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अस्पतालों में रोगियों को कराना होगा पंजीयन, ऑनलाइन होगा इलाज का ब्योरा

Tue, 03 Dec 2019 12:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 12:57 AM IST
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Patients will have to be registered in hospitals, details of treatment will be online
रायबरेली। सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों की तरह ही जिले के सरकारी अस्पतालों में भी रोगियों के इलाज की ऑनलाइन स्क्रीनिंग होगी। जिला अस्पताल सहित जिले की सभी सीएचसी में भी रोगियों को काउंटरों पर पहचानपत्र देकर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के बाद इलाज कराने के लिए परचा मिलेगा। इलाज करने वाले डॉक्टर को जांच और इलाज संबंधी पूरा विवरण रोगियों के पंजीयन नंबर पर अंकित करना होगा।
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अस्पतालों में रोगियों के इलाज संबंधी पूरी प्रक्रिया की भारत सरकार ऑनलाइन मॉनीटरिंग करेगी। जल्द ही जिले के अस्पतालों में यह सुविधा लागू होगी। सरकारी अस्पतालों में आने वाले रोगियों के इलाज के संबंध में स्क्रीनिंग नहीं हो पाती है। काउंटरों पर परचा बनवाने के बाद इलाज किया जाता है। किस बीमारी के कितने रोगी आए और इलाज के बाद उनकी स्थिति आदि का कोई भी डाटा अस्पताल में उपलब्ध नहीं करता है।
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अस्पतालों में आने वाले रोगियों के इलाज संबंधी डाटा को अब ऑनलाइन रखने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के बड़े अस्पतालों में यह व्यवस्था पहले से ही चल रही है। इंटेग्रेटेड हेल्थ इंफार्मेशन प्लेटफार्म (आईएसआईपी) के तहत अब जिला अस्पताल सहित जिले की सभी सीएचसी में परचा बनवाने के समय से ऑनलाइन पंजीयन हो जाएगा।
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रोगी का पूरा बायोडाटा और इलाज के संबंध में इंट्री करने के बाद परचा बनाया जाएगा। परचा मिलने के बाद रोगी चिकित्सक से इलाज संबंधी सलाह लेगा। चिकित्सक भी जांच के साथ इलाज के संबंध में पूरा विवरण रोगी के पंजीयन नंबर पर अंकित करेगा। रोगी के इलाज से संबंधित पूरा डिटेल कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। ऐसी स्थिति में कभी भी रोगी के इलाज के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। जल्द ही यह व्यवस्था जिले के अस्पतालों में लागू होगी।
इंटेग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफार्म लागू कराने के लिए सोमवार को जिला अस्पताल के टेलीमेडिसिन सेंटर में बैठक हुई। आईडीएसपी की टीम ने चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को योजना के बारे में पूरी जानकारी दी। साथ ही जल्द ही व्यवस्था को जिला अस्पताल में लागू किए जाने की रणनीति भी बनाई गई। परचा काउंटर पर ही रोगी आधार या अन्य परिचयपत्र देकर अपना पंजीयन कराएगा।
पंजीयन के बाद मिले परचे के आधार पर उसे जांच और इलाज की पूरी सुविधा मिलेगी। बार-बार रोगी को जांच व इलाज के लिए पंजीयन नहीं करना होगा। पंजीयन नंबर कंप्यूटर में डालते ही रोगी का इलाज से संबंधित पूरा ब्योरा आ जाएगा। बैठक में डॉ. अल्ताफ हुसैन, डॉ. बीरबल, डॉ. सलीम, डॉ. शिवकुमार, डॉ. राजीव चौधरी आदि मौजूद रहे।
रोगियों के इलाज के लिए इंटेग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफार्म के माध्यम से लकवा, पोलियो, मिजिल्स, चिकिनपॉक्स, क्रॉनिकल डिजीज, कम्युनिकेबल डिजीज, शुगर सहित 20 प्रकार की बीमारियों की स्क्रीनिंग हो सकेगी। अब तक की व्यवस्था से पता नहीं चल पा रहा था कि अस्पतालों में इन बीमारियों के कितने रोगी आ रहे हैं। नई व्यवस्था से इसकी अच्छे तरीके से समीक्षा हो सकेगी।

अस्पतालों में आने वाले रोगियों के इलाज का पूरा ब्योरा ऑनलाइन रखने के लिए आईएसआईपी के तहत नई व्यवस्था लागू कराने का प्रयास किया जा रहा है। रोगियों के पंजीयन नंबर से पूर्व में हुई जांच और इलाज के बारे में जानकारी लेकर चिकित्सक और बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दे सकेंगी। नई व्यवस्था को जल्द ही लागू कराने का प्रयाय किया जा रहा है।- डॉ. एसके चक, एसीएमओ
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