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तीसरी लहर का खतरा बढ़ा, प्लांट में ऑक्सीजन उत्पादन ठप

Wed, 19 Jan 2022 11:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jan 2022 11:09 PM IST
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Oxygen plant made of 90 lakh rupees in women's hospital deteriorated
रायबरेली। प्रधानमंत्री केयर फंड से करीब 90 लाख रुपये की लागत से जिला महिला अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट ने धोखा दे दिया है। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ने के बाद प्लांट से ऑक्सीजन उत्पादन पूरी तरह ठप है। कभी वैक्यूम, तो कभी फिल्टर और स्टार्टर में खराबी के कारण प्लांट सुचारु रूप से काम नहीं कर रहा है।
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प्लांट स्थापित करने वाली कंपनी के इंजीनियर भी तकनीकी खामी दूर नहीं कर पा रहे हैं। प्लांट से 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन का उत्पादन होना है।
सीडीओ ने शासन और संबंधित कंपनी को कोरोना के संक्रमण को देखते हुए प्लांट को संचालित करवाने के लिए पत्र लिखा है।
जिला महिला अस्पताल में पिछले साल छह अक्तूबर को पीएम केयर फंड से ऑक्सीजन प्लांट शुरू कराया गया था। इस प्लांट की क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की है।
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महिला अस्पताल के सभी बेडों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति होनी है। सदर विधायक अदिति सिंह ने अस्पताल के हर बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन के लिए निधि से 50 लाख रुपये खर्च किए थे।
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शुभारंभ के बाद ही प्लांट ने धोखा दे दिया। पहले प्लांट स्टार्ट नहीं हो रहा था। स्टार्टर को सही किया गया तो वैक्यूम की दिक्कत सामने आ गई। इंजीनियरों ने चेक किया तो फिल्टर भी चोक मिला।
डीआरडीओ से आपूर्ति किए गए प्लांट को गेस्ट्रान कंपनी ने स्थापित किया था। ऑक्सीजन उत्पादन न होने के कारण महिला अस्पताल में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामला संज्ञान में आने के बाद सीडीओ प्रभाष कुमार ने कंपनी और शासन को पत्र लिखा है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए प्लांट से ऑक्सीजन उत्पादन जल्द से जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 3055 एलपीएम ऑक्सीजन उत्पादन के छह प्लांट
कोरोना के खतरे के देखते हुए जिले मेें 3055 एलपीएम क्षमता के छह ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराए गए हैं। एम्स व जिला अस्पताल में एक-एक हजार एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) और जिला महिला अस्पताल में 500 एलपीएम की क्षमता के प्लांट लगा है।
रेल कोच कारखाने में 180 व 45 एलपीएम के दो प्लांट लगे हैं। सीएचसी रोहनियां में 330 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा है। महिला अस्पताल को छोड़कर अन्य प्लांटों से ऑक्सीजन उत्पादन हो रहा है।
महिला अस्पताल में सिलेंडर से आ रही ऑक्सीजन
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेनू चौधरी का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने वाली महिला मरीजों मरीजों के लिए सिलेंडर से ऑक्सीजन मंगवाई जा रही है।
प्लांट शुरू होने बाद सीधे पाइप लाइन से बेडों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकेगी। हालांकि मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी जा रही है। सिजेरियन प्रसव और सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट में ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत पड़ती है।

जिला महिला अस्पताल में स्थापित 500 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट को शुरू कराने के लिए शासन और संबंधित कंपनी को पत्र लिखा गया है। वैक्यूम और फिल्टर में कमी के कारण प्लांट का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। प्लांट बार-बार बंद हो जा रहा है। तकनीकी खामियों को दूर कराने के आदेश दिए गए हैं।
प्रभाष कुमार, सीडीओ
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