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फ्लैग- आजम खां द्वारा बनवाई दीवार के खिलाफ भड़का गुस्सा 19-16-49
Updated Tue, 10 Oct 2017 01:15 AM IST
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आजम खां द्वारा बनवाई दीवार पर भड़के बेनजीर के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। तीन गांवों की दस हजार आबादी का रास्ता बंद होने पर सोमवार को गुस्साएं ग्रामीण सड़क पर उतर आए। रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। सपा शासन में लोक निर्माण विभाग ने आरसीसी की दीवार खड़ी करके इन गांवों में रास्ता बंद कर दिया था। दो साल से गांव वाले परेशान हैं। रास्ता नहीं खोले जाने पर आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी है।
सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां ने जौहर विश्वविद्यालय को जाने वाली सड़क के किनारों पर आरसीसी की दीवार बनवा दी थी। करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी इस दीवार से बेनजीर, शौकतनगर और सींगनखेड़ा गांवों की दस हजार की आबादी आबादी का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों का धर्मस्थल, स्कूल, घरों व दुकानों के रास्ते और बहुत से लोगों के घरों के दरवाजे बंद हो गए थे। सपा सरकार में गांव वालों ने इसके विरोध के लिए मुंह खोला तो पुलिस ने धमकाकर उनको शांत कर दिया। अब भाजपा सरकार आने पर ग्रामीण लामबंद होने लगे हैं। घर और स्कूल के आगे से दीवार हटवाने की मांग जोरशोर से की जा रही है। सोमवार को तमाम महिलाएं और ग्रामीण दीवार हटाकर रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर सड़क पर आ गए और विरोध प्रदर्शन किया। गांव वालों ने चेतावनी दी है कि यदि दीवार नहीं हटाई तो आंदोलन कर विश्वविद्यालय का रास्ता ही बंद कर देंगे। इस दौरान विजय कुमार, लियाकत, सोमपाल, बलधारी, शकील अहमद, कुमरा, बबली, भारत सिंह, भूरा, परवीन, जहां, शाहजहां, बानो, क्रांति, फिरदौस और गंगादेई, रफीक, श्यामो, नाजमा, सुनीता और अन्नो ने प्रदर्शन किया।
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दीवार फांदने से वृद्ध का हाथ टूटा
दीवार को कूदकर गांव से सड़क पर आने के प्रयास में सत्तर साल के रफीक अहमद का रविवार को हाथ टूट गया। रफीक के परिजनों का कहना है कि गरीबी में दीवार मुसीबत बन गई है। नजमा का कहना है कि दीवार के कारण बरसात में घर में पानी घुस जाता है जिससे चारपाई पर सिलेंडर रखकर खाना बनाना पड़ता है।
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औलख ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र जांच शुरू, टूटेगी अवैध दीवार
क्त्रससर-
ग्रामीणों ने राज्यमंत्री बलदेव औलख से लगाई थी गुहार
पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने जांच कर बयान लिए
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। सिंचाई और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री बलदेव औलख ने बेनजीर, शौकतनगर और सींगनखेड़ा के ग्रामीणों को दीवार बनाकर उसके पीछे कैद कर देने के मामले मुख्यमंत्री से कार्यवाही करने और दीवार तोड़कर रास्ता देने की मांग की थी। राज्यमंत्री के पत्र पर मुख्यमंत्री ने जांच करने कार्यवाही के निर्देश दिए। पुलिस और प्रशासन के अफसरों की टीम ने मौके पर जाकर सोमवार को जांच भी की। इसके बाद दीवार टूटने की उम्मीद ग्रामीणों को बंधी है।
