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जिले में करीब साढ़े छह हजार प्रधानमंत्री आवासों को मिली मंजूरी
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रामपुर। जिले में गरीबों के आशियाने को लेकर एक और राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने जिले से प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय के तहत भेजी गई तीसरी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को मंजूरी दे दी है। जिसमें जिले की नगर पालिका और नगर पंचायतों में करीब साढ़े छह हजार आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय के तहत जिले में लोकसभा चुनावों से पहले तक दो डीपीआर पर कार्य शुरू हो चुका था। इनमें पहले डीपीआर में 3068 और दूसरी डीपीआर में 3777 गरीबों के आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। आचार संहिता लागू होने से पहले शासन को 6459 आवासों की तीसरी डीपीआर भी भेजी जा चुकी थी, जिस पर आचार संहिता समाप्त होते ही केंद्र सरकार ने मंजूरी की मुहर लगा दी है। इस डीपीआर को मंजूरी मिलते ही अब जियो टैग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तीसरी डीपीआर में सबसे अधिक आवास रामपुर नगर पालिका में स्वीकृत किए गए हैं। रामपुर में इस डीपीआर के अनुसार 2210 गरीबों को आवास बनाने के लिए धनराशि दी जाएगी। परियोजना अधिकारी डूडा आदित्य कुमार ने बताया कि तीसरी डीपीआर पर मंजूरी मिलने के बाद सोमवार से ही इस पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय के तहत जिले में लोकसभा चुनावों से पहले तक दो डीपीआर पर कार्य शुरू हो चुका था। इनमें पहले डीपीआर में 3068 और दूसरी डीपीआर में 3777 गरीबों के आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। आचार संहिता लागू होने से पहले शासन को 6459 आवासों की तीसरी डीपीआर भी भेजी जा चुकी थी, जिस पर आचार संहिता समाप्त होते ही केंद्र सरकार ने मंजूरी की मुहर लगा दी है। इस डीपीआर को मंजूरी मिलते ही अब जियो टैग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तीसरी डीपीआर में सबसे अधिक आवास रामपुर नगर पालिका में स्वीकृत किए गए हैं। रामपुर में इस डीपीआर के अनुसार 2210 गरीबों को आवास बनाने के लिए धनराशि दी जाएगी। परियोजना अधिकारी डूडा आदित्य कुमार ने बताया कि तीसरी डीपीआर पर मंजूरी मिलने के बाद सोमवार से ही इस पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
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