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58 साल बाद अबकी दूसरे घर जाएगी दरसवां गांव की सत्ता
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डीह (रायबरेली)। डीह ब्लॉक के थौरी गांव की सत्ता 48 साल से पूर्व विधायक के घर में है तो सलोन ब्लॉक के दरसवां गांव का प्रधान पद भी पिछले 58 साल से एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूम रहा है। वर्ष 1963 से एक ही घर में मौजूद गांव की सत्ता इस बार दूसरे घर में जानी तय हो गई है। सीट पिछड़ी जाति की झोली में जाने के बाद इस परिवार के लोगों को मलाल है।
सलोन ब्लॉक के दरसवा गांव में 1963 में केदार ने प्रधानी का चुनाव जीता था। 1968 में उनके बड़े लड़के रामकृपाल चुनाव जीते और 1995 तक 33 साल प्रधान रहे। उसके बाद उनकी बहू रामपती चुनाव लड़ीं और 1995 से 2005 तक प्रधान रहीं।
वर्ष 2005 से 2010 तक राजबहादुर प्रधान रहे। 2010 से 2015 तक फिर रामपती प्रधान रहीं। वर्ष 2015 से 2020 तक रेखा देवी पत्नी आनंद कुमार प्रधान रहे। इस गांव की प्रधान सीट पिछड़ी जाति के खाते में इस बार जाने के कारण दूसरे घर में प्रधानी जाना तय हो गया है।
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पूर्व प्रधान रेखा देवी के पति आनंद कुमार ने बताया कि गांव में मेरे परिवार की संख्या अधिक होने व गांव में लोगों से अच्छा सामंजस्य होने के कारण लगातार लोग मौका दे रहे हैं। इस बार भी गांव का विकास कराने वाला ही प्रधान चुना जाएगा।
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सलोन ब्लॉक के दरसवा गांव में 1963 में केदार ने प्रधानी का चुनाव जीता था। 1968 में उनके बड़े लड़के रामकृपाल चुनाव जीते और 1995 तक 33 साल प्रधान रहे। उसके बाद उनकी बहू रामपती चुनाव लड़ीं और 1995 से 2005 तक प्रधान रहीं।
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वर्ष 2005 से 2010 तक राजबहादुर प्रधान रहे। 2010 से 2015 तक फिर रामपती प्रधान रहीं। वर्ष 2015 से 2020 तक रेखा देवी पत्नी आनंद कुमार प्रधान रहे। इस गांव की प्रधान सीट पिछड़ी जाति के खाते में इस बार जाने के कारण दूसरे घर में प्रधानी जाना तय हो गया है।
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पूर्व प्रधान रेखा देवी के पति आनंद कुमार ने बताया कि गांव में मेरे परिवार की संख्या अधिक होने व गांव में लोगों से अच्छा सामंजस्य होने के कारण लगातार लोग मौका दे रहे हैं। इस बार भी गांव का विकास कराने वाला ही प्रधान चुना जाएगा।