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यूपी: संदिग्ध पाकिस्तानियों को भारतीय नागरिकता देने की साजिश नाकाम, देश भर से इस तरह से जुड़ी रहीं कड़ियां
Wed, 10 Dec 2025 07:32 AM IST
रोहित मिश्र
मनोज ओझा, अमर उजाला रायबरेली
मनोज ओझा, अमर उजाला रायबरेली
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 10 Dec 2025 07:32 AM IST
सार
Pakistani citizens: यूपी के रायबरेली जिले में पाकिस्तानियों को संदिग्ध नागरिकता देने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इसके तार देश के कई राज्यों से जुड़ रहे हैं।
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यूपी में अवैध नागरिकता।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सलोन में बनवाए गए फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों की मदद से संदिग्ध पाकिस्तानियों को भारतीय नागरिकता दिलाने की साजिश नाकाम हो गई। एनआईए के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तान सीमा से जुडे़ गुजरात, पंजाब और राजस्थान के पते पर बने 500 से अधिक प्रमाणपत्र पकड़ में आए हैं। इनमें से 58 को मंगलवार को निरस्त कर दिया गया।
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राजस्थान के जोधपुर स्थित ठाकुर विकेंद्र नगर के पते पर बने हैदर के फर्जी प्रमाणपत्र को मंगलवार सुबह सबसे पहले निरस्त किया गया। इसी प्रकार बिहार के पीरा बीघा चकंदगया के मो. अब्बास अंसारी, झारखंड के सद्दाम हुसैन, मोइनखान, पंजाब के लुधियाना निवासी अली, अहमदाबाद के शेरअली का जन्म प्रमाणपत्र भी निरस्त किया गया।
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जांच में सलाेन के गढ़ी अलीनगर, इस्लामनगर के साथ ही मूल पते पर भी संबंधित नाम के व्यक्ति नहीं मिले। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सभी संदिग्ध या तो पाकिस्तानी हैं या फिर बांग्लादेश से घुसपैठ कर देश में दाखिल हुए हैं। इनमें 2023 में मुंबई से पकड़े गए चार बांग्लादेशियों के नाम भी शामिल हैं। इससे पहले जम्मू में भी पकड़े गए रोहिंग्या के पास सलोन से ही बने जन्म प्रमाणपत्र मिले थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार संदिग्धों ने पासपोर्ट और नागरिकता के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाए थे।
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देशभर में हुआ वीडीओ की आईडी का दुरुपयोग
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हस्तक्षेप के बाद जिले में जन्म प्रमाणपत्रों का फर्जीवाड़ा 17 जुलाई 2024 को उजागर हुआ। जांच में कड़ी बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों से भी जुड़ी। बंगलूरू व मुंबई में फर्जी प्रमाणपत्रों के साथ बांग्लादेशी पकडे़ गए। इस बीच सामने आया कि इन घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता दिलाने का षड्यंत्र चल रहा था। आरोपी ग्राम विकास अधिकारी विजय यादव, जन सेवा केंद्र (सीएससी) संचालक जीशान खान, सुहेल और रियाज ने मिलकर देशभर में वीडीओ की आईडी व पासवर्ड का दुरुपयोग कर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए।
एक प्रमाणपत्र निरस्त करने में लग रहे आठ मिनट
जन्म प्रमाण पत्र।
- फोटो : अमर उजाला।
जिले में 52 हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने के लिए सलोन ब्लॉक के साथ ही जिला मुख्यालय पर टीम का गठन किया गया है। एक प्रमाणपत्र को निरस्त करने में आठ मिनट तक का समय लग रहा है। मंगलवार को 558 फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त किया गया।
इन ग्राम पंचायतों में बने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र
ग्राम पंचायत जन्म प्रमाणपत्र
पाल्हीपुर 13707
नुरुद्दीनपुर 10208
पृथ्वीपुर 9393
सांडा सैदन 4897
माधौपुर निनैया 3746
लहुरेपुर 3800
सिरसिरा 2795
गढ़ी इस्लामनगर 2395
औनानीश 1685
गोपालपुर उर्फ अनंतपुर 231
कालू जलालपुर 07
दुबहन 02
कुल 52846
पाल्हीपुर 13707
नुरुद्दीनपुर 10208
पृथ्वीपुर 9393
सांडा सैदन 4897
माधौपुर निनैया 3746
लहुरेपुर 3800
सिरसिरा 2795
गढ़ी इस्लामनगर 2395
औनानीश 1685
गोपालपुर उर्फ अनंतपुर 231
कालू जलालपुर 07
दुबहन 02
कुल 52846