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गांव व कस्बों में धधक रहीं भट्ठियां, धड़ल्ले से बिक रहा मौत का सामान
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रायबरेली। जिले में जहरीली शराब का अवैध धंधा धड़ल्ले से फलफूल रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से अवैध शराब का धंधा बढ़ता जा रहा है।
खासकर पुलिस की संलिप्तता से अवैध धंधे में लगे लोगों के हौसले बुलंद हैं। अलीगढ़ जिले के अलावा जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के थुलरई गांव में अवैध शराब को लेकर जिस तरह घटना हुई, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जिले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का कारोबार हो रहा है।
कभी थानों की पुलिस अकेले तो कभी पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मिलकर अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने का दावा करती है, लेकिन यह महज गुडवर्क तक सीमित हो जाता है।
यही वजह है कि चाहे फिर कस्बा हो या फिर देहात क्षेत्र लोगों को मौत का सामान बेचा जा रहा है। अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई कई लोगों की मौत के बाद इसको लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इस पर पूरी तरह से शिकंजा कब कसेगा।
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यहां भी जहरीली शराब पीने से हुईं हैं मौतें
वर्ष 2007 में बछरावां थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद तत्कालीन एसपी मोहित अग्रवाल ने कड़ा रुख अख्तियार किया था। वर्ष 2013 में मिल एरिया थाना क्षेत्र में भी जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में कुछ दिन तक पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों ने तेजी दिखाई और लेकिन कुछ दिनों बाद फिर शराब की अवैध भट्ठियां धधकने लगीं।
पड़ोसी जनपदों से आती है शराब
जिले की सीमा से फतेहपुर, लखनऊ, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ जिले में हैं। इन जिलों से भी जहरीली शराब यहां बनकर आती है। साथ ही भेजी भी जाती है। अक्सर पुलिस की ओर से इन जिलों के धंधेबाजों को पकड़ा भी जाता है। पुलिस की ढिलाई से पूरी तरह से जहरीली शराब के धंधे पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
अवैध शराब बनाने के लिए बदनाम हैं ये गांव
कोतवाली क्षेत्र के बिबियापुर, अहियारायपुर, भदोखर क्षेत्र के भूएमऊ, रजवापुर, गढ़ी मुतवल्ली, माखा का पुरवा, हरबंशखेड़ा, कल्याणपुर रैली, मिलएरिया क्षेत्र के सिद्धा का पुरवा, मक्कू का पुरवा, मालिन का पुरवा, खसपरी, उफरामऊ, हरचंदपुर क्षेत्र के रहवां, पारा, मझिगवाराव, नयापुरवा, हरचंदपुर, गुरुबख्शगंज क्षेत्र के घाटमपुर, आशाराम का पुरवा, गोझरी, कोरिहर, चिलौला, गंभीरपुर, सोमबंशीपुर, सराय डिगोसा, बरउवा, बढ़इन, सरैया, बछरावां क्षेत्र के पासीटूसी, उफरामऊ, भुलेंडी, बख्तावरखेड़ा, भवरेश्वर, शिवगढ़ क्षेत्र के बोधीखेड़ा, नया पुरवा, सर्वजीत पुरवा, खीरों क्षेत्र के मोहनपुरा, मुस्तकीमगंज, बेहटा सातनपुर, कलुआ खेड़ा, पृथ्वीखेड़ा, महरानीगंज, सेमरी कछुवारा, लालगंज क्षेत्र के नंदाखेड़ा, गुलाब पुरवा, भिखियापुरवा, सरेनी क्षेत्र के बैरुवा रामपुर, गोबरेपुर, ऊंचाहार क्षेत्र के नयापुरवा भीटा, अरखा, भटेहरी, नरवापार व गुलरिहा आदि शराब बनाने के लिए बदनाम हैं। इसके अलावा करीब डेढ़ सौ और गांवों में भी शराब बनती है।
अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। आबकारी टीमें गांवों में जाकर छापामारी करके अवैध शराब बरामद कर शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। अलीगढ़ की घटना के बाद छापामारी में और तेजी लाई जाएगी, ताकि शराब बनाने का अवैध धंधा बंद हो।
राजेश्वर मौर्य, जिला आबकारी अधिकारी
अलीगढ़ की घटना के बाद सभी सीओ व थानेदारों को क्षेत्रों में अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। काफी मात्रा में अवैध शराब बरामद करके आरोपियों को पकड़ा गया है। इससे पहले भी अभियान चलाकर अवैध शराब का धंधा करने वाले लोगों पर कार्रवाई कराई जा रही है।
