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कांग्रेस के उम्मीदवारों पर सबसे अधिक मुकदमे, सपा व भाजपा उम्मीदवार भी पीछे नहीं
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रायबरेली। विधानसभा की पांच सीटों में से कांग्रेस ने तीन पर ऐसे प्रत्याशी उतारे हैं, जिन पर आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। सपा और भाजपा ने भी आपराधिक मुकदमों वाले दो-दो उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
बसपा के पांचों उम्मीदवारों पर एक भी आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं। हालांकि बसपा के उम्मीदवार सबसे कम पढ़े-लिखे हैं। संपत्ति के मामले में भी अन्य पार्टी उम्मीदवारों की तुलना में काफी कम है।
विधानसभा क्षेत्र की पांच सीटों सदर, ऊंचाहार, हरचंदपुर, बछरावां और सरेनी में नामांकन पत्र जमा करने का काम गुरुवार को पूरा हो गया। भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।
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सभी पार्टियां आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों से दूर रहने का ढिंढोरा पीट रही हैं, लेकिन बसपा को अलग कर दिया जाए तो राजनीतिक पार्टियों ने कई सीटों पर ऐसे प्रत्याशी उतारे हैं, जिनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सबसे ज्यादा 10 आपराधिक मामले भाजपा से सरेनी उम्मीदवार धीरेंद्र बहादुर सिंह पर दर्ज हैं। दूसरे नंबर पर सपा से सदर क्षेत्र से उम्मीदवार राम प्रताप यादव पर आठ मामले दर्ज हैं।
हरचंदपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह पर तीन, ऊंचाहार सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार अतुल सिंह, हरचंदपुर से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र विक्रम सिंह और ऊंचाहार से सपा प्रत्याशी डॉ. मनोज पांडेय पर दो-दो मुकदमे दर्ज हैं। सरेनी से कांग्रेस की प्रत्याशी सुधा द्विवेदी पर एक आपराधिक मामला दर्ज है। बसपा के एक भी उम्मीदवार पर मुकदमे नहीं हैं।
महिलाओं पर सपा ने नहीं लगाया दांव, बसपा के दो उम्मीदवार
विधानसभा चुनाव में बड़ी राजनीतिक पार्टियां महिलाओं को लेकर पूरी तरह से सजग नहीं दिख रही हैं। चुनाव में महिलाओं को भागीदारी देने में सपा सबसे पीछे रह गई।
सपा ने एक भी महिला प्रत्याशी को नहीं उतारा है। भाजपा ने सदर सीट से विधायक अदिति सिंह और कांग्रेस ने सरेनी सीट से सुधा द्विवेदी को उम्मीदवार बनाया है। अन्य सीटों पर पुरुषों को उतारा गया है। बसपा महिलाओं को चुनाव में भागीदारी देने में सबसे आगे है। बसपा ने दो महिलाओं ऊंचाहार से अंजली मौर्या और बछरावां से लाजवंती कुरील पर दांव लगाया है।
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बसपा के पांचों उम्मीदवारों पर एक भी आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं। हालांकि बसपा के उम्मीदवार सबसे कम पढ़े-लिखे हैं। संपत्ति के मामले में भी अन्य पार्टी उम्मीदवारों की तुलना में काफी कम है।
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विधानसभा क्षेत्र की पांच सीटों सदर, ऊंचाहार, हरचंदपुर, बछरावां और सरेनी में नामांकन पत्र जमा करने का काम गुरुवार को पूरा हो गया। भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।
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सभी पार्टियां आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों से दूर रहने का ढिंढोरा पीट रही हैं, लेकिन बसपा को अलग कर दिया जाए तो राजनीतिक पार्टियों ने कई सीटों पर ऐसे प्रत्याशी उतारे हैं, जिनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सबसे ज्यादा 10 आपराधिक मामले भाजपा से सरेनी उम्मीदवार धीरेंद्र बहादुर सिंह पर दर्ज हैं। दूसरे नंबर पर सपा से सदर क्षेत्र से उम्मीदवार राम प्रताप यादव पर आठ मामले दर्ज हैं।
हरचंदपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह पर तीन, ऊंचाहार सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार अतुल सिंह, हरचंदपुर से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र विक्रम सिंह और ऊंचाहार से सपा प्रत्याशी डॉ. मनोज पांडेय पर दो-दो मुकदमे दर्ज हैं। सरेनी से कांग्रेस की प्रत्याशी सुधा द्विवेदी पर एक आपराधिक मामला दर्ज है। बसपा के एक भी उम्मीदवार पर मुकदमे नहीं हैं।
महिलाओं पर सपा ने नहीं लगाया दांव, बसपा के दो उम्मीदवार
विधानसभा चुनाव में बड़ी राजनीतिक पार्टियां महिलाओं को लेकर पूरी तरह से सजग नहीं दिख रही हैं। चुनाव में महिलाओं को भागीदारी देने में सपा सबसे पीछे रह गई।
सपा ने एक भी महिला प्रत्याशी को नहीं उतारा है। भाजपा ने सदर सीट से विधायक अदिति सिंह और कांग्रेस ने सरेनी सीट से सुधा द्विवेदी को उम्मीदवार बनाया है। अन्य सीटों पर पुरुषों को उतारा गया है। बसपा महिलाओं को चुनाव में भागीदारी देने में सबसे आगे है। बसपा ने दो महिलाओं ऊंचाहार से अंजली मौर्या और बछरावां से लाजवंती कुरील पर दांव लगाया है।