फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   marriage

बेटी की कहानी : शादी तय कर पिता खत्म हो गए, अपनी चिंता छोड़ छोटी बहनों की रचाई शादी, मंगेतर धूमधाम से शादी पर अड़ा तो कोतवाल ने निभाई जिम्मेदारी, किया कन्यादान

Fri, 25 Jun 2021 10:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jun 2021 10:24 PM IST
विज्ञापन
marriage
महराजगंज (रायबरेली)। वैसे तो पुलिस के कामकाज को लेकर अक्सर अंगुलियां उठती रहती हैं, लेकिन तमाम विवादों के बीच पुलिस कभी-कभी कुछ ऐसा काम भी कर देती है, जिसकी सराहना हर कोई करने लगता है।
विज्ञापन

ऐसा ही मामला बृहस्पतिवार रात कस्बा महराजगंज में देखने को मिला। पुलिस की कोशिश से बिना बाप की एक बेटी को उसके सपनों का राजकुमार मिल गया।
सोनिका की मांग में सिंदूर भी भर गया। अग्नि के सात फेरे लगाकर वह दुल्हन बनी और पारंपरिक तरीके से उसकी डोली उठी। मामला क्षेत्र के शिवप्रसादगंज मजरे पहरावां का है।
विज्ञापन

यहां रहने वाले सुखदेव यादव ने अपनी बड़ी बेटी सोनिका की शादी अपने ही एक रिश्तेदार गुरुसेवक के बेटे आनंद यादव निवासी ग्राम कोहली मजरे रूपामऊ थाना डीह के साथ तय की थी, लेकिन सुखदेव की अचानक मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार में सुखदेव की दूसरी पत्नी यानी सोनिका की सौतेली मां कलावती का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। परिवार में सोनिका की दो छोटी बहनें भी हैं। पूरा परिवार बिखर गया।
अब सोनिका के सामने परिवार के पालन पोषण के साथ मां के इलाज और घर की जिम्मेदारी आ गई। धीरे-धीरे सोनिका ने पिता द्वारा छोड़ी गई। थोड़ी सी जमीन के सहारे अपना दायित्व संभाला और अपने से छोटी दोनों बहनों का विवाह किया। उसकी शादी की बात तो पीछे छूट गई।
हालांकि कुछ रिश्तेदारों-नातेदारों ने बीच में पढ़कर सुखदेव द्वारा जीते जी सोनिका की तय की हुई शादी के परिवार वालों से संपर्क साधा और प्रस्ताव रखा कि साधारण तरीके से सोनिका की शादी आनंद के साथ करा दी जाए, लेकिन आनंद के परिवार वाले लगातार दबाव बनाते रहे किए शादी होगी तो पारंपरिक ढंग से धूमधाम के साथ।
बरात लेकर वह लोग आएंगे, तभी शादी होगी, लेकिन आर्थिक रूप से टूट चुका सोनिका का परिवार यह बोझ उठाने को समर्थ नहीं था। मामला बिगड़ गया। वर पक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहा।
फिर सोनिका ने कोतवाली पहुंचकर कोतवाल रेखा सिंह को अपनी व्यथा कथा सुनाई। रेखा सिंह काफी द्रवित हो गईं और उन्होंने वर पक्ष को भी थाने बुलाया। दोनों पक्षों के बीच घंटों बातचीत चली, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
रेखा सिंह ने दोनों की शादी करने की ठानी। क्षेत्रीय संभ्रांत के साथ मिलकर कोतवाल ने लड़की की शादी कराई। रात में महराजगंज जिला पंचायत के गेस्ट हाउस में वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सारे रीति-रिवाजों के साथ बरात का द्वारचार हुआ। वर व वधू ने अग्नि के सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाईं। कोतवाल ने सोनिका के अभिभावक की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया।

बरातियों और जनातियों के लिए स्वादिष्ट भोजन का प्रबंध किया। रिमझिम बारिश के बीच लोगों का उत्साह फीका नहीं पड़ा। शुक्रवार सुबह सोनिका की विदाई हुई। थाने और चौकी के पुलिसकर्मियों और समाज के लोगों ने दुल्हा-दूल्हन के आशीर्वाद के साथ उपहार भी दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed