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आजम खां के लो हाइट गेट की जांच एलआईयू से मांगी

Wed, 11 Oct 2017 12:55 AM IST
Updated Wed, 11 Oct 2017 12:55 AM IST
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आजम खां के लो हाइट गेट की जांच एलआईयू से मांगी
आजम के कम ऊंचाई द्वार की जांच एलआईयू से मांगी
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रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां द्वारा सीएंडडीएस के माध्यम से लोक निर्माण विभाग की बिना अनुमति के बनवाए गए उर्दू द्वार के बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय ने एलआईयू की स्पेशल ब्रांच से रिपोर्ट मांगी है। इस गेट को इस रिपोर्ट के बाद तोड़े जाने की संभावना है। क्योंकि इसे अतिक्रमण घोषित किया जा चुका है।
कम ऊंचाई के उर्दू द्वार का निर्माण पूर्व मंत्री आजम खां ने करवाया था। इसके निर्माण में सांसद निधि से चालीस लाख रुपये का अपव्यय किया गया है। जल निगम की निर्माण इकाई सीएंडडीएस ने इस उर्दू द्वार का निर्माण कराया है। साथ ही लोक निर्माण विभाग ने सपा सरकार में इस गेट में एक ट्रक के घुसने पर दोनों ओर उर्दू द्वार एंगल भी लगावा दिए। लेकिन अब भाजपा सरकार आने पर गेट को तोड़ने के लिए पूर्व मंत्री निसार हुसैन के बेचे मुस्तफा हुसैन ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। इसके बाद गेट की जांच हुई जिसमें यह अतिक्रमण घोषित किया गया। गेट के बनने से स्वार-बाजपुर जाने वाले भारी वाहनों का रुख पुलिस लाइन डूंगरपुर की ओर कर दिया गया, जिससे इस इलाके में सड़क दुर्घटनाएं बढ़ गईं। अब गेट तोड़ने की तैयारी है। लेकिन लोक निर्माण विभाग के अफसर इसे अतिक्रमण साबित करने के बाद भी नहीं तोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एलआईयू स्पेशल ब्रांच से इस मामले में पूरी रिपोर्ट गोपनीय तरीके से मांगी है। इस रिपोर्ट के बाद इसे तोड़े जाने की संभावना है।
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इसलिए तो नहीं रखा उर्दू गेट नाम
रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां ने इस गेट का उर्दू गेट नाम रखा है। लो हाइट होने के कारण अगली कोई सरकार इसे उर्दू गेट नाम होने के कारण तोड़ नहीं सके, इसलिए इसका नामकरण ऐसा किया जाना बताया जा रहा है। बाकी इस गेट से उर्दू नाम का कोई मतलब नहीं है।
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रामपुर में तुड़वाए गए थे सात गेट
रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां ने सपा सरकार में शहर के हर किनारे पर और बीच में बने सात गेटों को ध्वस्त कराया था। नवाब कालीन इन गेटों का अपना इतिहास था। लेकिन रातों रात इन गेटों का नामोनिशान मिटा दिया गया था। लेकिन अब भाजपा सरकार में एक लो हाइट गेट टूटना मुश्किल हो रहा है।
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