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46 स्थानों पर राम के बाण से आज होगा रावण का अंत

Thu, 14 Oct 2021 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Oct 2021 11:42 PM IST
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Ravana will end today with the arrow of Ram at 46 places
रायबरेली। विजयदशमी पर शुक्रवार को असत्य और बुराई के रास्ते पर चलने वाला अहंकारी रावण पराजित होगा। राम के बाण से करीब 46 स्थानों पर रावण धू-धूकर जलेगा।
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शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में मेला आदि का प्रोग्राम होगा। शहर के सुरजूपुर और खालीसहाट में रावण के 35 फीट से अधिक ऊंचे पुतले बनाए गए हैं।
विजयदशमी को लेकर जिले भर में भव्य आयोजन की तैयारियां की गईं हैं। पुलिस महकमे ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं।
शहर के सुरजूपुर में शुक्रवार को भव्य आयोजन होगा। रामलीला मंचन के दौरान पहले राम-रावण के बीच काफी देर तक युद्ध चलेगा। फिर राम के बाण से रावण धराशायी होगा।
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इसके लिए आयोजकों ने तैयारी पूरी कर ली है। खालीसहाट में भी मेले के बाद रावण वध होगा। इस बार यहां भव्य आयोजन की तैयारी है।
सीओ सदर महिपाल पाठक व सदर कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि सुरजूपुर और खालीसहाट में सुरक्षा व्यवस्था के पूरे प्रबंध कर दिए गए हैं। मेला परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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परिवार की सातवीं पीढ़ी रामलीला मंचन से जुड़ी
खैरहनी पहाड़गढ़ की रामलीला व विजयदशमी का पर्व रायबरेली के सुरजूपुर के बाद दूसरे नंबर पर है। खास बात यह है कि यहां की रामलीला हमेशा ब्राह्मण परिवार ने ही की।
सातवीं पीढ़ी में राजेंद्र त्रिपाठी का पूरा खानदान रामलीला करता है। राजेंद्र का कहना है कि कई पीढ़ियों से उनका खानदान ही विजयदशमी पर रामलीला करता है। यह परंपरा चली आ रही है, इसलिए आज भी परंपरा को कायम किए हैं। परिवार के सारे सदस्य विजय दशमी पर इस कार्यक्रम में भाग लेते हैं। उनका कहना है कि आगे भी इस परंपरा को कायम रखा जाएगा।

वर्ष 1884 से सलोन ब्लॉक के खैरहनी पहाड़गढ़ में रामलीला और विजय दशमी का पर्व मनाया जा रहा है। यहां आठ लाख रुपये से अधिक धनराशि खर्च करके रावण की मूर्ति बनवायी गई है। बगल में ही अयोध्यापुरी भी बनी है। यहां मूर्तियां स्थापित की गई है। एक जमाना था कि यह यहां विजय दशमी के लगने वाले मेले में प्रतापगढ़, प्रयागराज, उन्नाव, कानपुर आदि जिलों से दुकानें आती थी, लेकिन अब यह दायरा सिमटकर रह गया है।
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