूसरी स्वीकृति नहीं हो सकती। यह नियमों के विपरीत है। उन्होंने सड़क निर्माण में करीब पचास लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया था। इसको लेकर उन्होंने अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता तक से शिकायत की थी। लेकिन, अधिकारियों ने सिर्फ घोटाले को दबाने का काम किया। यहां तक कि आज तक इसकी जांच भी शुरू नहीं हो सकी है। अब एक्सईएन ने मामले को दिखवाने की बात कही है।
मैंने जल्द में ही कार्यभार संभाला है। इसलिए इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। अब मामला मेरे संज्ञान में आया है, तो इसे दिखवाया जाएगा।
संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, लोनिवि,
पटवाई घोसीपुरा मार्ग में पचास लाख रुपये का गबन किया गया है। इसमें एक कर्मचारी नेता भी शामिल है, जो सरकारी नौकरी के साथ-साथ अपरोक्ष रूप से ठेकेदारी भी करता है। गबन की शिकायत की थी, लेकिन कोई जांच नहीं हो सकी है। अब इस मामले को भी शासन तक लेकर जाएंगे।
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महेन्द्र सिंह, सहायक अभियंता, लोनिवि
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रामपुर।
लोक निर्माण विभाग में अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ ने पटवाई घोसीपुरा मार्ग पर डबल स्वीकृति कराकर विभाग को पचास लाख का चूना लगा दिया। विभाग के सहायक अभियंता ने इस मामले में अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक से शिकायत की, लेकिन कोई अफसरों ने गबन को दबा दिया।
वर्ष 2014-15 में डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम में चयनित ग्राम घोसीपुरा उर्फ फकीरगंज के संपर्क मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से किया गया। तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग के लिए वर्ष 2014-15 में 110.69 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति हुई थी। लेकिन, अफसरों के संरक्षण में पूरी सड़क का निर्माण नहीं हो सका था, जबकि रोड निर्माण के लिए मिली धनराशि पूरी खर्च कर दी गई थी। घपलेबाजी के चलते करीब आधा किलोमीटर रोड अधूरी रह गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने वर्ष 2016-17 में इसी रोड पर दूसरी स्वीकृति कराई। ग्राम पटवाई में आबादी वाले भाग में मार्ग एवं नाली के नाम पर फिर से स्वीकृति करा ली। इसी साल मार्च में सड़क का निर्माण पूरा हो सका। गुमराह करने के लिए यह काम दो अलग-अलग ठेकेदारों से कराए गए थे। इस बाबत सहायक अभियंता महेन्द्र सिंह का आरोप है कि किसी भी मार्ग की तकनीकी स्वीकृति के बाद दूसरी स्वीकृति नहीं हो सकती। यह नियमों के विपरीत है। उन्होंने सड़क निर्माण में करीब पचास लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया था। इसको लेकर उन्होंने अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता तक से शिकायत की थी। लेकिन, अधिकारियों ने सिर्फ घोटाले को दबाने का काम किया। यहां तक कि आज तक इसकी जांच भी शुरू नहीं हो सकी है। अब एक्सईएन ने मामले को दिखवाने की बात कही है।
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मैंने जल्द में ही कार्यभार संभाला है। इसलिए इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। अब मामला मेरे संज्ञान में आया है, तो इसे दिखवाया जाएगा।
संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, लोनिवि,
पटवाई घोसीपुरा मार्ग में पचास लाख रुपये का गबन किया गया है। इसमें एक कर्मचारी नेता भी शामिल है, जो सरकारी नौकरी के साथ-साथ अपरोक्ष रूप से ठेकेदारी भी करता है। गबन की शिकायत की थी, लेकिन कोई जांच नहीं हो सकी है। अब इस मामले को भी शासन तक लेकर जाएंगे।
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महेन्द्र सिंह, सहायक अभियंता, लोनिवि