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श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के प्रकाशोत्सव पर सजा कीर्तन दरबार
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रामपुर। गुरुद्वारा संत भाई जी बाबा में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के प्रकाशोत्सव पर्व के उपलक्ष्य में तीन दिन तक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बुधवार को अंतिम दिन नितनेम पाठ, पाठ श्री सुखमनी साहिब, श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के साथ ही कीर्तन दरबार सजा। कीर्तन दरबार में रागी जत्थों ने सबद-कीर्तन कर संगत निहाल किया। इसके साथ ही अरदास के बाद प्रसाद भी वितरित किया गया।
सिविल लाइंस बीपी कालोनी स्थित गुरुद्वारे में तीन दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत 22 अप्रैल सोमवार को हुई थी। बुधवार को अंतिम दिवस कार्यक्रमों की शुरुआत प्रात: नितनेम पाठ के साथ शुरू हुई। इसके बाद सुखमनी सेवा सोसायटी द्वारा श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया गया। इसके बाद श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति हुई। श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के बाद कीर्तन दरबार सजा जिसमें रागी जत्थों ने कीर्तन कर गुरु की महिमा का वर्णन किया और संगत को निहाल किया। नाम सिमरन जत्था एवं हजूरी रागी जत्था भाई गुरविंदर सिंह द्वारा कीर्तन किया गया। उसके पश्चात भाई बलदेव सिंह बुलंदपुरी हजूरी रागी जत्था दरबार साहिब अमृतसर द्वारा सबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया गया। दोपहर में अरदास के बाद गुरु का अटूट लंगर बरता गया। रात में 8 से 11 बजे तक रात्रि दीवान सजा। इस अवसर पर प्रबंधक कमेटी के प्रधान दर्शन सिंह खुराना ने संगत को धन्यवाद देते हुए गुरु जी के इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान ओंकार सिंह, त्रिलोचन सिंह, भूपेंद्र सिंह, ज्ञानी सेवा सिंह, महेंद्र सिंह गोल्डी, हरीश अरोड़ा, गुरजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह, नरेंद्रपाल सिंह, राधेश्याम अरोड़ा, अमरजीत सिंह, सुरजीत कौर, मिथिलेश अरोड़ा, रूबी, रणजीत कौर, जोगिंदर कौर और रविंदर कौर सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।
सिविल लाइंस बीपी कालोनी स्थित गुरुद्वारे में तीन दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत 22 अप्रैल सोमवार को हुई थी। बुधवार को अंतिम दिवस कार्यक्रमों की शुरुआत प्रात: नितनेम पाठ के साथ शुरू हुई। इसके बाद सुखमनी सेवा सोसायटी द्वारा श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया गया। इसके बाद श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति हुई। श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के बाद कीर्तन दरबार सजा जिसमें रागी जत्थों ने कीर्तन कर गुरु की महिमा का वर्णन किया और संगत को निहाल किया। नाम सिमरन जत्था एवं हजूरी रागी जत्था भाई गुरविंदर सिंह द्वारा कीर्तन किया गया। उसके पश्चात भाई बलदेव सिंह बुलंदपुरी हजूरी रागी जत्था दरबार साहिब अमृतसर द्वारा सबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया गया। दोपहर में अरदास के बाद गुरु का अटूट लंगर बरता गया। रात में 8 से 11 बजे तक रात्रि दीवान सजा। इस अवसर पर प्रबंधक कमेटी के प्रधान दर्शन सिंह खुराना ने संगत को धन्यवाद देते हुए गुरु जी के इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान ओंकार सिंह, त्रिलोचन सिंह, भूपेंद्र सिंह, ज्ञानी सेवा सिंह, महेंद्र सिंह गोल्डी, हरीश अरोड़ा, गुरजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह, नरेंद्रपाल सिंह, राधेश्याम अरोड़ा, अमरजीत सिंह, सुरजीत कौर, मिथिलेश अरोड़ा, रूबी, रणजीत कौर, जोगिंदर कौर और रविंदर कौर सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।
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