गांव के तमाम ग्रामीणों ने अगस्त माह में राज्यमंत्री बलदेव औलख को एक शिकायती पत्र देकर कहा था कि अवैध रूप से पीडब्लूडी ने बनाई दीवार उन्हें बाधक बन रही है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। मुख्यमंत्री कार्यालय से डीएम और एसपी के यहां जांच आई। सोमवार को कोतवाली पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर जाकर देखा और गांव वालों की परेशानी के बयान लिए। इसके बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। जांच के बाद इस दीवार को तोड़े जाने की उम्मीद गांवों वालों को जगी है।
बयान--
कई गांवों के ग्रामीण हमसे मिले थे। बड़ी समस्या है, गांव वाले अवैध दीवार में कैद हो गए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। गांव वालों को कैद नहीं रहने दिया जाएगा।
- बलदेव औलख राज्यमंत्री
आदेश पर होगी आगे की कार्रवाई
मुख्यमंत्री कार्यालय से जो भी शिकायतें आई हैं उन्हें जांच करके शासन को भेजा गया है। दीवार के बारे में भी जांच आई थी। इससे ग्रामीणों की समस्या के साथ शासन को अवगत कराया है। निर्देश प्राप्त होते ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
- शिव सहाय अवस्थी जिलाधिकारी
क्या कहते हैं ग्रामीण
बेनजीर की श्यामो का कहना है कि रास्ता बंद होने से बड़ी मुसीबत हो रही है। कहीं जाने के लिए दीवार फांदनी होती है।
(फोटो-29)
बेनजीर की नाजमा का कहना है कि जब दीवार बनाई तो विरोध किया था, लेकिन पुलिस ने मुंह बंद कर दिया। अब सरकार बदल गई है तो इस दीवार को भी तोड़ा जाए।
(नाजमा का फोटो )
गांव की शाहिदा का कहना है कि दीवार से बच्चे भी नहीं निकल सकते, एक आदमी बच्चों के लिए दीवार कूदने के लिए तैयार रहता है। स्कूल जाने में भी दिक्कत है।
(शाहिदा फोटो-)
गांव की सुनीता का कहना है कि घर के काम भी प्रभावित हैं, खेती के काम भी मुश्किल से हो रहे हैं । दो साल हो गए कोई हमारी सुनने वाला नहीं है।
(सुनीता फोटो--0)
गांव की अन्नो का कहना है कि धर्मस्थल को जाने वाले रास्ते भी बंद करा दिए गए। स्कूल के भी रास्ते बंद, घरों और दुकानों को सील करा दिया। अब तो खुलवाना चाहिए।
(अन्नो फोटो-)
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। तीन गांवों की दस हजार आबादी का रास्ता बंद होने पर सोमवार को गुस्साएं ग्रामीण सड़क पर उतर आए। रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। सपा शासन में लोक निर्माण विभाग ने आरसीसी की दीवार खड़ी करके इन गांवों में रास्ता बंद कर दिया था। दो साल से गांव वाले परेशान हैं। रास्ता नहीं खोले जाने पर आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी है।
सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां ने जौहर विश्वविद्यालय को जाने वाली सड़क के किनारों पर आरसीसी की दीवार बनवा दी थी। करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी इस दीवार से बेनजीर, शौकतनगर और सींगनखेड़ा गांवों की दस हजार की आबादी आबादी का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों का धर्मस्थल, स्कूल, घरों व दुकानों के रास्ते और बहुत से लोगों के घरों के दरवाजे बंद हो गए थे। सपा सरकार में गांव वालों ने इसके विरोध के लिए मुंह खोला तो पुलिस ने धमकाकर उनको शांत कर दिया। अब भाजपा सरकार आने पर ग्रामीण लामबंद होने लगे हैं। घर और स्कूल के आगे से दीवार हटवाने की मांग जोरशोर से की जा रही है। सोमवार को तमाम महिलाएं और ग्रामीण दीवार हटाकर रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर सड़क पर आ गए और विरोध प्रदर्शन किया। गांव वालों ने चेतावनी दी है कि यदि दीवार नहीं हटाई तो आंदोलन कर विश्वविद्यालय का रास्ता ही बंद कर देंगे। इस दौरान विजय कुमार, लियाकत, सोमपाल, बलधारी, शकील अहमद, कुमरा, बबली, भारत सिंह, भूरा, परवीन, जहां, शाहजहां, बानो, क्रांति, फिरदौस और गंगादेई, रफीक, श्यामो, नाजमा, सुनीता और अन्नो ने प्रदर्शन किया।
