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अब महीने के आखिरी गुरुवार को भी बच्चों को मिलेगा फल
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रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मध्याह्न भोजन के साथ ही हफ्ते में एक दिन मौसमी फल भी खाने को मिलता था, लेकिन अब इस सुविधा में एक दिन का इजाफा और किया गया है। यानी कि पहले की तरह हर हफ्ते सोमवार को तो फल खाने को मिलेगा ही, हर महीने के अंतिम बृहस्पतिवार को भी मौसमी फल का आनंद ले सकेंगे।
यह व्यवस्था इसी महीने से लागू की जाएगी। एमडीएम प्राधिकरण के निदेशक विजय किरण आनंद का निर्देश मिलते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह ने भी शुक्रवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है। बीएसए ने सभी बीईओ से कहा है कि एमडीएम प्राधिकरण के निर्देशों का अनुपालन इसी महीने से सुनिश्चित कराया जाए।
हर हफ्ते नियमित फल वितरण करने के साथ ही इस महीने के अंतिम गुरुवार को भी बच्चों में फल का वितरण कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एमडीएम के रूप में पोषक तत्व उपलब्ध कराया जाता है। इसमें भोजन के साथ ही हफ्ते में एक दिन मौसमी और ताजे फल देने की व्यवस्था है।
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जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि गुरुवार को मिलने वाले फल की दर प्रति छात्र चार रुपये निर्धारित है। अगर माह के अंतिम गुरुवार को अवकाश होता है तो उसके अगले शिक्षण दिवस में फल वितरण किया जाएगा। बच्चों को कटे-फटे, सड़े-गले फल, पपीता, खरबूजा, तरबूज आदि कतई नहीं बांटा जाएगा। फल वितरण के समय विद्यालय प्रबंध समिति और मां समूह के सदस्य भी उपस्थित रहने चाहिए।
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यह व्यवस्था इसी महीने से लागू की जाएगी। एमडीएम प्राधिकरण के निदेशक विजय किरण आनंद का निर्देश मिलते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह ने भी शुक्रवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है। बीएसए ने सभी बीईओ से कहा है कि एमडीएम प्राधिकरण के निर्देशों का अनुपालन इसी महीने से सुनिश्चित कराया जाए।
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हर हफ्ते नियमित फल वितरण करने के साथ ही इस महीने के अंतिम गुरुवार को भी बच्चों में फल का वितरण कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एमडीएम के रूप में पोषक तत्व उपलब्ध कराया जाता है। इसमें भोजन के साथ ही हफ्ते में एक दिन मौसमी और ताजे फल देने की व्यवस्था है।
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जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि गुरुवार को मिलने वाले फल की दर प्रति छात्र चार रुपये निर्धारित है। अगर माह के अंतिम गुरुवार को अवकाश होता है तो उसके अगले शिक्षण दिवस में फल वितरण किया जाएगा। बच्चों को कटे-फटे, सड़े-गले फल, पपीता, खरबूजा, तरबूज आदि कतई नहीं बांटा जाएगा। फल वितरण के समय विद्यालय प्रबंध समिति और मां समूह के सदस्य भी उपस्थित रहने चाहिए।