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Raebareli News: प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान के 3.17 करोड़ रुपये गबन करने वाले दो गिरफ्तार
Sat, 21 Jun 2025 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 21 Jun 2025 12:58 AM IST
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नगर पालिका में गबन करने वाले फरार आरोपी विक्रम और जसवंत।
रायबरेली। नगर पालिका के अधिकारियों के खाते से 3.17 करोड़ रुपयों का गबन कर गायब चल रहे कंप्यूटर ऑपरेटर को क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को उसके भाई के साथ शाहजहांपुर में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने वर्ष 2022 में नगर पालिका के अधिकारियों के डिजिटल सिग्नेचर और अन्य दस्तावेजों की मदद से प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान के 3.17 करोड़ रुपये सीतापुर और लखनऊ की बैंकों में ट्रांसफर किया था। पुलिस की पकड़ में आने पर आरोपी ने घटना के बारे में सिलसिलेवार जानकारी दी। पुलिस ने बैंकों से रुपयों को पालिका के खाते में दोबारा ट्रांसफर करा दिया है।
नगर पालिका रायबरेली में वर्ष 2022 में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर पकड़िया हाकिम जिला शाहजहांपुर निवासी विक्रम शर्मा की नियुक्ति हुई थी। इस दौरान विक्रम ने प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान के रिकाॅर्ड में गड़बड़ी की थी। साथ ही अधिकारियों की गोपनीय जानकारी भी हैक कर ली थी। जिसपर उसे जेल भेज दिया गया था। जेल से छूटने के बाद शातिर विक्रम ने अपने भाई जसवंत शर्मा की मदद से नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के हैक किए गए डिजिटल सिग्नेचर और उनके आधार कार्ड की मदद से 3.17 करोड़ रुपये सीतापुर और लखनऊ की बैंकों में जमा करा दिए।
इस मामले में 25 अक्तूबर 2023 को ईओ स्वर्ण सिंह ने सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। एसपी डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी को पकड़ने में लगी थी। पुलिस ने शाहजहांपुर से विक्रम शर्मा और जसवंत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि अस्थायी रूप से नगर पालिका में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करने वाले विक्रम शर्मा ने शातिर ढंग से अधिकारियों की गोपनीय जानकारी को एकत्र किया और उसके बाद 3.17 करोड़ रुपये सीतापुर और लखनऊ की बैंकों में ट्रांसफर कर दिया था।
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इन फर्मों में भी भेजी गई थी धनराशि
वारदात के बाद नगर पालिका के अधिकारियों ने बैंक जाकर पता लगाया था। जानकारी मिली थी कि तीन बार में 3.17 करोड़ रुपये की धनराशि का ट्रांसफर हुआ। इसके तहत फर्म अनेकता में एकता क्रांति मंच के खाते में 98 लाख 65 हजार 987 रुपये, 99 लाख 56 हजार 895 रुपये और न्यू रॉयल इंटरप्राइजेज के खाते में एक करोड़ 20 लाख 68 हजार 975 रुपये भेजे गए। नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ की ओर से इन फर्मों का कोई भुगतान नहीं किया गया था।
सीतापुर व लखनऊ की बैंकों में भेजे गए थे रुपये
जिन फर्मों के खाते में रुपये भेजे गए, वे नगर पालिका के लिए काम नहीं करती हैं। एक करोड़ 98 लाख से ज्यादा धनराशि सीतापुर के स्टेशन रोड नई बस्ती स्थित बैंक ऑफ इंडिया के खाते में और एक करोड़ 20 लाख से ज्यादा रुपये आईसीआईसीआई बैंक लखनऊ के खाते में भेजे गए। लखनऊ की बैंक के खाते से दो बार में 15 लाख रुपये निकाले भी गए थे।
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नगर पालिका रायबरेली में वर्ष 2022 में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर पकड़िया हाकिम जिला शाहजहांपुर निवासी विक्रम शर्मा की नियुक्ति हुई थी। इस दौरान विक्रम ने प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान के रिकाॅर्ड में गड़बड़ी की थी। साथ ही अधिकारियों की गोपनीय जानकारी भी हैक कर ली थी। जिसपर उसे जेल भेज दिया गया था। जेल से छूटने के बाद शातिर विक्रम ने अपने भाई जसवंत शर्मा की मदद से नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के हैक किए गए डिजिटल सिग्नेचर और उनके आधार कार्ड की मदद से 3.17 करोड़ रुपये सीतापुर और लखनऊ की बैंकों में जमा करा दिए।
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इस मामले में 25 अक्तूबर 2023 को ईओ स्वर्ण सिंह ने सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। एसपी डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी को पकड़ने में लगी थी। पुलिस ने शाहजहांपुर से विक्रम शर्मा और जसवंत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि अस्थायी रूप से नगर पालिका में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करने वाले विक्रम शर्मा ने शातिर ढंग से अधिकारियों की गोपनीय जानकारी को एकत्र किया और उसके बाद 3.17 करोड़ रुपये सीतापुर और लखनऊ की बैंकों में ट्रांसफर कर दिया था।
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इन फर्मों में भी भेजी गई थी धनराशि
वारदात के बाद नगर पालिका के अधिकारियों ने बैंक जाकर पता लगाया था। जानकारी मिली थी कि तीन बार में 3.17 करोड़ रुपये की धनराशि का ट्रांसफर हुआ। इसके तहत फर्म अनेकता में एकता क्रांति मंच के खाते में 98 लाख 65 हजार 987 रुपये, 99 लाख 56 हजार 895 रुपये और न्यू रॉयल इंटरप्राइजेज के खाते में एक करोड़ 20 लाख 68 हजार 975 रुपये भेजे गए। नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ की ओर से इन फर्मों का कोई भुगतान नहीं किया गया था।
सीतापुर व लखनऊ की बैंकों में भेजे गए थे रुपये
जिन फर्मों के खाते में रुपये भेजे गए, वे नगर पालिका के लिए काम नहीं करती हैं। एक करोड़ 98 लाख से ज्यादा धनराशि सीतापुर के स्टेशन रोड नई बस्ती स्थित बैंक ऑफ इंडिया के खाते में और एक करोड़ 20 लाख से ज्यादा रुपये आईसीआईसीआई बैंक लखनऊ के खाते में भेजे गए। लखनऊ की बैंक के खाते से दो बार में 15 लाख रुपये निकाले भी गए थे।