श्लोक कुमार, एसपी
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खासकर पुलिस की संलिप्तता से अवैध धंधे में लगे लोगों के हौसले बुलंद हैं। अलीगढ़ जिले के अलावा जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के थुलरई गांव में अवैध शराब को लेकर जिस तरह घटना हुई, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जिले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का कारोबार हो रहा है।
कभी थानों की पुलिस अकेले तो कभी पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मिलकर अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने का दावा करती है, लेकिन यह महज गुडवर्क तक सीमित हो जाता है।
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यही वजह है कि चाहे फिर कस्बा हो या फिर देहात क्षेत्र लोगों को मौत का सामान बेचा जा रहा है। अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई कई लोगों की मौत के बाद इसको लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इस पर पूरी तरह से शिकंजा कब कसेगा।
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यहां भी जहरीली शराब पीने से हुईं हैं मौतें
वर्ष 2007 में बछरावां थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद तत्कालीन एसपी मोहित अग्रवाल ने कड़ा रुख अख्तियार किया था। वर्ष 2013 में मिल एरिया थाना क्षेत्र में भी जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में कुछ दिन तक पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों ने तेजी दिखाई और लेकिन कुछ दिनों बाद फिर शराब की अवैध भट्ठियां धधकने लगीं।
पड़ोसी जनपदों से आती है शराब
जिले की सीमा से फतेहपुर, लखनऊ, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ जिले में हैं। इन जिलों से भी जहरीली शराब यहां बनकर आती है। साथ ही भेजी भी जाती है। अक्सर पुलिस की ओर से इन जिलों के धंधेबाजों को पकड़ा भी जाता है। पुलिस की ढिलाई से पूरी तरह से जहरीली शराब के धंधे पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
अवैध शराब बनाने के लिए बदनाम हैं ये गांव
कोतवाली क्षेत्र के बिबियापुर, अहियारायपुर, भदोखर क्षेत्र के भूएमऊ, रजवापुर, गढ़ी मुतवल्ली, माखा का पुरवा, हरबंशखेड़ा, कल्याणपुर रैली, मिलएरिया क्षेत्र के सिद्धा का पुरवा, मक्कू का पुरवा, मालिन का पुरवा, खसपरी, उफरामऊ, हरचंदपुर क्षेत्र के रहवां, पारा, मझिगवाराव, नयापुरवा, हरचंदपुर, गुरुबख्शगंज क्षेत्र के घाटमपुर, आशाराम का पुरवा, गोझरी, कोरिहर, चिलौला, गंभीरपुर, सोमबंशीपुर, सराय डिगोसा, बरउवा, बढ़इन, सरैया, बछरावां क्षेत्र के पासीटूसी, उफरामऊ, भुलेंडी, बख्तावरखेड़ा, भवरेश्वर, शिवगढ़ क्षेत्र के बोधीखेड़ा, नया पुरवा, सर्वजीत पुरवा, खीरों क्षेत्र के मोहनपुरा, मुस्तकीमगंज, बेहटा सातनपुर, कलुआ खेड़ा, पृथ्वीखेड़ा, महरानीगंज, सेमरी कछुवारा, लालगंज क्षेत्र के नंदाखेड़ा, गुलाब पुरवा, भिखियापुरवा, सरेनी क्षेत्र के बैरुवा रामपुर, गोबरेपुर, ऊंचाहार क्षेत्र के नयापुरवा भीटा, अरखा, भटेहरी, नरवापार व गुलरिहा आदि शराब बनाने के लिए बदनाम हैं। इसके अलावा करीब डेढ़ सौ और गांवों में भी शराब बनती है।
अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। आबकारी टीमें गांवों में जाकर छापामारी करके अवैध शराब बरामद कर शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। अलीगढ़ की घटना के बाद छापामारी में और तेजी लाई जाएगी, ताकि शराब बनाने का अवैध धंधा बंद हो।
राजेश्वर मौर्य, जिला आबकारी अधिकारी
अलीगढ़ की घटना के बाद सभी सीओ व थानेदारों को क्षेत्रों में अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। काफी मात्रा में अवैध शराब बरामद करके आरोपियों को पकड़ा गया है। इससे पहले भी अभियान चलाकर अवैध शराब का धंधा करने वाले लोगों पर कार्रवाई कराई जा रही है।
श्लोक कुमार, एसपी