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प्रवेश के इंतजार में 1055 बच्चे, सीटें बढ़ाने की मांग
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रायबरेली। एक तरफ जहां जिले के ज्यादातर महाविद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए छात्र-छात्राएं पहुंच नहीं रहे हैं, वहीं शहर के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में सभी सीटें भरने के बाद भी काफी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश पाने से वंचित हैं।
प्रवेश प्रक्रिया खत्म हो चुकी है, जिससे दूसरी जगह एडमीशन भी नहीं ले पा रहे हैं। छात्र-छात्राओं की इस समस्या को देखते हुए महाविद्यालय प्रबंधतंत्र ने लखनऊ विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की मांग की है।
फिरोज गांधी महाविद्यालय में स्नातक में 1260 सीटें हैं। बीए में 720, बीकॉम में 180 और बीएससी में 360 सीटें हैं। यहां निर्धारित सीटों से डेढ़-दो गुना अधिक आवेदन आए थे। प्रवेश लेने से पहले वरीयता सूची बनाई गई थी।
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मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश लिए गए थे। बीए, बीकॉम, बीएससी में निर्धारित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई जा चुकी है। इसके बाद भी बीए में 743, बीकॉम में 130 और बीएससी में 182 छात्र-छात्राओं का प्रवेश नहीं हो सका है।
महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, जिससे इंतजार में बैठे छात्र-छात्राएं दूसरी जगह भी दाखिला नहीं ले सके।
एफजी महाविद्यालयों में अधिक मेरिट वाले छात्र-छात्राएं आवेदन करते हैं, फिर भी प्रवेश पाने से वंचित रह जाते हैं। छात्र-छात्राओं की समस्या को देखते हुए महाविद्यालय प्रबंधन ने लखनऊ विश्वविद्यालय को पत्र भेजा है, जिसमें 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की मांग की गई है।
प्राचार्य डॉ. बीडी मिश्र ने बताया कि लखनऊ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की मांग की है।
कॉलेज में आवेदन करने वाले ज्यादातर छात्र-छात्राएं पढ़ाई में अव्वल हैं। सभी सीटें भरने के बाद भी काफी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश पाने से वंचित रह गए हैं।
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प्रवेश प्रक्रिया खत्म हो चुकी है, जिससे दूसरी जगह एडमीशन भी नहीं ले पा रहे हैं। छात्र-छात्राओं की इस समस्या को देखते हुए महाविद्यालय प्रबंधतंत्र ने लखनऊ विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की मांग की है।
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फिरोज गांधी महाविद्यालय में स्नातक में 1260 सीटें हैं। बीए में 720, बीकॉम में 180 और बीएससी में 360 सीटें हैं। यहां निर्धारित सीटों से डेढ़-दो गुना अधिक आवेदन आए थे। प्रवेश लेने से पहले वरीयता सूची बनाई गई थी।
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मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश लिए गए थे। बीए, बीकॉम, बीएससी में निर्धारित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई जा चुकी है। इसके बाद भी बीए में 743, बीकॉम में 130 और बीएससी में 182 छात्र-छात्राओं का प्रवेश नहीं हो सका है।
महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, जिससे इंतजार में बैठे छात्र-छात्राएं दूसरी जगह भी दाखिला नहीं ले सके।
एफजी महाविद्यालयों में अधिक मेरिट वाले छात्र-छात्राएं आवेदन करते हैं, फिर भी प्रवेश पाने से वंचित रह जाते हैं। छात्र-छात्राओं की समस्या को देखते हुए महाविद्यालय प्रबंधन ने लखनऊ विश्वविद्यालय को पत्र भेजा है, जिसमें 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की मांग की गई है।
प्राचार्य डॉ. बीडी मिश्र ने बताया कि लखनऊ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की मांग की है।
कॉलेज में आवेदन करने वाले ज्यादातर छात्र-छात्राएं पढ़ाई में अव्वल हैं। सभी सीटें भरने के बाद भी काफी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश पाने से वंचित रह गए हैं।