{"_id":"5ff08e848ebc3e3db521c71d","slug":"work-not-done-raibaraily-news-lko55780575","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन चिह्नित करने का काम देखने पहुंचे, सुस्ती पड़ी भारी, एडीएम ने लगाई फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन चिह्नित करने का काम देखने पहुंचे, सुस्ती पड़ी भारी, एडीएम ने लगाई फटकार
विज्ञापन
निरीक्षण करते एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष व अन्य।
- फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। मेरठ से प्रयागराज तक करीब 596 किलोमीटर लंबे बनने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन के चिन्हीकरण के साथ ही पत्थर लगाने के काम को देखने के लिए शनिवार को एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष पहुंचे। गंगा कटरी क्षेत्र के गांवों में प्रगति बेहद खराब मिली। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्यदायी विभाग को काम में तेजी लाने के आदेश दिए। जल्द से जल्द काम को पूरा कराने के आदेश दिए, जिसके किसानों की जमीन के अधिग्रहण का काम शुरू किया जा सके।
सरकार ने मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा को और सुगम बनाने के लिए गंगा किनारे एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित किया गया। यह एक्सप्रेस-वे जिले की लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार व सलोन तहसील क्षेत्र के गंगा कटरी के गांवों से होकर निकलेगा। एक्सप्रेस-वे में आने वाले 12 जिलों के लिए जारी किए गए 340 करोड़ रुपये में रायबरेली को 35 करोड़ रुपये मिलने के बाद किसानों की जमीन अधिग्रहीत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए चिह्नित जमीन पर पत्थर लगाने का काम शुरू हो गया है।
शनिवार को एडीएम ने रमुआपुर दुबई, चक शेरशाह और चक गजराज सहित अन्य गांवों में पहुंचकर काम की प्रगति की जानकारी ली। खराब प्रगति मिलने पर संबंधितों को जमकर फटकार लगाई। स्टाफ भी बढ़ाकर तय समय में काम पूरा कराने के आदेश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने स्थलों पर पहुंचकर जमीनी हकीकत को देखा। साथ ही निर्देश दिए कि पत्थर लगाने के दौरान संबंधित काश्तकारों को भी बुलाया जाए, जिससे उन्हें पूरी जानकारी हो सके। एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए पत्थर लगाने का काम चल रहा है। काम धीमा चला है। काम में तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
सरकार ने मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा को और सुगम बनाने के लिए गंगा किनारे एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित किया गया। यह एक्सप्रेस-वे जिले की लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार व सलोन तहसील क्षेत्र के गंगा कटरी के गांवों से होकर निकलेगा। एक्सप्रेस-वे में आने वाले 12 जिलों के लिए जारी किए गए 340 करोड़ रुपये में रायबरेली को 35 करोड़ रुपये मिलने के बाद किसानों की जमीन अधिग्रहीत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए चिह्नित जमीन पर पत्थर लगाने का काम शुरू हो गया है।
विज्ञापन
शनिवार को एडीएम ने रमुआपुर दुबई, चक शेरशाह और चक गजराज सहित अन्य गांवों में पहुंचकर काम की प्रगति की जानकारी ली। खराब प्रगति मिलने पर संबंधितों को जमकर फटकार लगाई। स्टाफ भी बढ़ाकर तय समय में काम पूरा कराने के आदेश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने स्थलों पर पहुंचकर जमीनी हकीकत को देखा। साथ ही निर्देश दिए कि पत्थर लगाने के दौरान संबंधित काश्तकारों को भी बुलाया जाए, जिससे उन्हें पूरी जानकारी हो सके। एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए पत्थर लगाने का काम चल रहा है। काम धीमा चला है। काम में तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं।