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रायबरेली में पिता गुमटी में बेचते हैं स्टेशनरी, बेटा बन गया डिप्टी कलेक्टर
Thu, 18 Feb 2021 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2021 11:41 PM IST
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पीसीएस परीक्षा-2019 में जिले की प्रतिभाओं ने सफलता अर्जित कर अपनी मेधा का परचम लहराया। बुधवार को रिजल्ट आने के बाद सफल अभ्यर्थियों के घर बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। गुरुवार को अभ्यर्थियों के घर सफलता का जश्न मनाया गया। मिठाई खाने और खिलाने का दौर चला। कई ऐसे अभ्यर्थी भी सफल हुए हैं, जिन्होंने काफी मुफलिसी में पढ़ाई की। डलमऊ के रामनरेश के पुत्र शिवम भी इनमें से एक हैं। शिवम अपने पहले प्रयास में सफल हुए। उनके पिता शहर में विकास भवन के पास गुमटी में दुकान चलाकर घर चलाते हैं।
सरेनी क्षेत्र के चक गौर निवासी शेरबहादुर सिंह एवं मंजू सिंह के पुत्र अभय सिंह का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ है। वर्तमान में वह सिंह विहार कॉलोनी में रहते हैं। अभय ने इंटर की परीक्षा न्यू स्टैंडर्ड से उत्तीर्ण की। 2015 में प्रयागराज में बीटेक किया और वहीं सिविल सर्विस की तैयारी करने लगे। टीचर अगाचीपुर निवासी सर्वेंद्र चौहान और पूनम चौहान की बेटी प्रगति चौहान का चयन डिप्टी जेलर के पद पर हुआ है।
लालगंज क्षेत्र के पूरे सोमवंशी निवासी स्मृति सिंह ने पहले ही प्रयास में सफलता पाई है। उनका चयन खंड विकास अधिकारी के पद पर हुआ है। उनके पिता महेंद्र प्रताप सिंह शिक्षक और मां अनीता सिंह गृहणी हैं। स्मृति ने अपनी सफलता का श्रेय बाबा संत बहादुर सिंह, चाचा अजय प्रताप सिंह तथा माता-पिता को दिया है। निराला नगर निवासी शेखर शुक्ला का चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। उनके पिता धर्मेंद्र शुक्ल शिक्षक, मां साधना शुक्ला गृहणी हैं।
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शिवम का बड़ा भाई आईआईएम बंगलूरू से कर रहा एमबीए
शहर में विकास भवन की बाउंड्री के पास गुमटी में स्टेशनरी की दुकान चलाने वाले रामनरेश सिंह के होनहार बेटे शिवम सिंह ने पीसीएस परीक्षा में सफलता अर्जित की। उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के लिए हुआ है। मूलरूप से डलमऊ क्षेत्र के पकरा गिरफ्ता निवासी रामनरेश शहर के प्रगतिपुरम में रहते हैं, जो कई वर्षों से स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं। यही उनकी आमदनी का मुख्य जरिया है। उनका बड़ा बेटा शुभम सिंह आईआईएम बंगलुरु में एमबीए अंतिम वर्ष में है, जिसका चयन अभी हाल में ही एक कंपनी में हो गया है। छोटे बेटे शिवम सिंह ने भी पहले प्रयास में ही सफलता अर्जित कर ली है। शिवम ने शुरुआती शिक्षा सेंट पीटर्स स्कूल से पूरी की, फिर लखनऊ से बीटेक और धनबाद से एमटेक किया। दिल्ली में पीसीएस की तैयारी की।
पीसीएस में मिली सफलता
बछरावां (रायबरेली)। विकास क्षेत्र के दो युवाओं ने नाम रोशन किया है। नीम टीकर गांव निवासी महेंद्र पटेल का चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है। पिता संतोष कुमार पटेल, मां विमला पटेल, छोटा भाई सचिन पटेल काफी खुश हैं। महराजगंज रोड निवासी डॉ. अभिनव वर्मा का चयन नगर निगम पशु कल्याण अधिकारी के पद पर हुआ है। वह वर्तमान में पशुपालन विभाग लखनऊ में साइंटिस्ट के पद पर तैनात हैं। परिवार के सदस्य गोकरन वर्मा, कृष्णा वर्मा, शिखा वर्मा, विकास वर्मा, प्रतिमा देवी ने खुशी जताई है।
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सरेनी क्षेत्र के चक गौर निवासी शेरबहादुर सिंह एवं मंजू सिंह के पुत्र अभय सिंह का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ है। वर्तमान में वह सिंह विहार कॉलोनी में रहते हैं। अभय ने इंटर की परीक्षा न्यू स्टैंडर्ड से उत्तीर्ण की। 2015 में प्रयागराज में बीटेक किया और वहीं सिविल सर्विस की तैयारी करने लगे। टीचर अगाचीपुर निवासी सर्वेंद्र चौहान और पूनम चौहान की बेटी प्रगति चौहान का चयन डिप्टी जेलर के पद पर हुआ है।
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लालगंज क्षेत्र के पूरे सोमवंशी निवासी स्मृति सिंह ने पहले ही प्रयास में सफलता पाई है। उनका चयन खंड विकास अधिकारी के पद पर हुआ है। उनके पिता महेंद्र प्रताप सिंह शिक्षक और मां अनीता सिंह गृहणी हैं। स्मृति ने अपनी सफलता का श्रेय बाबा संत बहादुर सिंह, चाचा अजय प्रताप सिंह तथा माता-पिता को दिया है। निराला नगर निवासी शेखर शुक्ला का चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। उनके पिता धर्मेंद्र शुक्ल शिक्षक, मां साधना शुक्ला गृहणी हैं।
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शिवम का बड़ा भाई आईआईएम बंगलूरू से कर रहा एमबीए
शहर में विकास भवन की बाउंड्री के पास गुमटी में स्टेशनरी की दुकान चलाने वाले रामनरेश सिंह के होनहार बेटे शिवम सिंह ने पीसीएस परीक्षा में सफलता अर्जित की। उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के लिए हुआ है। मूलरूप से डलमऊ क्षेत्र के पकरा गिरफ्ता निवासी रामनरेश शहर के प्रगतिपुरम में रहते हैं, जो कई वर्षों से स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं। यही उनकी आमदनी का मुख्य जरिया है। उनका बड़ा बेटा शुभम सिंह आईआईएम बंगलुरु में एमबीए अंतिम वर्ष में है, जिसका चयन अभी हाल में ही एक कंपनी में हो गया है। छोटे बेटे शिवम सिंह ने भी पहले प्रयास में ही सफलता अर्जित कर ली है। शिवम ने शुरुआती शिक्षा सेंट पीटर्स स्कूल से पूरी की, फिर लखनऊ से बीटेक और धनबाद से एमटेक किया। दिल्ली में पीसीएस की तैयारी की।
पीसीएस में मिली सफलता
बछरावां (रायबरेली)। विकास क्षेत्र के दो युवाओं ने नाम रोशन किया है। नीम टीकर गांव निवासी महेंद्र पटेल का चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है। पिता संतोष कुमार पटेल, मां विमला पटेल, छोटा भाई सचिन पटेल काफी खुश हैं। महराजगंज रोड निवासी डॉ. अभिनव वर्मा का चयन नगर निगम पशु कल्याण अधिकारी के पद पर हुआ है। वह वर्तमान में पशुपालन विभाग लखनऊ में साइंटिस्ट के पद पर तैनात हैं। परिवार के सदस्य गोकरन वर्मा, कृष्णा वर्मा, शिखा वर्मा, विकास वर्मा, प्रतिमा देवी ने खुशी जताई है।