{"_id":"59eb6d4f4f1c1b76678b6a36","slug":"141508601167-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेसंग में खाग पूजा उत्सव में पहुंचे देवता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेसंग में खाग पूजा उत्सव में पहुंचे देवता
Updated Sat, 21 Oct 2017 09:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
पूह खंड के मूरंग और नेसंग गांव देव संस्कृति के रंग में रंग गए हैं। मूरंग गांव के कुलदेव औरमिगशु 12 वर्षों के बाद शुक्रवार को खाग पूजा के लिए नेसंग गांव पहुंचे। नेसंग गांव पहुंचने पर देवता का भव्य स्वागत किया। मूरंग देवता का खाग पूजा उत्सव भी ग्रामीणों के लिए कुंभ मेले से कम नहीं है, जो 12 साल बाद मनाया जाता हैै। इस दौरान दोनों गांव के देवता मिल कर सुख शांति के लिए शक्तियों की पूजा करते हैं।
मूरंग और नेसंग गांव के कुल देवताओं का मिलन देख कर लोग खुश हो गए। ग्रामीणों ने वाद्य यंत्रों की थाप पर नृत्य किया। मूरंग देवता के मोतमी महेश्वर नेगी और नेसंग देवता के मोतमी प्रवीण नेगी ने बताया कि यह देव मिलन इस बार कई वर्षों के बाद हुआ है। इस मिलन के लिए दोनों गांव के लोग उत्सुकता से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि दोनों गांव की शांति के लिए हर 12 वर्षों के बाद यह पूजा होती है।
विज्ञापन
पूह खंड के मूरंग और नेसंग गांव देव संस्कृति के रंग में रंग गए हैं। मूरंग गांव के कुलदेव औरमिगशु 12 वर्षों के बाद शुक्रवार को खाग पूजा के लिए नेसंग गांव पहुंचे। नेसंग गांव पहुंचने पर देवता का भव्य स्वागत किया। मूरंग देवता का खाग पूजा उत्सव भी ग्रामीणों के लिए कुंभ मेले से कम नहीं है, जो 12 साल बाद मनाया जाता हैै। इस दौरान दोनों गांव के देवता मिल कर सुख शांति के लिए शक्तियों की पूजा करते हैं।
मूरंग और नेसंग गांव के कुल देवताओं का मिलन देख कर लोग खुश हो गए। ग्रामीणों ने वाद्य यंत्रों की थाप पर नृत्य किया। मूरंग देवता के मोतमी महेश्वर नेगी और नेसंग देवता के मोतमी प्रवीण नेगी ने बताया कि यह देव मिलन इस बार कई वर्षों के बाद हुआ है। इस मिलन के लिए दोनों गांव के लोग उत्सुकता से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि दोनों गांव की शांति के लिए हर 12 वर्षों के बाद यह पूजा होती है।
विज्ञापन