{"_id":"5f8b33fc8ebc3e9c055bc862","slug":"schools-will-open-from-tomorrow-teams-will-come-to-test-the-system-raibaraily-news-lko54579335","type":"story","status":"publish","title_hn":"कल से खुलेंगे विद्यालय, व्यवस्था परखने आएंगी टीमें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कल से खुलेंगे विद्यालय, व्यवस्था परखने आएंगी टीमें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। जिले में 19 अक्तूबर से सभी बोर्डों के माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक पुन: पठन पाठन प्रारंभ किया जाना है। इसके लिए विद्यालयों में तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। हर विद्यालय से प्रगति पूछी जा रही है। निरीक्षण कर अब तक हुई व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया जा रहा है। जिला प्रशासन और विभागीय अफसर हर हाल में विद्यालय खोलने से पहले हर स्कूल में व्यवस्थाएं दुरुस्त देखना चाहते हैं, ताकि कहीं कोई गड़बड़ी न होने पाए। सोमवार से शासन की टीम भी निरीक्षण करने आएगी।
देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन के साथ ही स्कूल-कॉलेजों समेत सभी शैक्षिक संस्थाओं को बंद कर दिया गया था। आनलाइन शिक्षण की व्यवस्था की गई है। छह महीने बाद विद्यालयों में भौतिक रूप से कक्षाएं संचालित किए जाने का फैसला लिया गया है। विद्यालय दो शिफ्टों में चलेंगे और 50 फीसदी से कम विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। कोरोना से बचाव के संबंध में निर्धारित दिशा निर्देशों का पालन करने के साथ ही अन्य जरूरी व्यवस्थाएं करनी होंगी। इसलिए सभी विद्यालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के साथ ही अब तक हुई तैयारियों के बारे में रोजाना समीक्षा की जा रही है।
शनिवार को भी विद्यालयों में सैनिटाइजेशन कराया गया। जिन स्कूलों में अब तक व्यवस्थाएं अधूरी हैं, उन्हें रविवार को विद्यालय खोलकर इंतजाम करने को कहा गया है। विभागीय स्तर पर नामित किए गए नोडल ने विद्यालयों का निरीक्षण कर जायजा लिया। विद्यालय खुलने के बाद छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के साथ ही कोविड के प्रति जागरूक करने तथा बचाव के उपाय बताने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की टीमें भी सोमवार से विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्था को परखेंगी। अगर कोई कमी पाई गई तो इसके लिए प्रधानाचार्य को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
विज्ञापन
45 हजार अभिभावकों ने दिया है सहमति पत्र
विद्यालय खुलने के बाद कक्षा 9 से 12 तक के उन्हीं छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन के लिए बुलाया जाएगा, जिनके अभिभावकों ने लिखित सहमति पत्र दिए हैं। इस लिखित सहमति पत्र की मूल प्रति विद्यालय में बतौर रिकार्ड रखी जाएगी, जबकि उसकी छाय ाप्रति को प्रधानाचार्य प्रमाणित करेंगे। इसी प्रमाणित छाया प्रति को लेकर विद्यार्थी स्कूल पहुंचेगा। गेट पर छाया प्रति चेक करने के बाद ही विद्यार्थी को प्रवेश दिया जाएगा। अब तक जिले के 332 विद्यालयों के 45860 अभिभावकों ने सहमति पत्र दिए हैं।
विद्यालय खोलने के संबंध में निर्धारित दिशा निर्देशों के एक-एक बिंदु का गहनता से परीक्षण कर संबंधित व्यवस्थाएं कर लें। कहीं कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। यदि कोई लापरवाही या चूक मिली तो प्रधानाचार्य उत्तरदायी होंगे। शासन की टीम भी निरीक्षण करने आएगी।
-डा. चंद्रशेखर मालवीय, डीआईओएस
विज्ञापन
देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन के साथ ही स्कूल-कॉलेजों समेत सभी शैक्षिक संस्थाओं को बंद कर दिया गया था। आनलाइन शिक्षण की व्यवस्था की गई है। छह महीने बाद विद्यालयों में भौतिक रूप से कक्षाएं संचालित किए जाने का फैसला लिया गया है। विद्यालय दो शिफ्टों में चलेंगे और 50 फीसदी से कम विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। कोरोना से बचाव के संबंध में निर्धारित दिशा निर्देशों का पालन करने के साथ ही अन्य जरूरी व्यवस्थाएं करनी होंगी। इसलिए सभी विद्यालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के साथ ही अब तक हुई तैयारियों के बारे में रोजाना समीक्षा की जा रही है।
विज्ञापन
शनिवार को भी विद्यालयों में सैनिटाइजेशन कराया गया। जिन स्कूलों में अब तक व्यवस्थाएं अधूरी हैं, उन्हें रविवार को विद्यालय खोलकर इंतजाम करने को कहा गया है। विभागीय स्तर पर नामित किए गए नोडल ने विद्यालयों का निरीक्षण कर जायजा लिया। विद्यालय खुलने के बाद छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के साथ ही कोविड के प्रति जागरूक करने तथा बचाव के उपाय बताने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की टीमें भी सोमवार से विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्था को परखेंगी। अगर कोई कमी पाई गई तो इसके लिए प्रधानाचार्य को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
विज्ञापन
45 हजार अभिभावकों ने दिया है सहमति पत्र
विद्यालय खुलने के बाद कक्षा 9 से 12 तक के उन्हीं छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन के लिए बुलाया जाएगा, जिनके अभिभावकों ने लिखित सहमति पत्र दिए हैं। इस लिखित सहमति पत्र की मूल प्रति विद्यालय में बतौर रिकार्ड रखी जाएगी, जबकि उसकी छाय ाप्रति को प्रधानाचार्य प्रमाणित करेंगे। इसी प्रमाणित छाया प्रति को लेकर विद्यार्थी स्कूल पहुंचेगा। गेट पर छाया प्रति चेक करने के बाद ही विद्यार्थी को प्रवेश दिया जाएगा। अब तक जिले के 332 विद्यालयों के 45860 अभिभावकों ने सहमति पत्र दिए हैं।
विद्यालय खोलने के संबंध में निर्धारित दिशा निर्देशों के एक-एक बिंदु का गहनता से परीक्षण कर संबंधित व्यवस्थाएं कर लें। कहीं कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। यदि कोई लापरवाही या चूक मिली तो प्रधानाचार्य उत्तरदायी होंगे। शासन की टीम भी निरीक्षण करने आएगी।
-डा. चंद्रशेखर मालवीय, डीआईओएस