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अंडरग्राउंड केबल जला, सवा लाख आबादी बेहाल
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रायबरेली/जगतपुर। जिले में बिजली आपूर्ति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। कहीं पर लाइन में फॉल्ट के चलते सप्लाई बंद रहती है तो कहीं पर अंडरग्राउंड केबल जल रही है।
रविवार सुबह अमावां ट्रांसमिशन से जगतपुर विद्युत उपकेंद्र जाने वाली 33 केवी लाइन की अंडरग्राउंड केबल जल गई। इससे करीब सवा लाख आबादी अंधेरेे में है। देर शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू न होने से उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
जगतपुर विद्युत उपकेंद्र से करीब सवा लाख लोगों को बिजली मिलती है। रात में सप्लाई चल रही थी। रविवार सुबह पांच बजे अमावां से जगतपुर जाने वाली लाइन की अंडरग्राउंड केबल इंदिरा उद्यान के पास जल गई। इससे आपूर्ति बंद हो गई। दोपहर तो फॉल्ट खोजने में निकल गई।
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कई घंटे की मशक्कत के बाद फॉल्ट मिला। बिजली न आने से जहां ग्रामीणों को गर्मी से जूझना पड़ा। वहीं किसान सिंचाई के संकट से परेशान हुए। व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित रहा। उपभोक्ता गुरुबख्श, संतोष कुमार यादव ने बताया कि बिजली न आने से कारखाना बंद है। धान और गेहूं की पिसाई का काम नहीं हो सकता।
इसी तरह वेल्डिंग का कारखाना चलाने वाले राकेश कुमार, मनीष तिवारी ने बताया कि बिजली न आने से काफी नुकसान हुआ। कई ग्राहक आए और वापस लौट गए। यदि बिजली रहती तो कुछ न कुछ कमाई हो जाती।
उपभोक्ताओं ने बताया कि अक्सर बिजली की समस्या बनी रहती है। कभी फीडर की लाइनों में फॉल्ट बना रहता है तो कभी अन्य तकनीकी खराबी के चलते बत्ती गुल रहती है।
उधर, अवर अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि अंडरग्राउंड केबल जलने से समस्या आई है। फॉल्ट को ठीक कराकर आपूर्ति चलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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रविवार सुबह अमावां ट्रांसमिशन से जगतपुर विद्युत उपकेंद्र जाने वाली 33 केवी लाइन की अंडरग्राउंड केबल जल गई। इससे करीब सवा लाख आबादी अंधेरेे में है। देर शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू न होने से उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
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जगतपुर विद्युत उपकेंद्र से करीब सवा लाख लोगों को बिजली मिलती है। रात में सप्लाई चल रही थी। रविवार सुबह पांच बजे अमावां से जगतपुर जाने वाली लाइन की अंडरग्राउंड केबल इंदिरा उद्यान के पास जल गई। इससे आपूर्ति बंद हो गई। दोपहर तो फॉल्ट खोजने में निकल गई।
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कई घंटे की मशक्कत के बाद फॉल्ट मिला। बिजली न आने से जहां ग्रामीणों को गर्मी से जूझना पड़ा। वहीं किसान सिंचाई के संकट से परेशान हुए। व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित रहा। उपभोक्ता गुरुबख्श, संतोष कुमार यादव ने बताया कि बिजली न आने से कारखाना बंद है। धान और गेहूं की पिसाई का काम नहीं हो सकता।
इसी तरह वेल्डिंग का कारखाना चलाने वाले राकेश कुमार, मनीष तिवारी ने बताया कि बिजली न आने से काफी नुकसान हुआ। कई ग्राहक आए और वापस लौट गए। यदि बिजली रहती तो कुछ न कुछ कमाई हो जाती।
उपभोक्ताओं ने बताया कि अक्सर बिजली की समस्या बनी रहती है। कभी फीडर की लाइनों में फॉल्ट बना रहता है तो कभी अन्य तकनीकी खराबी के चलते बत्ती गुल रहती है।
उधर, अवर अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि अंडरग्राउंड केबल जलने से समस्या आई है। फॉल्ट को ठीक कराकर आपूर्ति चलाने का प्रयास किया जा रहा है।