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Raebareli News: सीतापुर और लखनऊ के लोगों ने लिया था लोन

Fri, 10 Apr 2026 01:26 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 01:26 AM IST
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People from Sitapur and Lucknow had taken loans
अमर उजाला में प्रका​शित खबर।
रायबरेली। सीतापुर और लखनऊ के रहने वाले लोगों के नाम पर बैंक लोन में खेल किया गया। बैंक कर्मी शहर के होटल व चाय की दुकान में बैठकर जाली दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते थे। बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) की मुख्य शाखा में हुए लोन फर्जीवाड़े की पुलिस जांच और आरोपियों से पूछताछ में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
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पुलिस के अनुसार लखनऊ जिले के बीकेटी क्षेत्र के गाजीपुर मजरे भैसामऊ निवासी गोपाल सिंह लोगों को बैंक से लोन दिलाने का काम करता था। इसके बदले उनके आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज लेता था। सीतापुर और लखनऊ के लोगों के नाम से यहां बैंक में लोन कराया गया। एक लोन के बदले गोपाल 50 हजार रुपये लेता था। इस काम में उसका साथ पत्नी राधिका देती थी।
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जांच में पता चला है कि लोन फर्जीवाड़े का सिंडिकेट है। हालांकि इस सिंडिकेट का सरगना कौन है, इस बारे में गोपाल समेत अन्य आरोपी कुछ नहीं बता पाए हैं। खुद को बचाने के लिए बैंक कर्मी गोपाल समेत अन्य आरोपियों को बैंक न बुलाकर शहर के होटल या फिर चाय-पान की दुकान पर बुलाते थे।
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यहीं पर जल्दी दस्तावेज पर बैंक कर्मियों की तरफ से हस्ताक्षर किए जाते थे। अब पुलिस इस बात की तस्दीक कर रही है कि सीतापुर और लखनऊ के कितने लोगों के नाम से बैंक में लोन लिया गया।

जालसाजों ने सीतापुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के गुप्ता कॉलोनी तरीनपुर निवासी बबलू राठौर को सहायक अध्यापक और पत्नी कामिनी राठौर को जिला पंचायत सहायक रायबरेली बताकर उनके नाम से जाली सैलरी बैंक में दिखाकर लोन लिया। एसपी रवि कुमार के अनुसार फर्जीवाड़े की गहनता से जांच कराई जा रही है। जल्द अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी होगी।

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बैंक मैनेजर और फील्ड ऑफिसर से भी होगी पूछताछ

फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर तत्कालीन बैंक मैनेजर, फील्ड ऑफिसर समेत अन्य बैंककर्मियों का गुपचुप तरीके से तबादला कर दिया गया। मलिकमऊ की शाखा में तैनात मुकेश को बीओबी की मुख्य शाखा में मुख्य प्रबंधक के रूप में तैनात किया गया। मुख्य प्रबंधक ने मामले में न सिर्फ प्राथमिकी दर्ज कराई, बल्कि पुलिस को दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। यही वजह रही कि पुलिस ने पांच आरोपियों को करीब साढ़े तीन माह बाद गिरफ्तार किया। अब पुलिस तत्कालीन बैंक मैनेजर, फील्ड ऑफिसर समेत अन्य बैंककर्मियों से पूछताछ करेगी।
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