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एससी/एसटी एक्ट संशोधन को लेकर गरजे सवर्ण समाज संगठन
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:46 AM IST
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रामपुर। केंद्र सरकार की ओर से एससी-एसटी एक्ट में संशोधन बिल को लेकर सवर्ण एवं पिछड़ा वर्ग समन्वय समिति के बैनर तले तमाम संगठन एकजुट हुए। संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने धरना प्रदर्शन कर एक्ट संशोधन का विरोध किया और इसके बाद प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन भेजा।
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। यहां पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन हमारे व हमारे बच्चों के लिए नासूर होगा और इसे लागू नहीं होने देंगे। जन समर्थन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार सक्सेना ने कहा कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत प्यार दिया लेकिन, इस फैसले से उन्होंने खंजर घोपने का काम किया है। राष्ट्रहित में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन मंजूर नहीं है। अखिल भारतीय प्रजापति महासभा के प्रदेश महासचिव राजीव लोचन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोटों के तुष्टीकरण के कारण एक्ट मे संशोधन कर काला कानून बनाया है और करीब 76 फीसदी आबादी को अंधकार और गुलामी की ओर धकेल दिया है। अब्दुल राफे खान ने कहा कि इससे मुस्लिम समाज का भी उत्पीड़न बढ़ेगा। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के गजेंद्र दुबे ने कहा कि राजनीतिक दलों को लगता है कि सवर्ण व पिछड़ा समाज इनका गुलाम है और एक मंच पर नहीं आ सकता। इसलिए इतनी बड़ी नाइंसाफी की जा रही है। वैश्य सभा के जिलाध्यक्ष पीयूष जिंदल ने कहा कि सबसे अधिक टैक्स देने वाले समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है। ब्राह्मण एकता मंच के अरविंद शर्मा ने भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री जीने का अधिकार नहीं दे सकते तो सम्मान से मरने का अधिकार दे दें। इसके बाद सभी ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर एक्ट संशोधन को वापस लेने और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की मांग की। इस दौरान सर्वेश प्रजापति, अतुल ठाकुर, आशीष जौहरी, सचिन, विक्की सक्सेना, आदर्श, विपिन, धर्मपाल सिंह तोमर, शैलेंद्र गंगवार, शाबेज, संजू अग्रवाल, मनोज शर्मा, चिराग गर्ग, रविन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। यहां पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन हमारे व हमारे बच्चों के लिए नासूर होगा और इसे लागू नहीं होने देंगे। जन समर्थन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार सक्सेना ने कहा कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत प्यार दिया लेकिन, इस फैसले से उन्होंने खंजर घोपने का काम किया है। राष्ट्रहित में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन मंजूर नहीं है। अखिल भारतीय प्रजापति महासभा के प्रदेश महासचिव राजीव लोचन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोटों के तुष्टीकरण के कारण एक्ट मे संशोधन कर काला कानून बनाया है और करीब 76 फीसदी आबादी को अंधकार और गुलामी की ओर धकेल दिया है। अब्दुल राफे खान ने कहा कि इससे मुस्लिम समाज का भी उत्पीड़न बढ़ेगा। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के गजेंद्र दुबे ने कहा कि राजनीतिक दलों को लगता है कि सवर्ण व पिछड़ा समाज इनका गुलाम है और एक मंच पर नहीं आ सकता। इसलिए इतनी बड़ी नाइंसाफी की जा रही है। वैश्य सभा के जिलाध्यक्ष पीयूष जिंदल ने कहा कि सबसे अधिक टैक्स देने वाले समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है। ब्राह्मण एकता मंच के अरविंद शर्मा ने भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री जीने का अधिकार नहीं दे सकते तो सम्मान से मरने का अधिकार दे दें। इसके बाद सभी ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर एक्ट संशोधन को वापस लेने और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की मांग की। इस दौरान सर्वेश प्रजापति, अतुल ठाकुर, आशीष जौहरी, सचिन, विक्की सक्सेना, आदर्श, विपिन, धर्मपाल सिंह तोमर, शैलेंद्र गंगवार, शाबेज, संजू अग्रवाल, मनोज शर्मा, चिराग गर्ग, रविन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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