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सलोन ब्लॉक प्रमुख पर सस्पेंस खत्म, कुर्सी पर काबिज रहेंगी निर्मला

Tue, 13 Jun 2017 12:33 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Tue, 13 Jun 2017 12:33 AM IST
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Suspense Finishes on Salon Block Head,Nirmala will remain in control of the chair
पोलिंग - फोटो : अमर उजाला
आखिरकार सोमवार को सलोन ब्लॉक प्रमुख के पद को लेकर बरकरार ऊहापोह की स्थित खत्म हो गयी। निर्मला देवी ही ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर काबिज रहेेंगी। अविश्वास प्रस्ताव के बाद हुए मतदान में विरोध में 56 मत पड़े। इसमें एक मत अवैध घोषित होने पर निर्मला देवी की कुर्सी बच गई। एसडीएम के घोषणा करते ही ब्लॉक प्रमुख के समर्थक खुशी से झूम उठे। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
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ब्लॉक सभागार सलोन में सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक हुई। इसमें कुल 56 बीडीसी उपस्थित हुए। एक बजे तक बैठक चली। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव के बाद मतदान हुआ। अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 56 बीडीसी सदस्यों ने मतदान किया। अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में कोई भी मतदान नहीं हुआ, जबकि ब्लॉक प्रमुख अपने तीन समर्थकों समेत ब्लॉक सभागार में मौजूद रहीं, फिर भी मतदान करना उचित नहीं समझा। तीन बजे के बाद मतगणना प्रारंभ हुई। 
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मतगणना में पड़े 56 मतों में 55 मत वैध तथा एकमत अवैध पाया गया, जिसके पश्चात पीठासीन अधिकारी प्रदीप वर्मा ने अविश्वास प्रस्ताव पारित ना होने की घोषणा कर दी। जिससे निर्मला देवी के ब्लॉक प्रमुख पद पर बने रहने की पुष्टि हो गई। सवा तीन बजे ब्लॉक प्रमुख निर्मला देवी अपने समर्थक बीडीसी बिंदु सिंह, नीतू सिंह व दिलीप कुमार के साथ ब्लॉक सभागार सलोन में पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराई।
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मतदान करने की बारी आई तो इन चारों बीडीसी ने मतदान नहीं किया। इसके बाद निर्मला देवी समर्थकों के साथ ब्लॉक से बाहर निकली और खुशी का इजहार किया। गौरतलब है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य तनुजा सिंह ने 22 मई को जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए ज्ञापन दिया था, जिस पर डीएम ने 23 मई को आदेश दिया था कि 12 जून को अविश्वास प्रस्ताव की तिथि निर्धारित की थी।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं भाजपा नेता आजाद सिंह की एसडीएम, सीओ के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि हाथ से दिव्यांग वृद्ध क्षेत्र पंचायत सदस्य हरि प्रसाद को प्रशासन ने वोट डालने के लिए हेल्पर नहीं दिया, जबकि आंखों से कम दिखाई देने के कारण वृद्ध महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य कुसुमा देवी का वोट तहसीलदार ने डाल दिया, जो संवैधानिक नहीं था। इसी बात को लेकर भाजपा नेता की एसडीएम व सीओ के साथ तकरार हुई। कुछ देर तकरार हुई और फिर भाजपा नेता वहां से बाहर निकल गए।


ब्लॉक सभागार सलोन में मतदान करने आई बीडीसी गीता देवी की मतदान करने के बाद ब्लॉक सभागार में मौजूद थी, तभी उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई, जिससे वह बिलख-बिलख कर रोने लगी। वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उनको ले जाकर उनके परिवारीजनों को सुपुर्द किया। इससे काफी देर तक अफरातफरी रही।
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