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दीवार फांदने से वृद्ध का हाथ टूटा
दीवार को कूदकर गांव से सड़क पर आने के प्रयास में सत्तर साल के रफीक अहमद का रविवार को हाथ टूट गया। रफीक के परिजनों का कहना है कि गरीबी में दीवार मुसीबत बन गई है। नजमा का कहना है कि दीवार के कारण बरसात में घर में पानी घुस जाता है जिससे चारपाई पर सिलेंडर रखकर खाना बनाना पड़ता है।
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औलख ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र जांच शुरू, टूटेगी अवैध दीवार
क्त्रससर-
ग्रामीणों ने राज्यमंत्री बलदेव औलख से लगाई थी गुहार
पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने जांच कर बयान लिए
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। सिंचाई और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री बलदेव औलख ने बेनजीर, शौकतनगर और सींगनखेड़ा के ग्रामीणों को दीवार बनाकर उसके पीछे कैद कर देने के मामले मुख्यमंत्री से कार्यवाही करने और दीवार तोड़कर रास्ता देने की मांग की थी। राज्यमंत्री के पत्र पर मुख्यमंत्री ने जांच करने कार्यवाही के निर्देश दिए। पुलिस और प्रशासन के अफसरों की टीम ने मौके पर जाकर सोमवार को जांच भी की। इसके बाद दीवार टूटने की उम्मीद ग्रामीणों को बंधी है।
गांव के तमाम ग्रामीणों ने अगस्त माह में राज्यमंत्री बलदेव औलख को एक शिकायती पत्र देकर कहा था कि अवैध रूप से पीडब्लूडी ने बनाई दीवार उन्हें बाधक बन रही है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। मुख्यमंत्री कार्यालय से डीएम और एसपी के यहां जांच आई। सोमवार को कोतवाली पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर जाकर देखा और गांव वालों की परेशानी के बयान लिए। इसके बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। जांच के बाद इस दीवार को तोड़े जाने की उम्मीद गांवों वालों को जगी है।
बयान--
कई गांवों के ग्रामीण हमसे मिले थे। बड़ी समस्या है, गांव वाले अवैध दीवार में कैद हो गए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। गांव वालों को कैद नहीं रहने दिया जाएगा।
- बलदेव औलख राज्यमंत्री
आदेश पर होगी आगे की कार्रवाई
मुख्यमंत्री कार्यालय से जो भी शिकायतें आई हैं उन्हें जांच करके शासन को भेजा गया है। दीवार के बारे में भी जांच आई थी। इससे ग्रामीणों की समस्या के साथ शासन को अवगत कराया है। निर्देश प्राप्त होते ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
- शिव सहाय अवस्थी जिलाधिकारी
क्या कहते हैं ग्रामीण
बेनजीर की श्यामो का कहना है कि रास्ता बंद होने से बड़ी मुसीबत हो रही है। कहीं जाने के लिए दीवार फांदनी होती है।
(फोटो-29)
बेनजीर की नाजमा का कहना है कि जब दीवार बनाई तो विरोध किया था, लेकिन पुलिस ने मुंह बंद कर दिया। अब सरकार बदल गई है तो इस दीवार को भी तोड़ा जाए।
(नाजमा का फोटो )
गांव की शाहिदा का कहना है कि दीवार से बच्चे भी नहीं निकल सकते, एक आदमी बच्चों के लिए दीवार कूदने के लिए तैयार रहता है। स्कूल जाने में भी दिक्कत है।
(शाहिदा फोटो-)
गांव की सुनीता का कहना है कि घर के काम भी प्रभावित हैं, खेती के काम भी मुश्किल से हो रहे हैं । दो साल हो गए कोई हमारी सुनने वाला नहीं है।
(सुनीता फोटो--0)
गांव की अन्नो का कहना है कि धर्मस्थल को जाने वाले रास्ते भी बंद करा दिए गए। स्कूल के भी रास्ते बंद, घरों और दुकानों को सील करा दिया। अब तो खुलवाना चाहिए।
(अन्नो फोटो-)