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डेंगू के छह मरीज मिले, जिला अस्पताल हाउसफुल
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रायबरेली। मौसम में बदलाव के साथ डेंगू का कहर फिर से बढ़ गया है। बुधवार को जिले में डेंगू के छह नए केस मिले। इससे जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है।
वहीं बुखार, जुकाम व अन्य रोगियों की संख्या बढ़ने से बुधवार को जिला अस्पताल के सभी बेड फुल हो गए। ओपीडी में भी सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
जिले में डेंगू का खतरा बढ़ गया है। बुधवार को जिला अस्पताल में हुई जांच में डेंगू के छह नए केस मिलने के बाद हड़कंप मच गया। जिला मलेरिया अधिकारी रितु श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में हरचंदपुर में दो, डीह, राही, अमावां और शहर के छिवलामऊ में एक-एक मरीज मिला है।
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नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मरीजों के घर पहुंचकर परिवार के लोगों की सेहत जांची। सभी मरीज स्वस्थ बताए जा रहे हैं। गांवों में पहुंची टीमों ने लोगों को मच्छरों से बचने के टिप्स भी दिए।
डेंगू के कहर के साथ ही जुकाम-बुखार ने पांव पसार दिया है। जिला अस्पताल के 300 से अधिक बेड बुधवार को फुल हो गए। इमरजेंसी के 20 बेडों को छोड़कर सभी बेडों के फुल होने के बाद मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
बुधवार को करीब 1300 मरीज ओपीडी में इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। इसके अलावा बुखार, सांस से संबंधित रोगियों की तादाद बढ़ने से अस्पताल के बेड फुल हो गए।
सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि सभी बेड फुल हो गए हैं, लेकिन जो भी गंभीर मरीज आ रहे हैं, उन्हें भर्ती करके इलाज की सुविधा देने के लिए अलग से बेड लगवाए गए हैं। मरीजों को इलाज में परेशानी नहीं होगी।
सीएचसी और पीएचसी में भी बढ़े जुकाम-बुखार के रोगी
जिला अस्पताल के साथ ही बुधवार को सीएचसी और पीएचसी में भी जुकाम और बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। अस्पतालों में बुखार की पर्याप्त दवाएं न होने के कारण मरीजों को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ी। इस दौरान मरीजों को इलाज करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
16 बच्चों को निशुल्क ब्रेस व कास्टिंग बांटा
जिला अस्पताल में बुधवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत क्लब फुट क्लीनिक लगी। क्लीनिक में डॉ. एमपी सिंह, डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. परवीन पाल तथा डॉ. डीपी सरोज 78 बच्चों की सेहत जांची। कैंप में 16 बच्चों को निशुल्क ब्रेस (जूते) तथा कास्टिंग (प्लास्टर) दिया। कैंप में सुबह से ही माताएं अपने बच्चों को लेकर इलाज कराने के लिए लाइन में लगी रहीं।
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वहीं बुखार, जुकाम व अन्य रोगियों की संख्या बढ़ने से बुधवार को जिला अस्पताल के सभी बेड फुल हो गए। ओपीडी में भी सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
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जिले में डेंगू का खतरा बढ़ गया है। बुधवार को जिला अस्पताल में हुई जांच में डेंगू के छह नए केस मिलने के बाद हड़कंप मच गया। जिला मलेरिया अधिकारी रितु श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में हरचंदपुर में दो, डीह, राही, अमावां और शहर के छिवलामऊ में एक-एक मरीज मिला है।
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नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मरीजों के घर पहुंचकर परिवार के लोगों की सेहत जांची। सभी मरीज स्वस्थ बताए जा रहे हैं। गांवों में पहुंची टीमों ने लोगों को मच्छरों से बचने के टिप्स भी दिए।
डेंगू के कहर के साथ ही जुकाम-बुखार ने पांव पसार दिया है। जिला अस्पताल के 300 से अधिक बेड बुधवार को फुल हो गए। इमरजेंसी के 20 बेडों को छोड़कर सभी बेडों के फुल होने के बाद मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
बुधवार को करीब 1300 मरीज ओपीडी में इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। इसके अलावा बुखार, सांस से संबंधित रोगियों की तादाद बढ़ने से अस्पताल के बेड फुल हो गए।
सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि सभी बेड फुल हो गए हैं, लेकिन जो भी गंभीर मरीज आ रहे हैं, उन्हें भर्ती करके इलाज की सुविधा देने के लिए अलग से बेड लगवाए गए हैं। मरीजों को इलाज में परेशानी नहीं होगी।
सीएचसी और पीएचसी में भी बढ़े जुकाम-बुखार के रोगी
जिला अस्पताल के साथ ही बुधवार को सीएचसी और पीएचसी में भी जुकाम और बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। अस्पतालों में बुखार की पर्याप्त दवाएं न होने के कारण मरीजों को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ी। इस दौरान मरीजों को इलाज करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
16 बच्चों को निशुल्क ब्रेस व कास्टिंग बांटा
जिला अस्पताल में बुधवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत क्लब फुट क्लीनिक लगी। क्लीनिक में डॉ. एमपी सिंह, डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. परवीन पाल तथा डॉ. डीपी सरोज 78 बच्चों की सेहत जांची। कैंप में 16 बच्चों को निशुल्क ब्रेस (जूते) तथा कास्टिंग (प्लास्टर) दिया। कैंप में सुबह से ही माताएं अपने बच्चों को लेकर इलाज कराने के लिए लाइन में लगी रहीं।