{"_id":"5f2d65b8442ac081e2596e347ba0842d","slug":"myanmar-saw-the-team-working-of-telemedicine-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"म्यांमार की टीम ने देखी टेलीमेडिसिन की कार्यशैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
म्यांमार की टीम ने देखी टेलीमेडिसिन की कार्यशैली
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2015 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन से टेलीमेडिसिन के संबंध में पूरी जानकारी ली।
टीम ने जिला अस्पताल में बैठे-बैठे ही एसजीपीजीआई लखनऊ के वरिष्ठ चिकित्सकों से इलाज के संबंध में संपर्क करने के तरीके को देखा। टेलीमेडिसिन की कार्यशैली को देखकर टीम काफी प्रभावित हुई।
सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से म्यांमार की टीम एसजीपीजीआई लखनऊ में टेलीमेडिसिन की कार्य प्रणाली को देखने के लिए आई है।
म्यांमार की डॉ. जा जिन थीन, डॉ. स्यू जिन विन, डॉ. खिनखिन टी व सीनियर नर्स डॉ. थंडर विन की टीम गुरुवार को जिला अस्पताल पहुंची।
टीम के साथ एसजीपीजीआईसी के टेलीमेडिसिन इंस्टीट्यूट के एडमिनिस्ट्रेटर इंदर प्रताप सिंह व संदीप कुमार भी थे। टीम ने सबसे पहले सीएमओ व रेडियोलॉजिस्ट से मुलाकात करके स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जाना।
विज्ञापन
बाद में टेलीमेडिसिन सेंटर पहुंचकर काम करने के तरीके को देखा। करीब दो घंटे तक रही टीम ने टेलीमेडिसिन के काम करने के हर पहलुओं को देखा।
विज्ञापन
टीम ने जिला अस्पताल में बैठे-बैठे ही एसजीपीजीआई लखनऊ के वरिष्ठ चिकित्सकों से इलाज के संबंध में संपर्क करने के तरीके को देखा। टेलीमेडिसिन की कार्यशैली को देखकर टीम काफी प्रभावित हुई।
सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से म्यांमार की टीम एसजीपीजीआई लखनऊ में टेलीमेडिसिन की कार्य प्रणाली को देखने के लिए आई है।
विज्ञापन
म्यांमार की डॉ. जा जिन थीन, डॉ. स्यू जिन विन, डॉ. खिनखिन टी व सीनियर नर्स डॉ. थंडर विन की टीम गुरुवार को जिला अस्पताल पहुंची।
टीम के साथ एसजीपीजीआईसी के टेलीमेडिसिन इंस्टीट्यूट के एडमिनिस्ट्रेटर इंदर प्रताप सिंह व संदीप कुमार भी थे। टीम ने सबसे पहले सीएमओ व रेडियोलॉजिस्ट से मुलाकात करके स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जाना।
विज्ञापन
बाद में टेलीमेडिसिन सेंटर पहुंचकर काम करने के तरीके को देखा। करीब दो घंटे तक रही टीम ने टेलीमेडिसिन के काम करने के हर पहलुओं को देखा।