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अपराधियों को सजा, पीड़ितों को मिले इंसाफ
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jan 2016 11:25 PM IST
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उन्होंने दो टूक कहा कि पीड़ित को इंसाफ दिलाने में किसी तरह की हीलाहवाली न बरती जाए। साफ संदेश दिया जाए कि अपराध करने पर अपराधियों को सजा मिलेगी।
यदि लापरवाही की गई तो पीड़ितों को इंसाफ मिलने की उम्मीद धूमिल होगी और कहा कि ऐसा हरगिज न हो। उन्होंने कहा कि चलाए जा रहे सजा कराओ अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
अभियान के तहत अपराधियों को सजा दिलाकर पीड़ितों को इंसाफ दिलाया गया। एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में डीजी ने एएसपी राममूरत यादव के साथ अब की गई पैरवी को लेकर अभियोजन अधिकारियों से सवाल जवाब किए।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले में 178 अपराधियों को 10 वर्ष से कम और 31 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा दिलाई गई।
626 अपराधियों की जमानत निरस्त कराई गई। उन्होंने बताया कि रायबरेली लखनऊ परिक्षेत्र में आता है। लखनऊ परिक्षेत्र में 1,477 अपराधियों को 10 वर्ष से कम और 304 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा दिलाई गई।
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लखनऊ परिक्षेत्र के अंतर्गत चार हजार अपराधियों की जमानत निरस्त कराई गई। डीजी ने कहा कि निदेशालय स्तर पर एक कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है।
प्रदेश स्तर पर एक हेल्पलाइन भी खोली गई है। जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था से संबंधित एवं गवाहों के मार्गदर्शन से संबंधित कार्य किया जा रहा है।
यदि किसी पीड़ित या गवाह की समस्या का समाधान नहीं होता है तो वह मदद के लिए 100 नंबर पर डायल कर सकता है।
अभियोजन निदेशालय के टेलीफोन नंबर 0522-2305780 या सीयूजी नंबर 9454456612 पर इसकी सूचना दी जा सकती है।
इस मौके पर डीजीसी क्रिमिनल बीके त्रिपाठी, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव, एडीजीसी क्रिमिनल अशोक मिश्रा, बृजेश कुमार अशोक मिश्रा औरगिरजेश कुमार मौजूद रहे।
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यदि लापरवाही की गई तो पीड़ितों को इंसाफ मिलने की उम्मीद धूमिल होगी और कहा कि ऐसा हरगिज न हो। उन्होंने कहा कि चलाए जा रहे सजा कराओ अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
अभियान के तहत अपराधियों को सजा दिलाकर पीड़ितों को इंसाफ दिलाया गया। एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में डीजी ने एएसपी राममूरत यादव के साथ अब की गई पैरवी को लेकर अभियोजन अधिकारियों से सवाल जवाब किए।
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उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले में 178 अपराधियों को 10 वर्ष से कम और 31 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा दिलाई गई।
626 अपराधियों की जमानत निरस्त कराई गई। उन्होंने बताया कि रायबरेली लखनऊ परिक्षेत्र में आता है। लखनऊ परिक्षेत्र में 1,477 अपराधियों को 10 वर्ष से कम और 304 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा दिलाई गई।
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लखनऊ परिक्षेत्र के अंतर्गत चार हजार अपराधियों की जमानत निरस्त कराई गई। डीजी ने कहा कि निदेशालय स्तर पर एक कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है।
प्रदेश स्तर पर एक हेल्पलाइन भी खोली गई है। जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था से संबंधित एवं गवाहों के मार्गदर्शन से संबंधित कार्य किया जा रहा है।
यदि किसी पीड़ित या गवाह की समस्या का समाधान नहीं होता है तो वह मदद के लिए 100 नंबर पर डायल कर सकता है।
अभियोजन निदेशालय के टेलीफोन नंबर 0522-2305780 या सीयूजी नंबर 9454456612 पर इसकी सूचना दी जा सकती है।
इस मौके पर डीजीसी क्रिमिनल बीके त्रिपाठी, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव, एडीजीसी क्रिमिनल अशोक मिश्रा, बृजेश कुमार अशोक मिश्रा औरगिरजेश कुमार मौजूद रहे।