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Gonda News: कुत्तों के हमले की बढ़ीं घटनाएं
Wed, 09 Sep 2026 11:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 09 Sep 2026 11:04 PM IST
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गोंडा मेडिकल कॉलेज में बेटी को एआरवी लगवाने पहुंची महिला।
गोंडा। जिले में कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बीते एक सप्ताह में 1253 लोगों को एआरवी लगाई गई है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन औसतन करीब 170 मरीज कुत्ते के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे रहते हैं।
बुधवार को तरबगंज के खूदेपुर निवासी सृष्टि अपनी मां के साथ एआरवी लगवाने आई थी। मां ने बताया कि मंगलवार को सृष्टि बाहर खेल रही थी, तभी अचानक कुत्ते ने हमला कर दिया। घाव हो गया है। इसी तरह अचलपुर की परी को भी स्वास्थ्य कर्मियों ने इंजेक्शन लगाया। अगले सप्ताह फिर बुलाया है।
चिकित्सक दीपक सिंह का कहना है कि कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की है, जिन्हें गांव के गली-मोहल्लों में घूमने वाले आवारा कुत्तों ने काटा है। कई मामलों में बच्चों को भी कुत्तों के हमले का शिकार होना पड़ रहा है। कुत्ते के काटने के बाद लोग एआरवी लगवाने के लिए मेडिकल कॉलेज की एंटी रेबीज इंजेक्शन कक्ष में पहुंच रहे हैं।
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चिकित्सक से परामर्श जरूरी
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आफताब आलम ने बताया कि कुत्ते के काटने या खरोंच लगने को मामूली नहीं समझना चाहिए। त्वचा पर घाव या खरोंच होने की स्थिति में तत्काल घाव को साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। चिकित्सक से परामर्श लेकर समय पर एआरवी समेत आवश्यक उपचार कराना जरूरी है। देरी करने पर रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा हो सकता है।
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बुधवार को तरबगंज के खूदेपुर निवासी सृष्टि अपनी मां के साथ एआरवी लगवाने आई थी। मां ने बताया कि मंगलवार को सृष्टि बाहर खेल रही थी, तभी अचानक कुत्ते ने हमला कर दिया। घाव हो गया है। इसी तरह अचलपुर की परी को भी स्वास्थ्य कर्मियों ने इंजेक्शन लगाया। अगले सप्ताह फिर बुलाया है।
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चिकित्सक दीपक सिंह का कहना है कि कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की है, जिन्हें गांव के गली-मोहल्लों में घूमने वाले आवारा कुत्तों ने काटा है। कई मामलों में बच्चों को भी कुत्तों के हमले का शिकार होना पड़ रहा है। कुत्ते के काटने के बाद लोग एआरवी लगवाने के लिए मेडिकल कॉलेज की एंटी रेबीज इंजेक्शन कक्ष में पहुंच रहे हैं।
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चिकित्सक से परामर्श जरूरी
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आफताब आलम ने बताया कि कुत्ते के काटने या खरोंच लगने को मामूली नहीं समझना चाहिए। त्वचा पर घाव या खरोंच होने की स्थिति में तत्काल घाव को साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। चिकित्सक से परामर्श लेकर समय पर एआरवी समेत आवश्यक उपचार कराना जरूरी है। देरी करने पर रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा हो सकता है।