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जुमा अलविदा की नमाज में मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़
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रामपुर/सैफनी/सैदनगर/मसवासी। रमजान माह के चौथे जुमे को अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। अलविदा जुमा नमाज को लेकर मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। तमाम रोजेदारों ने रोजा रखते हुए अलविदा जुमे की नमाज अदा की और रात में तरावीह की नमाज अदा की। जुमे की नमाज के बाद मुल्क व कौम की तरक्की की दुआ की गई।
7 मई से मुकद्दस रमजान माह की शुरुआत हुई। 31 मई को चौथे जुमे पर अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। गांव-कस्बों से लेकर शहर की जामा मस्जिद तक में भारी भीड़ रही। कई स्थानों पर तो नमाजियों ने मस्जिद के बाहर सफे बिछाकर भी नमाज अदा की। नगर स्थित जामा मस्जिद में शहर काजी सैयद खुशनूद मियां ने नमाज अदा कराई। इसके साथ ही मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ की गई। उन्होंने रोजे की फजीलत बयां करते हुए कहा कि यह आखिरी अशरा चल रहा है, इसमें अधिक से अधिक इबादत करें। इस तेज धूप व गर्मी में की गई इबादत का सिला अल्लाह तआला अपने हाथों से देगा। साथ ही तालीमी इदारों के लिए भी दुआ की गई।
गांव से लेकर शहर तक जामा मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज अदा कर अल्लाह के बताए रास्तों पर चलने की हिदायत दी गई और माह ए रमजान में बरसने वाली अल्लाह की रहमतों और बरकतों को बताया। कहा कि अल्लाह इस एक महीने में अपनी रहमतों की बारिश करता है, हर मुसलमान पर रोजा फर्ज है। इसके साथ ही मुल्क और कौम की तरक्की की दुआ की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी रमजान के चौथे व अलविदा जुमे पर क्षेत्र की मस्जिदें भरी रही। नमाजियों ने बाहर सफें बिछाकर अपनी नमाज अदा की। नमाज के बाद इमाम ने दुआ कराई। दुआ में देश की अमन चेन व तरक्की के लिए दुआ की गई। साथ ही रमजान के पाक महीने पर तकरीर भी की गई।
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सैफनी में शुक्रवार को दिन निकलते ही कस्बा सहित क्षेत्र के गांव में रोजेदारों ने अलविदा जुमा की तैयारी शुरु कर दी। समय पहले ही मस्जिदें नामाजियों से खचाखच भर गई।सभी रोजेदारों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा कि।माह-ए-रमजान में आखिरी जुमे कों खास मना जाता है।जुमा अलविदा को लोग छोटी ईद के रूप में मनाते हैं।वहीं जुमा अलविदा की नमाज के दौरान सुरक्षा चाक-चौबंद रही।
सैदनगरक्षेत्र में जुम्मा अलविदा के मौके पर नमाज पढ़ने वालों से मस्जिद भरी रही। नमाज खत्म होने के बाद देश की तरक्की, अमन और चेन की दुआ की गई। इस मौके पर मौलानाओं ने धर्म के साथ ही गरीबों की मदद करने का आहवान किया। नमाज के समय तकरीर करते हुए मौलाना शाहिद ने कहा कि रोजा रखना अपने मन की बुराइयों को दूर करने के साथ-साथ गरीबों मिस्कीनों की भलाई करने पर अल्लाह बहुत खुश होता है। उन्होंने दीनी तालीम बच्चों को देने पर भी जोर दिया। नेक और हल्लाल रिजक खाकर अपनी जिंदगी वैसे ही बितानी चाहिए,जैसे ही नवी -ए करीम ने बिताई। इस मौके पर नगालिया आकिल,खौद, हकीमगंज, लालपुर,सीगनखेड़ा,काशीपुर, आगा,बगरुआ, खंडिया,मोहम्मदपुर शुमाली,अजीमनगर जठपुरा,कुम्हरिया, इमरता, खीरजपुर, बजवाला,आदि गांव में नमाज पढ़ने वालों से मस्जिदें भरी रही।इस मौके परपुलिस भी तैनात रही। इस दौरान शांति पूर्ण तरह से नमाज पढ़ी गई।
मसवासी में मुक़द्दस रमजान माह के आखिरी जुमा तुल विदा पर मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भर गई। नमाज के बाद कौम और मुल्क की भलाई के लिए दुआएं मांगी गई।इस मौके पर उलेमा इकराम ने जुमा तुल विदा की फजीलत बयान की। मुक़द्दस रमजान माह का आज आखिरी जुमा था। इस जुमे की नमाज को लेकर रोजेदार सुबह से ही तैयारी में थे। दोपहर होते ही नगर समेत आसपास की सभी मस्जिदे नमाजियों से खचा खच भर गई। ख़ुत्बे से पूर्व अधिकांश मस्जिदों में उलेमा इकराम ने जुमा तुल विदा की फजीलत बयान की। कहा की यह अशुरा जहन्नम से निजात का है। इस के बाद जुमा तुल विदा की नमाज अदा की गई। जिसमे कौम और मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगी गई। नगर के चाँद मस्जिद मोती मस्जिद चाउपुरा भूवरा बिजारखाता खोद शरीफ बब्बरपुरी धर्मपुर मौलागढ़ अलीगंज घोसीपुरा पट्टी कलां मिलक नोखरिद करीमपुर सेमरा लाडपुर खुशहालपुर आदि गावं में जुमा तुल विदा की नमाज पूरा अकीदत के साथ अदा की गई ! इस दौरान मस्जिदों के आसपास स्थानीय पुलिस सुरक्षा के तौर पर तैनात रही।
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7 मई से मुकद्दस रमजान माह की शुरुआत हुई। 31 मई को चौथे जुमे पर अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। गांव-कस्बों से लेकर शहर की जामा मस्जिद तक में भारी भीड़ रही। कई स्थानों पर तो नमाजियों ने मस्जिद के बाहर सफे बिछाकर भी नमाज अदा की। नगर स्थित जामा मस्जिद में शहर काजी सैयद खुशनूद मियां ने नमाज अदा कराई। इसके साथ ही मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ की गई। उन्होंने रोजे की फजीलत बयां करते हुए कहा कि यह आखिरी अशरा चल रहा है, इसमें अधिक से अधिक इबादत करें। इस तेज धूप व गर्मी में की गई इबादत का सिला अल्लाह तआला अपने हाथों से देगा। साथ ही तालीमी इदारों के लिए भी दुआ की गई।
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गांव से लेकर शहर तक जामा मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज अदा कर अल्लाह के बताए रास्तों पर चलने की हिदायत दी गई और माह ए रमजान में बरसने वाली अल्लाह की रहमतों और बरकतों को बताया। कहा कि अल्लाह इस एक महीने में अपनी रहमतों की बारिश करता है, हर मुसलमान पर रोजा फर्ज है। इसके साथ ही मुल्क और कौम की तरक्की की दुआ की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी रमजान के चौथे व अलविदा जुमे पर क्षेत्र की मस्जिदें भरी रही। नमाजियों ने बाहर सफें बिछाकर अपनी नमाज अदा की। नमाज के बाद इमाम ने दुआ कराई। दुआ में देश की अमन चेन व तरक्की के लिए दुआ की गई। साथ ही रमजान के पाक महीने पर तकरीर भी की गई।
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सैफनी में शुक्रवार को दिन निकलते ही कस्बा सहित क्षेत्र के गांव में रोजेदारों ने अलविदा जुमा की तैयारी शुरु कर दी। समय पहले ही मस्जिदें नामाजियों से खचाखच भर गई।सभी रोजेदारों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा कि।माह-ए-रमजान में आखिरी जुमे कों खास मना जाता है।जुमा अलविदा को लोग छोटी ईद के रूप में मनाते हैं।वहीं जुमा अलविदा की नमाज के दौरान सुरक्षा चाक-चौबंद रही।
सैदनगरक्षेत्र में जुम्मा अलविदा के मौके पर नमाज पढ़ने वालों से मस्जिद भरी रही। नमाज खत्म होने के बाद देश की तरक्की, अमन और चेन की दुआ की गई। इस मौके पर मौलानाओं ने धर्म के साथ ही गरीबों की मदद करने का आहवान किया। नमाज के समय तकरीर करते हुए मौलाना शाहिद ने कहा कि रोजा रखना अपने मन की बुराइयों को दूर करने के साथ-साथ गरीबों मिस्कीनों की भलाई करने पर अल्लाह बहुत खुश होता है। उन्होंने दीनी तालीम बच्चों को देने पर भी जोर दिया। नेक और हल्लाल रिजक खाकर अपनी जिंदगी वैसे ही बितानी चाहिए,जैसे ही नवी -ए करीम ने बिताई। इस मौके पर नगालिया आकिल,खौद, हकीमगंज, लालपुर,सीगनखेड़ा,काशीपुर, आगा,बगरुआ, खंडिया,मोहम्मदपुर शुमाली,अजीमनगर जठपुरा,कुम्हरिया, इमरता, खीरजपुर, बजवाला,आदि गांव में नमाज पढ़ने वालों से मस्जिदें भरी रही।इस मौके परपुलिस भी तैनात रही। इस दौरान शांति पूर्ण तरह से नमाज पढ़ी गई।
मसवासी में मुक़द्दस रमजान माह के आखिरी जुमा तुल विदा पर मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भर गई। नमाज के बाद कौम और मुल्क की भलाई के लिए दुआएं मांगी गई।इस मौके पर उलेमा इकराम ने जुमा तुल विदा की फजीलत बयान की। मुक़द्दस रमजान माह का आज आखिरी जुमा था। इस जुमे की नमाज को लेकर रोजेदार सुबह से ही तैयारी में थे। दोपहर होते ही नगर समेत आसपास की सभी मस्जिदे नमाजियों से खचा खच भर गई। ख़ुत्बे से पूर्व अधिकांश मस्जिदों में उलेमा इकराम ने जुमा तुल विदा की फजीलत बयान की। कहा की यह अशुरा जहन्नम से निजात का है। इस के बाद जुमा तुल विदा की नमाज अदा की गई। जिसमे कौम और मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगी गई। नगर के चाँद मस्जिद मोती मस्जिद चाउपुरा भूवरा बिजारखाता खोद शरीफ बब्बरपुरी धर्मपुर मौलागढ़ अलीगंज घोसीपुरा पट्टी कलां मिलक नोखरिद करीमपुर सेमरा लाडपुर खुशहालपुर आदि गावं में जुमा तुल विदा की नमाज पूरा अकीदत के साथ अदा की गई ! इस दौरान मस्जिदों के आसपास स्थानीय पुलिस सुरक्षा के तौर पर तैनात रही।