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यूरिया मिश्रित कच्ची शराब बनाने वाले तीन को उम्रकैद
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रायबरेली। सेशन कोर्ट ने डीह थाना क्षेत्र से जुड़े करीब 12 साल पुराने यूरिया मिश्रित कच्ची शराब बनाने के मामले में दोष सिद्ध होने पर तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल शाहिद ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले डीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के मुताबिक मामले की रिपोर्ट थाना डीह के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक भुवनेश्वर पांडेय ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 24 फरवरी 2010 को डीह थाना क्षेत्र के अयासपुर डीही गांव के बाहर बांस कोठी के पास से बिना वैध लाइसेंस के शराब बनाने के उपकरण व 19 लीटर यूरिया मिश्रित कच्ची शराब बरामद की हुई थी।
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पुलिस ने मौके से अयासपुर डीही निवासी रामकेश, चंद्रपाल, राधे, रामप्रसाद व रामप्रकाश को गिरफ्तार किया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कच्ची शराब में यूरिया मिली होने की पुष्टि हुई थी।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान चंद्रपाल व रामप्रकाश की मृत्यु हो गई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर रामकेश, राधे व रामप्रसाद को दोषी पाया। इसके बाद उम्रकैद की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले डीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के मुताबिक मामले की रिपोर्ट थाना डीह के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक भुवनेश्वर पांडेय ने दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार 24 फरवरी 2010 को डीह थाना क्षेत्र के अयासपुर डीही गांव के बाहर बांस कोठी के पास से बिना वैध लाइसेंस के शराब बनाने के उपकरण व 19 लीटर यूरिया मिश्रित कच्ची शराब बरामद की हुई थी।
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पुलिस ने मौके से अयासपुर डीही निवासी रामकेश, चंद्रपाल, राधे, रामप्रसाद व रामप्रकाश को गिरफ्तार किया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कच्ची शराब में यूरिया मिली होने की पुष्टि हुई थी।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान चंद्रपाल व रामप्रकाश की मृत्यु हो गई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर रामकेश, राधे व रामप्रसाद को दोषी पाया। इसके बाद उम्रकैद की सजा सुनाई।