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सवा करोड़ की लागत से बनी डकोलढ़ पेयजल योजना के फिल्टर बेड दे गए जवाब
Updated Mon, 03 Jul 2017 09:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
रामपुर क्षेत्र में सवा करोड़ की लागत से बनी डकोलढ़ पेयजल योजना के फिल्टर बेड जवाब दे गए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गत 15 जून को उक्त पेयजल योजना का उद्घाटन किया था और लोग पेयजल संकट से राहत पा रहे थे। अब लोगों के घरों के नलों में गाद आ रही है। पेयजल योजना ने आईपीएच विभाग के कामकाज की पोल खोलकर रख दी है।
गर्मियों के मौसम में अकसर पेयजल संकट से जूझने वाले डकोलढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने गत 15 जून को जरूर राहत पाई थी, जब इस क्षेत्र के लिए सवा करोड़ की पेयजल योजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया था। एक महीना गुजरने के बाद भी इस पेयजल योजना में मटमैला पानी आने से लोगों को आफत बनी हुई है। उद्घाटन के दिन से मटमैला पानी आ रहा है। अब लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कई जगहों में पानी की पाइपों में मिट्टी जमने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। डकोलढ़, अपर डकोलढ़, नोगली में लोगों की पानी की टंकियां मिट्टी से भर गई हैं। सवाल उठने लगा है कि इतनी बड़ी पेयजल योजना के निर्माण में अभी भी खामी है या फिर आईपीएच विभाग के योजना में फिल्टर बेड जवाब दे गए हैं। इससे घबरा कर आईपीएच विभाग ने उक्त पेयजल योजना की सप्लाई को ही बंद कर दिया। लोगों के पूछने पर यह जवाब दिया गया कि फिल्टर बेड को ठीक किया जा रहा है, लेकिन लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि वह इस पानी का क्या करें ?
डकोलढ़ में रह रहे चेतन पाकला, जगदीश, मेहर सिंह, सुनील कुमार, हितेश, राजीव, संजीव और नंद लाल का कहना है कि वह दुकानों से खरीदकर पीने का पानी ला रहे हैं, लेकिन ऐसा कब तक चलेगा। कई घरों में 15 दिनों से पानी नहीं आ रहा है। लोगों को वजीर बावड़ी से पानी को ढोना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग के प्रति लोगों में गहरा रोष है।
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आईपीएच के अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने कहा कि खड्ड में भारी मात्रा में गाद आने से यह दिक्कत पेश आ रही है। इस गाद को फिल्टर बेड भी साफ नहीं कर पा रहा है।
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रामपुर बुशहर।
रामपुर क्षेत्र में सवा करोड़ की लागत से बनी डकोलढ़ पेयजल योजना के फिल्टर बेड जवाब दे गए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गत 15 जून को उक्त पेयजल योजना का उद्घाटन किया था और लोग पेयजल संकट से राहत पा रहे थे। अब लोगों के घरों के नलों में गाद आ रही है। पेयजल योजना ने आईपीएच विभाग के कामकाज की पोल खोलकर रख दी है।
गर्मियों के मौसम में अकसर पेयजल संकट से जूझने वाले डकोलढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने गत 15 जून को जरूर राहत पाई थी, जब इस क्षेत्र के लिए सवा करोड़ की पेयजल योजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया था। एक महीना गुजरने के बाद भी इस पेयजल योजना में मटमैला पानी आने से लोगों को आफत बनी हुई है। उद्घाटन के दिन से मटमैला पानी आ रहा है। अब लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कई जगहों में पानी की पाइपों में मिट्टी जमने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। डकोलढ़, अपर डकोलढ़, नोगली में लोगों की पानी की टंकियां मिट्टी से भर गई हैं। सवाल उठने लगा है कि इतनी बड़ी पेयजल योजना के निर्माण में अभी भी खामी है या फिर आईपीएच विभाग के योजना में फिल्टर बेड जवाब दे गए हैं। इससे घबरा कर आईपीएच विभाग ने उक्त पेयजल योजना की सप्लाई को ही बंद कर दिया। लोगों के पूछने पर यह जवाब दिया गया कि फिल्टर बेड को ठीक किया जा रहा है, लेकिन लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि वह इस पानी का क्या करें ?
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डकोलढ़ में रह रहे चेतन पाकला, जगदीश, मेहर सिंह, सुनील कुमार, हितेश, राजीव, संजीव और नंद लाल का कहना है कि वह दुकानों से खरीदकर पीने का पानी ला रहे हैं, लेकिन ऐसा कब तक चलेगा। कई घरों में 15 दिनों से पानी नहीं आ रहा है। लोगों को वजीर बावड़ी से पानी को ढोना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग के प्रति लोगों में गहरा रोष है।
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आईपीएच के अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने कहा कि खड्ड में भारी मात्रा में गाद आने से यह दिक्कत पेश आ रही है। इस गाद को फिल्टर बेड भी साफ नहीं कर पा रहा है।