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बारात देखने के दौरान ढही छत, छह घायल
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 06 May 2017 12:18 AM IST
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रायबेरली में गुरुवार की रात औना सदरा गांव में बारात देखने के लिए जुटी भीड़ के कारण ढही छत।
- फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली क्षेत्र के ओना सदरा गांव में गुरुवार की रात बारात देखने के दौरान एक मकान की छत भरभराकर ढह गई। इससे बारात देखने के लिए छत पर चढ़ी पांच किशोरियों समेत छह लोग मलबे में दबकर घायल हो गए। वहीं अन्य महिलाएं बाल-बाल हादसे में बच गई। बताया जा रहा है कि मकान जर्जर था, जिसके चलते हादसा हुआ। आनन-फानन में घायलों को निजी अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया। इस घटना के काफी देर तक अफरातफरी रही।
औना सदरा मजरे सलोन देहात गांव में गुरुवार को श्यामलाल मिस्त्री की भतीजी गुदना की शादी थी। शाम को बारात आई थी। बरातियों का खूब सेवा सत्कार हुआ। लगभग 11 बजे बारात जनवासे से गाजे बाजे के साथ निकलकर श्यामलाल के घर पहुचने वाली थी। इसी दौरान गांव की तमाम महिलाएं व किशोरियां अपने-अपने छत पर से बारात को देख रही थी।
इसी दौरान पड़ोसी प्रेमचंद्र पुत्र रामसेवक के छत पर लगभग एक दर्जन महिलाएं व किशोरियां बारात को देखने पहुंची थी। अचानक प्रेमचंद्र के मकान की छत भरभरा कर ढह गई। इससे सभी मलबे में दब गए। अचानक छत ढहने की आवाज सुनने से लोगों में अफरातफरी मच गई। कुछ देर के लिए बारात का कार्यक्रम रुक गया।
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ग्रामीणों ने मलबे से हटाकर सभी को बाहर निकाला। हादसे में रेशमा (19), सुमन (17), अर्चना (15), नीरज (10), मोहनी (15), मनीषा (17) को चोटें आई। सभी को सलोन कस्बे के प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज के लिए ले जाया गया। इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि परमेश पटेल का कहना है कि प्रेमचंद्र का मकान काफी जर्जर हो गया था, जिसके बाद शादी विवाह की उत्सुकता के कारण एक साथ बच्चे व महिलाएं छत पर चढ़ गई। इसी दौरान छत भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि किशोरियों की जान बच गई।
कोतवाल धीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि छत ढहने के चलते हादसा हुआ था। मौके पर पुलिस भेजकर घटना की जांच कराई जा रही है।
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औना सदरा मजरे सलोन देहात गांव में गुरुवार को श्यामलाल मिस्त्री की भतीजी गुदना की शादी थी। शाम को बारात आई थी। बरातियों का खूब सेवा सत्कार हुआ। लगभग 11 बजे बारात जनवासे से गाजे बाजे के साथ निकलकर श्यामलाल के घर पहुचने वाली थी। इसी दौरान गांव की तमाम महिलाएं व किशोरियां अपने-अपने छत पर से बारात को देख रही थी।
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इसी दौरान पड़ोसी प्रेमचंद्र पुत्र रामसेवक के छत पर लगभग एक दर्जन महिलाएं व किशोरियां बारात को देखने पहुंची थी। अचानक प्रेमचंद्र के मकान की छत भरभरा कर ढह गई। इससे सभी मलबे में दब गए। अचानक छत ढहने की आवाज सुनने से लोगों में अफरातफरी मच गई। कुछ देर के लिए बारात का कार्यक्रम रुक गया।
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ग्रामीणों ने मलबे से हटाकर सभी को बाहर निकाला। हादसे में रेशमा (19), सुमन (17), अर्चना (15), नीरज (10), मोहनी (15), मनीषा (17) को चोटें आई। सभी को सलोन कस्बे के प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज के लिए ले जाया गया। इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि परमेश पटेल का कहना है कि प्रेमचंद्र का मकान काफी जर्जर हो गया था, जिसके बाद शादी विवाह की उत्सुकता के कारण एक साथ बच्चे व महिलाएं छत पर चढ़ गई। इसी दौरान छत भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि किशोरियों की जान बच गई।
कोतवाल धीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि छत ढहने के चलते हादसा हुआ था। मौके पर पुलिस भेजकर घटना की जांच कराई जा रही है।