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परमिट जारी किए गए एक हजार, काट दिए गए दो हजार पेड़

Sat, 11 Jan 2020 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jan 2020 11:42 PM IST
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timber maffiya
रायबरेली। सलोन क्षेत्र में लाखों कीमत की बरामद की गई प्रतिबंधित लकड़ी के बाद वन विभाग में हरियाली मिटाने का चल रहा खेल उजागर हो गया है। विभागीय आंकड़ों पर गौैर करें तो करीब दो साल में एक हजार पेड़ काटने का परमिट जारी किया गया लेकिन इसके इतर दो हजार से ज्यादा पेड़ काट दिए गए।
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खास बात ये है कि सलोन क्षेत्र में सबसे अधिक पेड़ काटे गए। सेटिंग-गेटिंग के खेल में लकड़ी माफिया के आगे विभागीय अधिकारी, कर्मचारी भी नतमस्तक हैं। लकड़ी कटान का मामला उजागर होने के बाद भी जिले में बैठे अधिकारी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं।
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वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018-19 में 642 और वर्ष 2019-20 में पेड़ों के कटान के लिए एक हजार 20 परमिट जारी किए गए। पेड़ों के प्रौढ़ होने पर ही कटान के लिए परमिट जारी किए जाने का नियम है।
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सलोन कोतवाली क्षेत्र में सीओ सलोन विनीत सिंह की ओर से मारे गए छापे में लाखों रुपये की प्रतिबंधित लकड़ी बरामद की गई। खास बात ये है कि सलोन के अलावा सरेनी, डीह, खीरों, डलमऊ, गदागंज समेत अन्य थाना क्षेत्रों को मिलाकर इतने समय में दो हजार से ज्यादा प्रतिबंधित प्रजाति महुआ, शीशम, नीम के पेड़ काट दिए गए।
सीओ की जांच में पाया गया कि करीब दो साल में सलोन क्षेत्र में ही छह सौ से ज्यादा प्रतिबंधित पेड़ काट दिए गए। सलोन सर्किल क्षेत्र अधिक हरा भरा होने की वजह से यहां पर पेड़ों की कटान आसानी से हो जाती है। सलोन सर्किल में वन विभाग का रेंजर कार्यालय भी बनाया गया है। बावजूद इसके इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटान होना क्षेत्रीय रेंजर और अन्य वन कर्मियों की भूमिका पर सवालिया निशान लगा रहा है। लकड़ी माफिया के आगे विभागीय अधिकारी कार्रवाई के नाम पर खानापूरी करते रहे।
पर्यावरण को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में सरकार अधिक से अधिक पौधे रोपित करा रही है। इस बार रायबरेली जिले में वन विभाग के अलावा अन्य विभागों को मिलाकर 34 लाख पौधे रोपित किए गए थे ताकि जिले को हरा भरा बनाया जा सके। वन विभाग के अफसर पौधरोपण का प्रचार-प्रसार करने की नसीहत तो देते रहे लेकिन पेड़ों की कटान पर रोक लगाने के लिए सख्ती दिखाना उचित नहीं समझते। कार्रवाई तो छोड़िए सलोन क्षेत्र में पकड़ी गई लकड़ी के मामले की जांच तक यहां के अफसर कराना भूल बैठे हैं।
सलोन क्षेत्र में बरामद की गई प्रतिबंधित लकड़ी का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। वन विभाग के चीफ आरके सिंह ने डीएफओ से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। उन्होंने रिपोर्ट मांगी है कि वन विभाग की तरफ से अब तक पेड़ कटान पर क्या कार्रवाई की गई। जहां पर पेड़ काटे गए हैं, वहां पर किन-किन वन कर्मियों की तैनाती है। किस वजह से इतनी बड़ी लापरवाही हुई है। रिपोर्ट तलब किए जाने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है।

वन विभाग के चीफ आरके सिंह ने बताया कि सलोन क्षेत्र में लाखों कीमत की प्रतिबंधित लकड़ी बरामद किए जाने का मामला जानकारी में आया है। जिले में कितने पेड़ों के कटान के परमिट जारी किए और कितने पेड़ काटे गए, इसकी पूरी रिपोर्ट डीएफओ से तलब की गई है। यह मामला गंभीर है। जांच कराकर दोषी वन कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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