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Raebareli News: गैंग से बेरोजगारों को जोड़ने का चल रहा था खेल

Sun, 01 Jun 2025 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Sun, 01 Jun 2025 12:58 AM IST
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There was a game going on to connect unemployed people with the gang
रायबरेली। रहीम और महताब आलम के अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग भारत में अपनी जड़ें जमा चुका है। इससे रायबरेली जिला भी अछूता नहीं है। रहीम और महताब आलम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास तो कर रही है, लेकिन दोनों के पाकिस्तान, दुबई में होने की वजह से पुलिस के लिए यह काम आसान नहीं है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग से बेरोजगार युवाओं को जोड़ा जाता है।
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इन युवाओं को गांवों में भेजकर लोगों के बैंकों में खाता खुलवाए जाते हैं। इन खातों के जरिए ही ठगी के रुपयों का लेनदेन किया जाता है। संजय पांडेय रायबरेली से इस गैंग का संचालन कर रहा था। जांच में इस बात की पुष्टि हुई थी कि संजय पांडेय एजेंट के तौर पर काम कर रहा था। सबसे पहले पुलिस ने संजय और उसके पांच साथियों को अप्रैल माह में जेल भेजा था। इसके बाद से इस अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग की परत दर परत खुल रही हैं। इस गैंग ने देशभर में 10 हजार खाते खुलवाए हैं।
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बीते बुधवार को पुलिस ने तमिलनाडु प्रांत के सेलवा विनगर कोडुगैयुर चेन्नई निवासी जावेद जलाल, एनएसके नगर अरुमवक्कम चेन्नई निवासी मथीअजागन और बिहार प्रांत के सिवान जिले के माधोपुर निवासी दिलशाद आलम को गिरफ्तार किया था। जावेद वनाबिल बिजनेस सॉल्यूशन कंपनी का निदेशक है। साथ ही दिलशाद भी कंपनी की देखरेख करता है।
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दिलशाद का ही भाई महताब आलम है, जो दुबई में रहकर गिरोह से जुड़ा है। रायबरेली पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं। एएसपी संजीव कुमार सिन्हा कहते हैं कि एसआईटी मामले की जांच कर रही है। गैंग से जो भी लोग जुड़े हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।


सक्रिय होती पुलिस तो पहले खुल जाता गैंग का कारनामा
अंतर्राष्ट्रीय साइबर गैंग सिर्फ भारत के विभिन्न राज्यों में ही नहीं, बल्कि दुबई, नेपाल, बांग्लादेश तक जड़ जमा चुका है। पुलिस सूत्रों की माने तो महताब आलम और रहीम ही भारत से लेकर विदेशों तक गैंग का संचालन कर रहे हैं। इस गैंग के कई लोग पहले अन्य पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, बिहार राज्यों की पुलिस के हत्थे चढ़े थे, लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया। रायबरेली में जब इस गैंग के सक्रिय होने की बात सामने आई तो जांच शुरू हुई। पुलिस की सख्ती का नतीजा रहा कि एक के बाद एक आरोपी पकड़े गए और इस गैंग का कारनामा उजागर हो सका।



मोबाइल में मिली महताब से बातचीत की चैटिंग
आरोपी जावेद जलाल, मथीअजागन और दिलशाद आलम के पास से पुलिस ने बुधवार को एक लैपटॉप व चार मोबाइल बरामद किए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन पर दुबई में बैठे महताब आलम से बातचीत की चैटिंग मिली है। चैटिंग में महताब सभी से कितना पैसा खातों में लेनदेन किया गया, गैंग से जुड़े लोग क्या कर रहे हैं... इसकी जानकारी का रिकार्ड दर्ज पाया गया है। पुलिस लैपटॉप और मोबाइल को जांच के लिए विधिविज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजेगी, ताकि गैंग से जुड़ी अन्य अहम जानकारी हाथ लग सके।
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