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पालिकाध्यक्ष की गाड़ी के सामने धरने पर बैठे सभासद, लगाए नारे
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रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली की बोर्ड की बैठक में मंगलवार को खूब हंगामा हुआ। पालिकाध्यक्ष के बोर्ड की बैठक को बीच में ही छोड़कर चले जाने से सभासद उग्र हो गए। सभी सुपर मार्केट में पालिकाध्यक्ष की गाड़ी के सामने ही धरने पर बैठ गए। मुर्दाबाद के नारे लगाए।
सभी का आरोप था कि बोर्ड की बैठक में न तो बोलने दिया गया और न ही उनके प्रस्ताव पर ध्यान दिया गया। उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है। दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन होता रहा। सभी ने बोर्ड की बैठक को निरस्त किए जाने की मांग की। जानकारी होने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट जीतलाल सैनी और कोतवाल अतुल सिंह ने मौके पर पहुंचकर सभासदों को किसी तरह समझाकर शांत कराया।
सुपर मार्केट स्थित नगर पालिका कार्यालय के सभागार में दोपहर एक बजे पालिकाध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव, ईओ डॉ.आशीष सिंह और सभासदों की मौजूदगी में नगर पालिका बोर्ड की बैठक शुरू हुई। हंगामे की आशंका को देखते हुए पहले से ही काफी पुलिस बल भी तैनात था।
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बोर्ड की बैठक में अपनी बात न रखे जाने से खफा सभासदों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा तब और बढ़ गया, जब पालिकाध्यक्ष बोर्ड की बैठक बीच में ही छोड़कर चली गईं। सभासदों का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष को मनाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने बातों को अनसुना कर दिया।
इससे खफा सभासद पूनम तिवारी, धर्मेंद्र द्विवेदी, अजीत मौर्य, अनुभव मिश्रा, वसीम अहमद, सतीश मिश्रा, महादेव प्रसाद त्रिवेदी, रुखसाना बेगम समेत 10 सभासद कार्यालय से नीचे उतरकर पालिकाध्यक्ष की गाड़ी के सामने ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान पालिकाध्यक्ष मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।
सभासद पूनम तिवारी ने आरोप लगाया कि बैठक में न तो हमें बोलने का मौका दिया गया और न ही हमारे प्रस्ताव पर विचार किया गया। हर बार पालिकाध्यक्ष बोर्ड की बैठक छोड़कर चली जाती हैं। तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। आरोप लगाया कि हर सभासद को 25 लाख रुपये के विकास कार्य कराने के अधिकार आज तक नहीं दिया गया।
सभासदों के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही अतिरिक्त मजिस्ट्रेट जीतलाल सैनी और कोतवाल मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने सभी को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हो रहा था।
सभासदों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को संबोधित ज्ञापन डीएम के नाम दिया, जिसमें बोर्ड की बैठक को निरस्त किए जाने की मांग की गई। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने सभासदों की बात को डीएम तक पहुंचाकर उन्हें शांत कराया। करीब दो घटे तक जमकर हंगामा और प्रदर्शन होता रहा। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौके पर बुलाया गया था।
नगर पालिका परिषद रायबरेली की बोर्ड की बैठक सकुशल संपन्न हुई। बोर्ड की बैठक में शहर में विकास कराने का खाका खींचा गया। जो भी प्रस्ताव थे, उसे हरी झंडी दी गई। कुछ लोगों का काम ही बोर्ड की बैठक में हमेशा व्यवधान डालना रहा है। इस पर क्या कहा जा सकता है। बावजूद इसके बोर्ड की बैठक पूरी हुई और विकास कार्यों को कराने पर सहमति बनी।
पूर्णिमा श्रीवास्तव, पालिकाध्यक्ष
