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Raebareli News: खेतों को निगलने लगीं लहरें, फसलें डूबीं
Mon, 24 Aug 2026 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 24 Aug 2026 01:15 AM IST
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डलमऊ में गंगा का बढ़ता जलस्तर।
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डलमऊ। पहाड़ी क्षेत्रो में हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। डलमऊ में गंगा के तेज बहाव से कटरी क्षेत्र में खेतों का कटान शुरू हो गया है। फसलें डूब गई हैं। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं। गंगा चेतावनी बिंदु से 24 सेंटीमीटर दूर है।
रविवार को केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 98.120 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। यह चेतावनी बिंदु 98.360 सेंटीमीटर की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जलस्तर बढ़ता रहा तो शीघ्र ही पानी चेतावनी बिंदु को पार कर जाएगा। स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटान के कारण चक मलिक भीटी, मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, आंबा, पूरे बबुरा, पूरे डंगरी, पूरे नया, खपराताल, पूरे रेवती, लुक चांदपुर और कल्याणपुर बेती समेत एक दर्जन से अधिक गांव सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। कटरी क्षेत्र में बोई गई सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं।
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किसान कमलेश, धनेश, नरेश और जगतपाल ने पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि हर वर्ष बाढ़ उनकी महीनों की हाड़-तोड़ मेहनत को लील जाती है। इसके बावजूद प्रशासन ने आज तक उन्हें फूटी कौड़ी भी मुआवजे में प्रदान नहीं की है। किसानों ने शीघ्र राहत सामग्री वितरण और फसल क्षतिपूर्ति की मांग की है।
उप जिलाधिकारी प्रीति सिंह ने बताया कि बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। क्षेत्रीय लेखपालों को गंगा के जलस्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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रविवार को केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 98.120 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। यह चेतावनी बिंदु 98.360 सेंटीमीटर की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जलस्तर बढ़ता रहा तो शीघ्र ही पानी चेतावनी बिंदु को पार कर जाएगा। स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
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गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटान के कारण चक मलिक भीटी, मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, आंबा, पूरे बबुरा, पूरे डंगरी, पूरे नया, खपराताल, पूरे रेवती, लुक चांदपुर और कल्याणपुर बेती समेत एक दर्जन से अधिक गांव सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। कटरी क्षेत्र में बोई गई सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं।
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किसान कमलेश, धनेश, नरेश और जगतपाल ने पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि हर वर्ष बाढ़ उनकी महीनों की हाड़-तोड़ मेहनत को लील जाती है। इसके बावजूद प्रशासन ने आज तक उन्हें फूटी कौड़ी भी मुआवजे में प्रदान नहीं की है। किसानों ने शीघ्र राहत सामग्री वितरण और फसल क्षतिपूर्ति की मांग की है।
उप जिलाधिकारी प्रीति सिंह ने बताया कि बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। क्षेत्रीय लेखपालों को गंगा के जलस्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।