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Raebareli News: चित्रकूट तक इंटरसिटी चलने से मिली राहत
Sun, 13 Sep 2026 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 13 Sep 2026 12:58 AM IST
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रायबरेली। प्रतापगढ़ से अमेठी, रायबरेली और लखनऊ होते हुए कानपुर तक चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस अब बांदा होते हुए चित्रकूट तक संचालित की जा रही है। इससे यात्रियों को राहत मिली है। अब चित्रकूट जाने के लिए कानपुर या लखनऊ में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए ट्रेन में कोचों की संख्या दोगुनी करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत धीरे-धीरे कोच बढ़ाए जा रहे हैं।पहले प्रतापगढ़ और कानपुर के बीच एक इंटरसिटी एक्सप्रेस चलती थी, जबकि दूसरी इंटरसिटी कानपुर और चित्रकूट के बीच संचालित होती थी। अब दोनों ट्रेनों का विलय कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत रोजाना सुबह प्रतापगढ़ से चलने वाली इंटरसिटी चित्रकूट तक जाती है और शाम को चित्रकूट से प्रतापगढ़ के लिए लौटती है। यह व्यवस्था पांच दिन पहले शुरू हुई है।
पहले ट्रेन में 12 कोच लगाए जाते थे। अब इनकी संख्या बढ़ाकर 24 करने की योजना है। अभी कोचों की संख्या दोगुनी नहीं की गई है। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए धीरे-धीरे कोचों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अमेठी और रायबरेली जिले के उन सभी स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा, जहां इस ट्रेन का ठहराव है।
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यात्रियों की सुविधा को देखते हुए ट्रेन में कोचों की संख्या दोगुनी करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत धीरे-धीरे कोच बढ़ाए जा रहे हैं।पहले प्रतापगढ़ और कानपुर के बीच एक इंटरसिटी एक्सप्रेस चलती थी, जबकि दूसरी इंटरसिटी कानपुर और चित्रकूट के बीच संचालित होती थी। अब दोनों ट्रेनों का विलय कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत रोजाना सुबह प्रतापगढ़ से चलने वाली इंटरसिटी चित्रकूट तक जाती है और शाम को चित्रकूट से प्रतापगढ़ के लिए लौटती है। यह व्यवस्था पांच दिन पहले शुरू हुई है।
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पहले ट्रेन में 12 कोच लगाए जाते थे। अब इनकी संख्या बढ़ाकर 24 करने की योजना है। अभी कोचों की संख्या दोगुनी नहीं की गई है। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए धीरे-धीरे कोचों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अमेठी और रायबरेली जिले के उन सभी स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा, जहां इस ट्रेन का ठहराव है।
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