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Raebareli News: वीरान पड़े औद्योगिक क्षेत्रों में लगेंगे 4000 करोड़ के उद्योग

Sun, 25 Jan 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Sun, 25 Jan 2026 11:56 PM IST
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Industries worth Rs 4000 crore will be set up in deserted industrial areas
लालगंज औद्योगिक क्षेत्र में बंद पड़ी फैक्ट्री।
रायबरेली। स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) में शामिल होने के बाद रायबरेली के वीरान पड़े औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने की कवायद तेज हो गई है। चार दशक से उपेक्षित छतोह और परशदेपुर की भूमि पर नए उद्योगों की स्थापना की जाएगी, जबकि लालगंज, सलोन और महराजगंज के बंद पड़े उद्योगों को फिर से चालू करने का अवसर मिलेगा। इस पहल से कुल 4000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 1.20 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
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इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) की ओर से नाली, सड़क आदि का काम नहीं कराया है। अब जिम्मा उद्योग केंद्र को मिलने के बाद जल्द विकास का पहिया दौड़ेगा। लखनऊ, रायबरेली समेत छह जिलों को शामिल करके एससीआर के माध्यम से विकास का खाका लखनऊ विकास प्राधिकरण तैयार कर रहा है।
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जिले को मेट्रो, रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम, फ्लाइंग स्कूल, छोटा हवाई अड्डा, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग, शॉपिंग मॉल, और मल्टीप्लेक्स आदि की सुविधा मिल सकेगी। एससीआर में पूरे जिले को शामिल किया गया है। विकास का खाका जल्द ही तैयार होने के बाद काम शुरू होगा। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में बेकार पड़ी भूमि पर उद्यम स्थापित कराने की कार्ययोजना है। अब तक इन औद्योगिक क्षेत्रों के विकास का जिम्मा यूपीसीडा के पास था।
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वर्ष 1986 से इन क्षेत्रों में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया गया। उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहिताश सिंह के प्रयास से अब राज्य सरकार से यूपीसीडा से जिम्मा छीनकर उद्योग केंद्र को सौंप दिया है। स्थिति यह है कि छतोह में 10.69 एकड़ और परशदेपुर में 10.10 एकड़ भूमि बेकार पड़ी है। अब तक यहां उद्यम स्थापित कराने का प्रयास तक नहीं किया गया।

लालगंज में आधे से अधिक उद्यम सुविधाओं के अभाव में बंद हो गए हैं। महराजगंज और सलोन में भी यही हाल है। सुविधाओं के नाम पर उद्यमियों को कुछ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रों का जिम्मा उद्योग केंद्र को मिलने और जिले के एससीआर में शामिल होने के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यम स्थापित होने की उम्मीद बढ़ गई है।


रायबरेली के औद्योगिक क्षेत्र
औद्योगिक क्षेत्र -क्षेत्रफल (एकड़)

सलोन -13.35

लालगंज- 10.47

महराजगंज- 12.74

छतोह -10.69

परशदेपुर- 10.10



घर में ही बेरोजगारों को मिलेगा काम

औद्योगिक क्षेत्रों की जिम्मेदारी यूपीसीडा से वापस लेकर जिला उद्योग को दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहिताश सिंह तूफानी का कहना है कि जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में एससीआर से चार हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद है। 40,000 लोगों को प्रत्यक्ष व 80,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।


बेरोजगारों को घर में ही काम मिलेगा। खासकर क्षेत्रीय उद्यमियों को उद्योग लगाने का मौका मिलने के साथ ही विकास भी होगा। इससे सरकार को भी 400 करोड़ का राजस्व मिलेगा। उद्योग केंद्र को जिम्मा देने पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद को धन्यवाद दिया है।
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