{"_id":"615ddbbb8ebc3e8bb3253dda","slug":"ntpc-s-6th-unit-closed-due-to-shortage-of-coal-raibaraily-news-lko598932325","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोयले की कमी से एनटीपीसी की छठवीं यूनिट बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोयले की कमी से एनटीपीसी की छठवीं यूनिट बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊंचाहार (रायबरेली)। एनटीपीसी परियोजना में कोयले की कमी के चलते छठवीं यूनिट बंद हो गई है। इससे परियोजना में बिजली उत्पादन कम हो गया है। परियोजना के जिम्मेदार बिजली की मांग कम होने की वजह से यूनिट बंद करने की बात कह रहे हैं।
एनटीपीसी की ऊंचाहार इकाई में छह यूनिटें बिजली का उत्पादन करती हैं। इसमें पांच से 210 मेगावाट व छठवीं यूनिट से 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। इस समय परियोजना में कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
बताते हैं कि बुधवार को परियोजना की सबसे अधिक बिजली का उत्पादन करने वाली छठवीं यूनिट को कोयले की कमी के कारण बंद कर दिया गया। अन्य यूनिटें भी कम लोड पर चलाई जा रही हैं। इससे परियोजना का बिजली उत्पादन घट गया है।
विज्ञापन
अब यूनिटों से महज 650 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। सूत्रों की माने तो इसी हफ्ते कोयले की कमी से सभी यूनिटों के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। बताते हैं कि परियोजना से उत्पादन बंद हुआ तो देश के कई राज्यों में बिजली का गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
हालांकि परियोजना के अधिकारी बिजली की मांग कम होने की वजह से यूनिट बंद होने की बात कह रहे हैं। परियोजना की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने बताया कि यूनिट बिजली की मांग कम होने की वजह बंद की गई है। कोयले की कमी होने की बात गलत है।
विज्ञापन
एनटीपीसी की ऊंचाहार इकाई में छह यूनिटें बिजली का उत्पादन करती हैं। इसमें पांच से 210 मेगावाट व छठवीं यूनिट से 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। इस समय परियोजना में कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
बताते हैं कि बुधवार को परियोजना की सबसे अधिक बिजली का उत्पादन करने वाली छठवीं यूनिट को कोयले की कमी के कारण बंद कर दिया गया। अन्य यूनिटें भी कम लोड पर चलाई जा रही हैं। इससे परियोजना का बिजली उत्पादन घट गया है।
विज्ञापन
अब यूनिटों से महज 650 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। सूत्रों की माने तो इसी हफ्ते कोयले की कमी से सभी यूनिटों के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। बताते हैं कि परियोजना से उत्पादन बंद हुआ तो देश के कई राज्यों में बिजली का गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
हालांकि परियोजना के अधिकारी बिजली की मांग कम होने की वजह से यूनिट बंद होने की बात कह रहे हैं। परियोजना की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने बताया कि यूनिट बिजली की मांग कम होने की वजह बंद की गई है। कोयले की कमी होने की बात गलत है।