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सिंचाई विभाग ने पेड़ शिफ्ट करने पर लगाई रोक, काम ठप
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रायबरेली। जिले से होकर निकली शारदा सहायक नहर की पटरी के किनारे पेड़ शिफ्ट करने पर सिंचाई विभाग ने रोक लगा दी है। विभाग ने शारदा सहायक की पटरी पर पेड़ शिफ्ट कराने से इंकार कर दिया है। इससे रायबरेली-प्रयागराज हाईवे किनारे 2500 पेड़ों को हटाने का काम ठप हो गया है।
अब इन पेड़ों को एम्स के अलावा मुंशीगंज-डलमऊ मार्ग, वन ब्लॉकों में शिफ्ट करना है। एम्स में 40 गड्ढे खोदे जा चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी पेड़ वहां नहीं पहुंचा है। लेटलतीफी से रायबरेली-प्रयागराज हाईवे पर बनने वाले तीन बाईपास का निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है।
रायबरेली-प्रयागराज हाईवे पर जिले में तीन और प्रतापगढ़ जिले में एक बाईपास बनाया जाना है। इसके लिए पेड़ों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना है। वन विभाग ने पेड़ उखड़वाने का काम कराकर उन्हें शारदा सहायक नहर की पटरी के किनारे शिफ्ट कराना शुरू कराया।
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तीन दिन बाद ही सिंचाई विभाग के अफसर रोड़ा बन गए। इसके बाद काम ठप हो गया। वन विभाग ने 40 पेड़ शिफ्ट करने के लिए एम्स में गड्ढे खोदवाए, लेकिन एक भी पेड़ नहीं पहुंच सका है।
बिना संसाधन के ले जाए जा रहे पेड़, हो सकता हादसा
वन विभाग ने आधी-अधूरी तैयारियों के बीच पेड़ उखड़वाना तो शुरू कर दिया है, लेकिन संसाधन नाकाफी हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।
एक जेसीबी और हाइड्रा की मदद से पेड़ उखाड़े और रखे जा रहे हैं। कर्मचारी जान जोखिम में डालकर पेड़ पर उतर व चढ़ रहे हैं। पेड़ उखाड़ने और लगाने में मनमानी हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि उस मशीन से पेड़ उखड़वाना चाहिए, जिससे जड़ के साथ मिट्टी समेत पेड़ बाहर लाया जा सके, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
सीपेज के साथ-साथ नहर कटने का रहता डर
शारदा सहायक नहर की पटरी में पेड़ लगाने की जानकारी हुई थी। स्टाफ भेजकर काम रोकवा दिया गया है। पटरी के किनारे पेड़ लगाने से उसकी जड़ें नहर तक पहुंच जातीं। इससे सीपेज के साथ-साथ नहर कटने का डर बना रहता। इसे देखते हुए पेड़ लगाने से रोका गया है।
-हरीश कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड
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अब इन पेड़ों को एम्स के अलावा मुंशीगंज-डलमऊ मार्ग, वन ब्लॉकों में शिफ्ट करना है। एम्स में 40 गड्ढे खोदे जा चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी पेड़ वहां नहीं पहुंचा है। लेटलतीफी से रायबरेली-प्रयागराज हाईवे पर बनने वाले तीन बाईपास का निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है।
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रायबरेली-प्रयागराज हाईवे पर जिले में तीन और प्रतापगढ़ जिले में एक बाईपास बनाया जाना है। इसके लिए पेड़ों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना है। वन विभाग ने पेड़ उखड़वाने का काम कराकर उन्हें शारदा सहायक नहर की पटरी के किनारे शिफ्ट कराना शुरू कराया।
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तीन दिन बाद ही सिंचाई विभाग के अफसर रोड़ा बन गए। इसके बाद काम ठप हो गया। वन विभाग ने 40 पेड़ शिफ्ट करने के लिए एम्स में गड्ढे खोदवाए, लेकिन एक भी पेड़ नहीं पहुंच सका है।
बिना संसाधन के ले जाए जा रहे पेड़, हो सकता हादसा
वन विभाग ने आधी-अधूरी तैयारियों के बीच पेड़ उखड़वाना तो शुरू कर दिया है, लेकिन संसाधन नाकाफी हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।
एक जेसीबी और हाइड्रा की मदद से पेड़ उखाड़े और रखे जा रहे हैं। कर्मचारी जान जोखिम में डालकर पेड़ पर उतर व चढ़ रहे हैं। पेड़ उखाड़ने और लगाने में मनमानी हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि उस मशीन से पेड़ उखड़वाना चाहिए, जिससे जड़ के साथ मिट्टी समेत पेड़ बाहर लाया जा सके, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
सीपेज के साथ-साथ नहर कटने का रहता डर
शारदा सहायक नहर की पटरी में पेड़ लगाने की जानकारी हुई थी। स्टाफ भेजकर काम रोकवा दिया गया है। पटरी के किनारे पेड़ लगाने से उसकी जड़ें नहर तक पहुंच जातीं। इससे सीपेज के साथ-साथ नहर कटने का डर बना रहता। इसे देखते हुए पेड़ लगाने से रोका गया है।
-हरीश कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड