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बैंकों में नहीं कैश, खाली हाथ लौटे किसान

Fri, 18 Nov 2016 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली Updated Fri, 18 Nov 2016 11:30 PM IST
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No cash in banks, returned empty-handed farmer
नोट की सच्चाई
पुराने नोट बंदी के बाद केंद्र सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से 25 हजार रुपये निकालने के निर्देश दिए हैं, लेकिन यह होता नहीं दिख रहा है। वजह बैंकों में नई करेंसी की उपलब्धता न होना है।
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इक्का-दुक्का बैंकें ही हैं, जहां पर किसान क्रेडिट कार्ड से कुछ हद तक भुगतान किया जा रहा है। उम्मीद है कि जताई जा रही है कि जल्द किसानों की समस्या दूर होगी। 
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जिले में दो लाख तीन हजार किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बने हुए हैं।

केंद्र सरकार ने रबी की फसल की बोवाई के सीजन में किसानों की परेशानी देखते हुए उनको अपने खाते से प्रति सप्ताह 25000 रुपये धन निकालने की सुविधा शुरू की है। शुक्रवार को किसान अपने निकट की बैंक शाखाओं में धन निकालने के लिए पहुंचे, लेकिन किसानों को निराशा हाथ लगी। ग्रामीण क्षेत्र की बैंको ने कैश की कमी बताकर हाथ खड़े कर दिए। इसके अलावा सहकारी बैंक तो पहले से ही खाली चल रहे हैं।
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उनके पास हर किसान को भुगतान करने के लिए धन नहीं है। जिले में किसानों को केसीसी कार्ड से पए फरमान के बाद रुपये नहीं मिल पाए। यही हाल रहा तो किसानों की गेहूं की बोवाई पिछड़ सकती है। हालांकि बैंक अधिकारियों का दावा है कि जल्द हालात सामान्य हो जाएंगे। कार्यवाहक एलडीएम सौरभ कुमार का कहना है कि किसानों को धन मुहैया कराने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

तिलोई (रायबरेली)। तिलोई क्षेत्र के रस्तामऊ के किसान करीम खान कहते हैं कि वह अपना केसीसी लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा रस्तामऊ गए। अपने केसीसी खाते से 25000 रुपये की रकम निकालने का विड्राल भरा। बैंक प्रबंधक ने उनको कैश कमी बताकर पैसे नहीं दिए।

सहकारी समितियों व सहकारी बैंकों से भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। जमुरावां के किसान  राजकुमार का कहना है कि ग्रामीण बैंक जमुरावां में केसीसी से 25000  रुपये निकालने गए थे। उनको भी शाखा प्रबंधक ने कहा कि उनकी शाखा में नई करेंसी उपलब्ध नहीं है।

इस कारण भुगतान नहीं कर पाएंगे तो उन्हें वापस लौटना पड़ा। केंद्र सरकार को आदेश के साथ बैंक शाखाओं में पर्याप्त धन की व्यवस्था करनी चाहिए। जमुरावां के किसान जगेंद्र यादव कहते हैं कि ग्रामीण बैंक में केसीसी से गेहूं की बोआई के लिए पैसा निकालने गए। लाइन में लगने के बाद जब उनका नंबर आया तो बताया गया कि उनको देने के लिए 25000 रुपये नहीं हैं।


ऐसे में खेती कैसे होगी इसको लेकर वे परेशान हैं। मेढ़ौना के किसान काशी प्रसाद कहते हैं कि अपना केसीसी कार्ड लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा छतहुंआ पहुंचे। केंद्र सरकार के नए फरमान के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड से रूप निकालने का फॉर्म भरा लेकिन रुपये नहीं दिए गए। यहां भी कहा गया कि शाखा में कैश उपलब्ध नहीं है।
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