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24 घंटे बाद बच्ची को देखने पहुंचे डॉक्टर ने किया रेफर, विरोध में डीएम आवास पर हंगामा
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अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए भेजवाते डीएम।
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की संवेदनहीनता शनिवार को सामने आई। यहां भर्ती बच्ची का 24 घंटे इलाज नहीं किया गया और शनिवार सुबह उसे लखनऊ रेफर कर दिया।
इससे नाराज भाजपाइयों ने डीएम आवास के गेट पर बच्ची को लेटा कर धरना शुरू कर दिया। जिससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम वैभव श्रीवास्तव धरनास्थल पहुंचे और बच्ची को अपने वाहन से जिला अस्पताल पहुंचवाया। उसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर कई डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
मिल एरिया थाना क्षेत्र के राही गांव की 12 साल की बच्ची कोमल घायल होने पर गत शुक्रवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई थी। डॉ. प्रदीप अग्रवाल को उसका इलाज करना था। आरोप है कि वह 24 घंटे तक बच्ची को देखने नहीं पहुंचे।
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शनिवार की सुबह डॉक्टर वार्ड में पहुंचे और बच्ची को लखनऊ रेफर कर दिया। बिना इलाज शुरू किए ही बच्ची को लखनऊ रेफर करने की जानकारी मिलने पर भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष संतोष पांडेय ने बच्ची का इलाज करवाने का प्रयास किया। डॉक्टरों ने नहीं सुनने पर वह बच्ची को लेकर डीएम आवास पर पहुंचे और गेट पर ही बच्ची को लिटाकर धरना शुरू कर दिया।
सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट युगराज और एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित ने भाजपाइयों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात न बनने पर डीएम स्वयं आवास से बाहर आए और समस्या सुनी।
उन्होंने बच्ची को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल भिजवा कर भर्ती कराया, साथ ही इलाज केे लिए आर्थिक मदद भी दी। डीएम ने सीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए बच्ची को ठीक से इलाज कराने के आदेश दिए।
आप दोनों जानते हैं, क्या किया, कृपया करके बच्ची का इलाज करें
जिला अस्पताल के मनमाने डॉक्टरों के सामने डीएम को बच्ची के इलाज के लिए अनुरोध तक करना पड़ा। मामले पर गंभीर हुए डीएम जिला अस्पताल पहुंचे और दोनों डॉक्टरों को तलब किया।
डॉक्टरों से सफाई दी तो डीएम नाराज हो गए। डीएम ने कहा ‘आप दोनों जानते हैं आपने क्या किया। अब कृपा करके बच्ची का इलाज करें।’ इलाज में बरती गई लापरवाही पर डीएम पूरी तरह से गंभीर नजर आए और दोषियों पर कार्रवाई की चेतावनी तक दी।
जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्ची को इलाज के लिए दोबारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीएमएस को सही ढंग से बच्ची का इलाज करवाने के आदेश दिए गए हैं। लापरवाही करने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
- वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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इससे नाराज भाजपाइयों ने डीएम आवास के गेट पर बच्ची को लेटा कर धरना शुरू कर दिया। जिससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम वैभव श्रीवास्तव धरनास्थल पहुंचे और बच्ची को अपने वाहन से जिला अस्पताल पहुंचवाया। उसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर कई डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
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मिल एरिया थाना क्षेत्र के राही गांव की 12 साल की बच्ची कोमल घायल होने पर गत शुक्रवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई थी। डॉ. प्रदीप अग्रवाल को उसका इलाज करना था। आरोप है कि वह 24 घंटे तक बच्ची को देखने नहीं पहुंचे।
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शनिवार की सुबह डॉक्टर वार्ड में पहुंचे और बच्ची को लखनऊ रेफर कर दिया। बिना इलाज शुरू किए ही बच्ची को लखनऊ रेफर करने की जानकारी मिलने पर भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष संतोष पांडेय ने बच्ची का इलाज करवाने का प्रयास किया। डॉक्टरों ने नहीं सुनने पर वह बच्ची को लेकर डीएम आवास पर पहुंचे और गेट पर ही बच्ची को लिटाकर धरना शुरू कर दिया।
सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट युगराज और एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित ने भाजपाइयों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात न बनने पर डीएम स्वयं आवास से बाहर आए और समस्या सुनी।
उन्होंने बच्ची को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल भिजवा कर भर्ती कराया, साथ ही इलाज केे लिए आर्थिक मदद भी दी। डीएम ने सीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए बच्ची को ठीक से इलाज कराने के आदेश दिए।
आप दोनों जानते हैं, क्या किया, कृपया करके बच्ची का इलाज करें
जिला अस्पताल के मनमाने डॉक्टरों के सामने डीएम को बच्ची के इलाज के लिए अनुरोध तक करना पड़ा। मामले पर गंभीर हुए डीएम जिला अस्पताल पहुंचे और दोनों डॉक्टरों को तलब किया।
डॉक्टरों से सफाई दी तो डीएम नाराज हो गए। डीएम ने कहा ‘आप दोनों जानते हैं आपने क्या किया। अब कृपा करके बच्ची का इलाज करें।’ इलाज में बरती गई लापरवाही पर डीएम पूरी तरह से गंभीर नजर आए और दोषियों पर कार्रवाई की चेतावनी तक दी।
जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्ची को इलाज के लिए दोबारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीएमएस को सही ढंग से बच्ची का इलाज करवाने के आदेश दिए गए हैं। लापरवाही करने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
- वैभव श्रीवास्तव, डीएम