पालिकाध्यक्ष व सभासदों की मौजूदगी में नगर पालिका परिषद रायबरेली की बोर्ड की बैठक संपन्न कराई गई। कुछ सभासदों ने हंगामा जरूर किया, लेकिन इसका बोर्ड की बैठक पर कोर्ई फर्क नहीं पड़ा। विकास कार्यों को हरी झंडी दी गई।
डॉ.आशीष सिंह, ईओ
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सभी का आरोप था कि बोर्ड की बैठक में न तो बोलने दिया गया और न ही उनके प्रस्ताव पर ध्यान दिया गया। उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है। दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन होता रहा। सभी ने बोर्ड की बैठक को निरस्त किए जाने की मांग की। जानकारी होने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट जीतलाल सैनी और कोतवाल अतुल सिंह ने मौके पर पहुंचकर सभासदों को किसी तरह समझाकर शांत कराया।
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सुपर मार्केट स्थित नगर पालिका कार्यालय के सभागार में दोपहर एक बजे पालिकाध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव, ईओ डॉ.आशीष सिंह और सभासदों की मौजूदगी में नगर पालिका बोर्ड की बैठक शुरू हुई। हंगामे की आशंका को देखते हुए पहले से ही काफी पुलिस बल भी तैनात था।
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बोर्ड की बैठक में अपनी बात न रखे जाने से खफा सभासदों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा तब और बढ़ गया, जब पालिकाध्यक्ष बोर्ड की बैठक बीच में ही छोड़कर चली गईं। सभासदों का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष को मनाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने बातों को अनसुना कर दिया।
इससे खफा सभासद पूनम तिवारी, धर्मेंद्र द्विवेदी, अजीत मौर्य, अनुभव मिश्रा, वसीम अहमद, सतीश मिश्रा, महादेव प्रसाद त्रिवेदी, रुखसाना बेगम समेत 10 सभासद कार्यालय से नीचे उतरकर पालिकाध्यक्ष की गाड़ी के सामने ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान पालिकाध्यक्ष मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।
सभासद पूनम तिवारी ने आरोप लगाया कि बैठक में न तो हमें बोलने का मौका दिया गया और न ही हमारे प्रस्ताव पर विचार किया गया। हर बार पालिकाध्यक्ष बोर्ड की बैठक छोड़कर चली जाती हैं। तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। आरोप लगाया कि हर सभासद को 25 लाख रुपये के विकास कार्य कराने के अधिकार आज तक नहीं दिया गया।
सभासदों के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही अतिरिक्त मजिस्ट्रेट जीतलाल सैनी और कोतवाल मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने सभी को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हो रहा था।
सभासदों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को संबोधित ज्ञापन डीएम के नाम दिया, जिसमें बोर्ड की बैठक को निरस्त किए जाने की मांग की गई। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने सभासदों की बात को डीएम तक पहुंचाकर उन्हें शांत कराया। करीब दो घटे तक जमकर हंगामा और प्रदर्शन होता रहा। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौके पर बुलाया गया था।
नगर पालिका परिषद रायबरेली की बोर्ड की बैठक सकुशल संपन्न हुई। बोर्ड की बैठक में शहर में विकास कराने का खाका खींचा गया। जो भी प्रस्ताव थे, उसे हरी झंडी दी गई। कुछ लोगों का काम ही बोर्ड की बैठक में हमेशा व्यवधान डालना रहा है। इस पर क्या कहा जा सकता है। बावजूद इसके बोर्ड की बैठक पूरी हुई और विकास कार्यों को कराने पर सहमति बनी।
पूर्णिमा श्रीवास्तव, पालिकाध्यक्ष
पालिकाध्यक्ष व सभासदों की मौजूदगी में नगर पालिका परिषद रायबरेली की बोर्ड की बैठक संपन्न कराई गई। कुछ सभासदों ने हंगामा जरूर किया, लेकिन इसका बोर्ड की बैठक पर कोर्ई फर्क नहीं पड़ा। विकास कार्यों को हरी झंडी दी गई।
डॉ.आशीष सिंह, ईओ